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दिल्ली: किराए के विवाद में टैक्सी ड्राइवर ने साथियों संग की विदेशी नागरिक की हत्या, आईजीआई एयरपोर्ट के पास फेंका शव
Tue, 18 May 2021 11:57 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 18 May 2021 11:57 PM IST
सार
डीसीपी राजीव रंजन ने बताया कि तीनों आरोपी वीरेंद्र सिंह, गोपाल सिंह और दिलबाग उर्फ बिल्लू रंगपुरी इलाके के रहने वाले हैं। इन्होंने पुलिस को पूछताछ के दौरान बताया है कि टैक्सी के किराए को लेकर विदेशी नागरिक से इनका झगड़ा हुआ था
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (आईजीआई) एयरपोर्ट के पास सोमवार को मिले विदेशी नागरिक के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस विदेशी सख्स को किराए के विवाद के दौरान टैक्सी ड्राइवर और उसके दो साथियों ने पीट-पीटकर मार दिया था। पुलिस ने इस घटना की गुत्थी को कुछ घंटों में ही सुलझाने का दावा किया है और विदेशी नागरिक की हत्या में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
डीसीपी राजीव रंजन ने बताया कि तीनों आरोपी वीरेंद्र सिंह, गोपाल सिंह और दिलबाग उर्फ बिल्लू रंगपुरी इलाके के रहने वाले हैं। इन्होंने पुलिस को पूछताछ के दौरान बताया है कि टैक्सी के किराए को लेकर विदेशी नागरिक से इनका झगड़ा हुआ था और बाद में उन लोगों ने ही उसे पीटा था और फुटपाथ पर छोड़कर भाग गए थे।
17 मई को आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस को सूचना मिली कि संतूर अस्पताल के पास एक शख्स बेहाशी की हालत में पड़ा है। सब इंस्पेक्टर संजीव चौधरी ने अपने स्टाफ के साथ घटनास्थल पर जाकर देखा तो एक व्यक्ति का शव मौके पर पड़ा हुआ था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सफदरजंग अस्पताल भेजा।
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पुलिस को शव के पास एक मोबाइल फोन भी मिला। फोन में आखिरी डायल नंबर ट्रैवेल एजेंट मनोज साहू का था। पूछताछ के बाद ट्रैवल एजेंट ने केन्या निवासी जामा सईद फरहा के पासपोर्ट की कॉपी पुलिस को उपलब्ध कराई। इससे मृतक की पहचान हो सकी।
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डीसीपी राजीव रंजन ने बताया कि तीनों आरोपी वीरेंद्र सिंह, गोपाल सिंह और दिलबाग उर्फ बिल्लू रंगपुरी इलाके के रहने वाले हैं। इन्होंने पुलिस को पूछताछ के दौरान बताया है कि टैक्सी के किराए को लेकर विदेशी नागरिक से इनका झगड़ा हुआ था और बाद में उन लोगों ने ही उसे पीटा था और फुटपाथ पर छोड़कर भाग गए थे।
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17 मई को आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस को सूचना मिली कि संतूर अस्पताल के पास एक शख्स बेहाशी की हालत में पड़ा है। सब इंस्पेक्टर संजीव चौधरी ने अपने स्टाफ के साथ घटनास्थल पर जाकर देखा तो एक व्यक्ति का शव मौके पर पड़ा हुआ था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सफदरजंग अस्पताल भेजा।
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पुलिस को शव के पास एक मोबाइल फोन भी मिला। फोन में आखिरी डायल नंबर ट्रैवेल एजेंट मनोज साहू का था। पूछताछ के बाद ट्रैवल एजेंट ने केन्या निवासी जामा सईद फरहा के पासपोर्ट की कॉपी पुलिस को उपलब्ध कराई। इससे मृतक की पहचान हो सकी।
मृतक ने ट्रैवल एजेंट से 17 मई को दिल्ली से सोमालिया जाने का टिकट बुक करवाया था। ट्रैवल एजेंट ने ही मृतक की बेटी को इस घटना के बारे में जानकारी दी। मृतक की बेटी ने पुलिस को बताया कि उसके पिता 2 सप्ताह पहले दिल की बीमारी का इलाज करवाने केन्या से सोमालिया होते हुए भारत पहुंचे थे।
वह 17 तारीख को वापस लौट रहे थे। पुलिस जांच में यह पता चला कि वीजा उपलब्ध ना होने के कारण मृतक का इमीग्रेशन क्लीयरेंस एयरपोर्ट पर नहीं हुआ। इसी कारण वह सोमालिया नहीं जा पाए। जब वह एयरपोर्ट से बाहर आए तो उन्होंने महिपालपुर होटल जाने के लिए हरियाणा रजिस्ट्रेशन की टैक्सी ली। इसके बाद से उनका अपनी बेटी से संपर्क टूट गया था।
पुलिस को मृतक के पास से कोई सामान नहीं मिला था। इस मामले में आगे की जांच करने की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर महिंद्र लाल को सौंपी गई। पुलिस ने आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली। मृतक की बेटी द्वारा उपलब्ध कराए गए टैक्सी नंबर का पता लगाया गया तो वह रंगपुरी निवासी वीरेंद्र सिंह उर्फ मोनू के नाम पर रजिस्टर्ड मिली।
पुलिस ने छापा मारकर वीरेंद्र सिंह को उसके घर से दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपने दो अन्य साथियों के नाम भी उगल दिए। आरोपी ने बताया कि मृतक ने टर्मिनल 3 से महिपालपुर जाने के लिए उसकी टैक्सी ली थी। लेकिन आगे जाकर उससे किराए को लेकर बहस हो गई।
वह 17 तारीख को वापस लौट रहे थे। पुलिस जांच में यह पता चला कि वीजा उपलब्ध ना होने के कारण मृतक का इमीग्रेशन क्लीयरेंस एयरपोर्ट पर नहीं हुआ। इसी कारण वह सोमालिया नहीं जा पाए। जब वह एयरपोर्ट से बाहर आए तो उन्होंने महिपालपुर होटल जाने के लिए हरियाणा रजिस्ट्रेशन की टैक्सी ली। इसके बाद से उनका अपनी बेटी से संपर्क टूट गया था।
पुलिस को मृतक के पास से कोई सामान नहीं मिला था। इस मामले में आगे की जांच करने की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर महिंद्र लाल को सौंपी गई। पुलिस ने आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली। मृतक की बेटी द्वारा उपलब्ध कराए गए टैक्सी नंबर का पता लगाया गया तो वह रंगपुरी निवासी वीरेंद्र सिंह उर्फ मोनू के नाम पर रजिस्टर्ड मिली।
पुलिस ने छापा मारकर वीरेंद्र सिंह को उसके घर से दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपने दो अन्य साथियों के नाम भी उगल दिए। आरोपी ने बताया कि मृतक ने टर्मिनल 3 से महिपालपुर जाने के लिए उसकी टैक्सी ली थी। लेकिन आगे जाकर उससे किराए को लेकर बहस हो गई।