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माइक्रोसॉफ्ट के सहयोग से छात्र सीखेंगे कोडिंग व डाटा साइंस की तकनीक
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नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) इस सत्र में माइक्रोसॉफ्ट के सहयोग से स्कूली बच्चों के लिए डाटा साइंस और कोडिंग के नए कोर्स की शुरुआत कर रहा है। इसके तहत कक्षा छठी से लेकर आठवीं तक के छात्र कोडिंग व आठवीं से 12वीं तक के छात्र डाटा साइंस की तकनीक को सीख सकेंगे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने इस संबंध में शुक्रवार को ट्वीट कर कहा कि कोर्स का मकसद बच्चों की तार्किक क्षमता को बढ़ाना है। शिक्षा मंत्री ने ट्वीट में कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत ये वादा किया था कि स्कूली पाठ्यक्रम में कोडिंग और डाटा साइंस विषय को पढ़ाया जाएगा। सीबीएसई माइक्रोसाफ्ट के साथ देश की नई पीढ़ी को नए जमाने के कौशल सिखाकर सशक्त बनाने जा रहा है।
सीबीएसई के मुताबिक, दोनों विषयों को 12 घंटे के स्किल मॉड्यूल में शामिल किया जाएगा। इससे छात्रों की तार्किक क्षमता बढ़ने के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर उनकी सोच भी विकसित होगी। डाटा साइंस विषय को आठवीं में 12 घंटे के स्किल माड्यूल व नौवीं से 12वीं तक इसे कौशल विषय के तौर पर शामिल किया जाएगा। इससे छात्रों को आंकड़ा जुटाने, संग्रहित करने व समस्या का समाधान करने में सहायता मिलेगी।
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11वीं में कौशल विषय के तौर पर इन विषयों को शामिल करने के लिए आवेदन करने वाले स्कूलों से कोई फीस नहीं ली जाएगी। कोर्स के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने एनसीईआरटी के पैटर्न पर संप्लीमेंट्री किताबों को भी तैयार किया है, जिसमें जीवन आधारित उदाहरणों को शामिल किया गया है। इससे छात्र आसानी से तकनीक को सीख सकेंगे।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने इस संबंध में शुक्रवार को ट्वीट कर कहा कि कोर्स का मकसद बच्चों की तार्किक क्षमता को बढ़ाना है। शिक्षा मंत्री ने ट्वीट में कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत ये वादा किया था कि स्कूली पाठ्यक्रम में कोडिंग और डाटा साइंस विषय को पढ़ाया जाएगा। सीबीएसई माइक्रोसाफ्ट के साथ देश की नई पीढ़ी को नए जमाने के कौशल सिखाकर सशक्त बनाने जा रहा है।
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सीबीएसई के मुताबिक, दोनों विषयों को 12 घंटे के स्किल मॉड्यूल में शामिल किया जाएगा। इससे छात्रों की तार्किक क्षमता बढ़ने के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर उनकी सोच भी विकसित होगी। डाटा साइंस विषय को आठवीं में 12 घंटे के स्किल माड्यूल व नौवीं से 12वीं तक इसे कौशल विषय के तौर पर शामिल किया जाएगा। इससे छात्रों को आंकड़ा जुटाने, संग्रहित करने व समस्या का समाधान करने में सहायता मिलेगी।
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11वीं में कौशल विषय के तौर पर इन विषयों को शामिल करने के लिए आवेदन करने वाले स्कूलों से कोई फीस नहीं ली जाएगी। कोर्स के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने एनसीईआरटी के पैटर्न पर संप्लीमेंट्री किताबों को भी तैयार किया है, जिसमें जीवन आधारित उदाहरणों को शामिल किया गया है। इससे छात्र आसानी से तकनीक को सीख सकेंगे।