{"_id":"629eee736a26ce7afd66191f","slug":"students-need-to-clear-their-concept-to-succeed-in-upsc-exams-says-dhyeya-ias-institute-director","type":"story","status":"publish","title_hn":" UPSC: ध्येय इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर विनय सिंह बोले- बुनियादी समझ नहीं होगी तो अभ्यार्थी हर साल यूपीएससी के जाल में फंसते रहेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UPSC: ध्येय इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर विनय सिंह बोले- बुनियादी समझ नहीं होगी तो अभ्यार्थी हर साल यूपीएससी के जाल में फंसते रहेंगे
Tue, 07 Jun 2022 11:51 AM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Tue, 07 Jun 2022 11:51 AM IST
सार
ध्येय आईएएस इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर विनय सिंह ने कहा कि यूपीएससी की परीक्षा के लिए समाचार पत्रों की प्रासंगिकता काफी बढ़ी है। परीक्षा में प्रश्न पूछने के तरीके में भी काफी बदलाव दिखा। इसे देखते हुए आगामी यूपीएससी 2023 प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यार्थी सबक ले सकते हैं।
विज्ञापन
UPSC
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विसेज प्रारंभिक परीक्षा में हर साल बदलाव देखने को मिलता है। रविवार को आयोजित होने वाले परीक्षा में भी प्रश्न पूछने के तरीके में काफी बदलाव दिखा। इसे देखते हुए आगामी यूपीएससी 2023 प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यार्थी सबक ले सकते हैं।
विज्ञापन
ध्येय आईएएस इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर विनय सिंह ने बताया कि प्रश्नपत्र देखने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अवधारणाओं की बुनियादी समझ बहुत जरूरी है, नहीं तो अभ्यर्थी हर साल यूपीएससी के जाल में फंसते रहेंगे। प्रत्येक विषय की अच्छी तरह तैयारी करनी होगी। समसामयिक घटनाओं पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए, और बिंदुओं को संकल्पनात्मक भागों से जोड़ना चाहिए।
विज्ञापन
समसामयिक घटनाओं की तैयारी के लिए समसामयिक घटनाओं पर किसी भी मासिक पत्रिका के साथ दैनिक समाचार पत्र पढ़ना बहुत महत्वपूर्ण है। केंद्रीत पढ़ाई के साथ मॉक टेस्ट और पिछले वर्ष के प्रश्नों का अभ्यास करने की आवश्यकता है। अपनी तैयारी में सुधार करते रहें।
विज्ञापन
इस वर्ष यूपीएससी ने विभिन्न क्षेत्रों से समान रूप से प्रश्न पूछे हैं। प्रश्न पत्र समसामयिक घटनाओं पर अधिक केंद्रित था। पेपर में केवल तथ्यों को रटने के बजाय वैचारिक स्पष्टता की आवश्यकता पर विशेष ध्यान दिया गया था। प्रत्येक विषय को समान महत्व दिया गया था लिहाजा अगामी परीक्षा में किसी भी विषय को अनदेखा नहीं किया जा सकता है।
समाचार पत्रों की प्रासंगिकता काफी बढ़ी है। इलिमेटेड मेथड यूपीएससी परीक्षा का एक भाग रहा है लेकिन अब वह बहुत उपयोगी नहीं रहा जैसे विकल्पों में एक युग्म सही दो युग्म सही,जैसे विकल्प 2022 की परीक्षा में समाहित था। तथ्यात्मक प्रश्नों की संख्या अधिक रही लिहाजा थॉरो स्टडी की आवश्यकता है।
यूपीएससी हर साल अपने नए प्रयोगों से अभ्यर्थियों को अचंभित करती है, इस साल उसने नए प्रकार के विकल्प पेश किए हैं। इसलिए प्रत्येक उम्मीदवार को इस प्रकार के प्रयोगों के लिए तैयार रहना चाहिए।