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10 करोड़ की ठगी में छह साल से था फरार, गिफ्तारी पर था 25 हजार का इनाम, गिरफ्तार
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नई दिल्ली। निवेश के नाम पर वर्ष 2015 में कारोबारी से 10 करोड़ रुपये ठगकर फरार 25 हजार के इनामी गाजियाबाद में इंदिरापुरम निवासी मनोज जैन (48) को शाहदरा जिले के एएटीएस (एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड) ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मनोज ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अपने भाई के माध्यम से कृष्णा नगर थाने में अपने अपहरण का झूठा मुकदमा दर्ज कराया था।
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त आर सत्यसुंदरम ने बताया कि मनोज जैन चावड़ी बाजार में पेपर और गांधी नगर में गारमेंट का धंधा करता था। वर्ष 2015 में उसने कारोबारी संजय कौल को जाल में फंसाया और मोटे मुनाफे का लालच देकर निवेश कराने के नाम पर 10 करोड़ ठग लिये। वह संजय के रुपये लेकर फरार हो गया तो उन्होंने गांधी नगर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। उधर, मनोज के भाई मनीष ने कृष्णा नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके भाई का किसी ने कृष्णा नगर से अपहरण कर लिया है। बाद में ठगी का केस दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को ट्रांसफर हो गया।
जांच में पुलिस को पता चला कि मनोज परिवार के साथ गाजियाबाद में छिपा है। शाहदरा जिले की एएटीएस ने एक सूचना के बाद आनंद विहार इलाके से मनोज को शुक्रवार को दबोच लिया। उसके पास से एक कार व मोबाइल बरामद हुए। उसने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2018 में इंदिरापुरम में बेटे के नाम से मकान खरीदा था। उसने नया कारोबार भी शुरू कर दिया। इससे पूर्व वह पंजाब और हिमाचल प्रदेश में छिपता रहा।
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शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त आर सत्यसुंदरम ने बताया कि मनोज जैन चावड़ी बाजार में पेपर और गांधी नगर में गारमेंट का धंधा करता था। वर्ष 2015 में उसने कारोबारी संजय कौल को जाल में फंसाया और मोटे मुनाफे का लालच देकर निवेश कराने के नाम पर 10 करोड़ ठग लिये। वह संजय के रुपये लेकर फरार हो गया तो उन्होंने गांधी नगर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। उधर, मनोज के भाई मनीष ने कृष्णा नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके भाई का किसी ने कृष्णा नगर से अपहरण कर लिया है। बाद में ठगी का केस दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को ट्रांसफर हो गया।
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जांच में पुलिस को पता चला कि मनोज परिवार के साथ गाजियाबाद में छिपा है। शाहदरा जिले की एएटीएस ने एक सूचना के बाद आनंद विहार इलाके से मनोज को शुक्रवार को दबोच लिया। उसके पास से एक कार व मोबाइल बरामद हुए। उसने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2018 में इंदिरापुरम में बेटे के नाम से मकान खरीदा था। उसने नया कारोबार भी शुरू कर दिया। इससे पूर्व वह पंजाब और हिमाचल प्रदेश में छिपता रहा।
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