दावा: रेलवे ट्रैक-पुल उड़ाने की रची थी साजिश, बड़ी सभाएं भी थीं निशाने पर, 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट को दोहराना चाहते थे आतंकी
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के सूत्रों के मुताबिक, पाक-संगठित आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा रहे आतंकवादियों को रेलवे पटरियों और पुलों को उड़ाने का प्रशिक्षण दिया गया था। स्लीपर सेल की भी भूमिका सामने आई है। उन्होंने बताया कि जांच से पता चलता है कि पाकिस्तान द्वारा संचालित आतंकी मॉड्यूल की योजना 1993 के मुंबई सीरियल बम धमाकों की तर्ज पर थी।
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पूरे देश को दहलाने की साजिश में पकड़े गए छह आतंकियों ने पूछताछ में अहम खुलासा किया है। देश के कई राज्यों को दहलाने की साजिश रची थी। इसके लिए आईएसआई व अंडरवर्ल्ड बड़े पैमाने पर तैयारी कर रहे थे। आतंकियों ने खुलासा किया है कि अभी इन्हें रैकी व हथियारों को इंतजाम करने के लिए कहा गया था। आईएसआई के निर्देश मिलने के बाद कई राज्यों के मेट्रो शहरों में बम धमाके करने थे।
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के सूत्रों के मुताबिक, पाक-संगठित आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा रहे आतंकवादियों को रेलवे पटरियों और पुलों को उड़ाने का प्रशिक्षण दिया गया था। बड़ी सभाएं भी उनके निशाने पर थीं। स्लीपर सेल की भी भूमिका सामने आई है।
उन्होंने बताया कि जांच से पता चलता है कि पाकिस्तान द्वारा संचालित आतंकी मॉड्यूल की योजना 1993 के मुंबई सीरियल बम धमाकों की तर्ज पर थी। अलग-अलग जगहों की रेकी करने के बाद अलग-अलग जगहों से लोगों को मिलना था।
The terrorists who were part of the recently busted Pak-organised terror module were given training in blowing up railway tracks and bridges. Large gatherings were also on their target. The role of sleeper cells has also emerged: Delhi Police Special Cell sources
— ANI (@ANI) September 16, 2021
सूत्रों के मुताबिक, पाक संगठित आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा रहे दो आतंकवादियों ने पाकिस्तान की यात्रा की, लेकिन उनके पासपोर्ट पर कोई मोहर नहीं थी। उन्होंने ग्वादर पोर्ट के माध्यम से समुद्री मार्ग का रास्ता चुना। ओमान से पाकिस्तान की ओर जाते समय मोटर बोट भी बदली।
बता दें कि गिरफ्तार आतंकी ओसामा व जीशान को भी पाकिस्तान में उसकी जगह पर ट्रेनिंग दी गई थी जिस जगह मुंबई आतंकी हमले के दोषी अजमल अमीर कसाब को दी गई थी। स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आतंकी त्यौहारों के दौरान ऐसी जगह पर बम धमाका करना चाहते थे, जहां एक धर्म विशेष के लोग एक जगह पर भारी मात्रा में एकत्रित होते हों। बम धमाकों के बाद जान-माल का ज्यादा नुकसान हो और इसके बाद देश में साम्प्रदायिक सौहार्द खराब हो जाए व देश में दंगे फैल जाएं।
आईएसआई ने दंगों को बड़े स्तर पर फैलाने की साजिश भी रच रखी थी। दूसरी तरफ स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आतंकी 26/11 मुंबई बम धमाकों को दोहराना चाहते थे। इस बार दाऊद इब्राहिम का भाई अनिस इब्राहिम साजिश में शामिल था। वह आतंकियों के संपर्क में था। 26/11 के हमले की साजिश में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम शामिल था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आतंकी ओसामा व जीशान को भी पाकिस्तान में कराची के पास थट्टा में फार्महाउस में उसी जगह आतंकी ट्रेनिंग दी गई थी जहां पर मुंबई हमले के दोषी कसाब को दी गई थी। यहां पर ओसामा व जीशान को पिस्टल व एके-47 जैसे हथियार हैंडल करना व चलाना सिखाया गया था। साथ में आईईडी बनाया सिखाया गया था। आतंकियों को मेजर या लेफ्टिनेंट रैंक और गाजी नाम के अधिकारी ने ट्रेनिंग दी थी। गाजी के दो सहायक जब्बार और हमजा थे। पूछताछ में ये भी खुलासा हुआ है कि आतंकियों को कसाब जैसे अंधाधुंध फायरिंग कर टारगेट किलिंग करनी थी। टारगेट किलिंग के तहत राजनेता व धार्मिक गुरु निशाने पर थे।