फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Sub-inspector sent to jail for not paying Rs 10,000

Delhi News: 10,000 रुपये का भुगतान न करने पर उपनिरीक्षक को भेजा जेल

Wed, 20 Aug 2025 07:20 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 20 Aug 2025 07:20 PM IST
विज्ञापन
Sub-inspector sent to jail for not paying Rs 10,000
--पॉक्सो मामले में अभियोजन पक्ष के साक्ष्य के चरण में उपस्थित न होने पर आईओ के खिलाफ था जमानती वारंट
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी

नई दिल्ली। कड़कड़डूमा कोर्ट ने सब-इंस्पेक्टर को उसके खिलाफ जारी जमानती वारंट की राशि 10,000 रुपये न चुकाने पर जेल भेज दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार जांच अधिकारी (आईओ), सब-इंस्पेक्टर संदीप रावल के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) को रद्द करने के लिए एक आवेदन पर सुनवाई कर रहे थे। पॉक्सो मामले में अभियोजन पक्ष के साक्ष्य के चरण में उपस्थित न होने पर आईओ के खिलाफ 10,000 रुपये का जमानती वारंट जारी किया गया था। यह देखते हुए कि वह सुनवाई के दौरान फिर से उपस्थित नहीं हुए, एसआई को गैर-जमानती वारंट जारी किया गया।

न्यायाधीश ने कहा कि इस स्तर पर आवेदक रावल का कहना है कि वह एक मामले में पूरक आरोप-पत्र दाखिल करने के लिए साकेत अदालत गए थे। इसलिए, वह गैर-जमानती वारंट रद्द करने का अनुरोध करते हैं। न्यायाधीश ने कहा कि जमानती वारंट जारी होने के बावजूद, रावल दूसरी अदालत गए और उनके आचरण से पता चलता है कि उन्हें अदालती प्रक्रिया का कोई सम्मान नहीं था। इसलिए गैर-जमानती वारंट रद्द करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं थे और इसे केवल जमानती वारंट की राशि 10,000 रुपये के भुगतान पर ही रद्द किया जा सकता था। जांच अधिकारी ने राशि का भुगतान करने पर सहमति जताई और एटीएम से पैसे निकालने के लिए अदालत से चले गए।
विज्ञापन


दोपहर 2.50 बजे जब अदालत की कार्यवाही फिर से शुरू हुई, तो रावल ने कहा कि वह राशि देने को तैयार नहीं हैं। इस पर न्यायाधीश ने कहा कि जमानती वारंट की राशि देने के लिए अदालत से समय लेने के बावजूद आवेदक या जांच अधिकारी ने राशि नहीं दी है। उन्होंने अदालत का कीमती समय बर्बाद किया है। इसलिए, आवेदक को हिरासत में लेकर न्यायिक हिरासत में भेजा जाए। अदालत ने निर्देश दिया कि आदेश की एक प्रति संबंधित पुलिस उपायुक्त को आवश्यक जानकारी के लिए भेजी जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed