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सुशांत के जीवन पर नहीं बन रही फिल्म
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नई दिल्ली। दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के जीवन पर आधारित कोई फिल्म नहीं बनाई जा रही है। ‘शशांक’ नाम की फिल्मोद्योग में बाहरी लोगों के संघर्ष को चित्रित करते हुए बनाई जा रही है। फिल्म के निर्देशक मनोज मिश्रा ने यह तर्क हाईकोर्ट के समक्ष रखा।
मनोज मिश्रा ने सुशांत के पिता कृष्ण किशोर सिंह के उस तर्क को गलत बताया कि बिना उनकी रजामंदी के उनके बेटे के जीवन पर फिल्म बनाई जा रही है। फिल्मकार ने दावा किया कि फिल्म ‘शशांक’ और सुशांत सिंह राजपूत के नाम में अंतर है। फिल्म की कहानी चार व्यक्तियों पर आधारित है, जो मुंबई में फिल्म इंडस्ट्री में भाई-भतीजावाद के खिलाफ संघर्ष करते हैं और लड़ते हैं। ऐेसे में उनकी फिल्म की तुलना सुशांत से करना उचित नहीं है। कृष्ण किशोर सिंह ने याचिका दायर कर फिल्म को उनके बेटे से जुड़े नाम से रिलीज करने पर रोक लगाने की मांग की थी।
निर्देेशक की ओर से पेश अधिवक्ता एपी सिंह ने दिल्ली की अदालत में याचिका दायर करने को लेकर अधिकार क्षेत्र पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि याची सिंह बिहार में रहते हैं, जबकि सुशांत की मौत मामले में मुंबई में मामला दर्ज है और जांच चल रही है। उनके मुवक्किल का पता महाराष्ट्र का है। ऐसे में दिल्ली की अदालत में सुनवाई का अधिकार क्षेत्र नहीं है। उन्होंने कहा कि फिल्म ‘शशांक’ पूरी तरह से बाहरी लोगों पर आधारित है, जो संघर्ष करते हैं। सुशांत की मौत मामले से इसका कोई लेना-देना नहीं। ऐसे में याचिका खारिज की जाए।
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न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी ने हाल ही में इस मामले में निर्देशक को नोटिस जारी किया था। मामले की सुनवाई 24 मई को होनी है। हाईकोर्ट के नोटिस पर निर्देशक ने जवाब दाखिल किया है। सुशांत सिंह राजपूत के पिता कृष्ण किशोर सिंह ने तर्क रखा था कि फिल्म निर्माता उनके बेटे की मौत को लेकर स्थिति का लाभ उठाते हुए, गलत इरादों के लिए इस अवसर को भुनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि विभिन्न नाटक, फिल्म, वेब शृंखला, किताबें, साक्षात्कार या अन्य सामग्री प्रकाशित होने से उनके परिवार व बेटे की प्रतिष्ठा को नुकसान होगा।
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मनोज मिश्रा ने सुशांत के पिता कृष्ण किशोर सिंह के उस तर्क को गलत बताया कि बिना उनकी रजामंदी के उनके बेटे के जीवन पर फिल्म बनाई जा रही है। फिल्मकार ने दावा किया कि फिल्म ‘शशांक’ और सुशांत सिंह राजपूत के नाम में अंतर है। फिल्म की कहानी चार व्यक्तियों पर आधारित है, जो मुंबई में फिल्म इंडस्ट्री में भाई-भतीजावाद के खिलाफ संघर्ष करते हैं और लड़ते हैं। ऐेसे में उनकी फिल्म की तुलना सुशांत से करना उचित नहीं है। कृष्ण किशोर सिंह ने याचिका दायर कर फिल्म को उनके बेटे से जुड़े नाम से रिलीज करने पर रोक लगाने की मांग की थी।
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निर्देेशक की ओर से पेश अधिवक्ता एपी सिंह ने दिल्ली की अदालत में याचिका दायर करने को लेकर अधिकार क्षेत्र पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि याची सिंह बिहार में रहते हैं, जबकि सुशांत की मौत मामले में मुंबई में मामला दर्ज है और जांच चल रही है। उनके मुवक्किल का पता महाराष्ट्र का है। ऐसे में दिल्ली की अदालत में सुनवाई का अधिकार क्षेत्र नहीं है। उन्होंने कहा कि फिल्म ‘शशांक’ पूरी तरह से बाहरी लोगों पर आधारित है, जो संघर्ष करते हैं। सुशांत की मौत मामले से इसका कोई लेना-देना नहीं। ऐसे में याचिका खारिज की जाए।
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न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी ने हाल ही में इस मामले में निर्देशक को नोटिस जारी किया था। मामले की सुनवाई 24 मई को होनी है। हाईकोर्ट के नोटिस पर निर्देशक ने जवाब दाखिल किया है। सुशांत सिंह राजपूत के पिता कृष्ण किशोर सिंह ने तर्क रखा था कि फिल्म निर्माता उनके बेटे की मौत को लेकर स्थिति का लाभ उठाते हुए, गलत इरादों के लिए इस अवसर को भुनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि विभिन्न नाटक, फिल्म, वेब शृंखला, किताबें, साक्षात्कार या अन्य सामग्री प्रकाशित होने से उनके परिवार व बेटे की प्रतिष्ठा को नुकसान होगा।