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Delhi News: बरसात में स्ट्रीट फूड बच्चों की सेहत पर भारी
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बढ़ रहे फूड पॉइजनिंग और पेट संबंधी बीमारियों के मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। बरसात के मौसम में सड़क किनारे बिकने वाले खाद्य पदार्थ बच्चों की सेहत पर भारी पड़ रहे हैं। अस्पतालों में फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त, पेट दर्द और संक्रमण से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ रही है। इस मौसम में नमी और गंदगी के कारण खाद्य पदार्थों में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार गोलगप्पे, चाट, मोमोज, बर्गर, कटे हुए फल, खुली चटनी और खुले में बिकने वाले जूस जैसे खाद्य पदार्थ बरसात के मौसम में बच्चों के लिए अधिक जोखिम पैदा करते हैं। स्कूल से लौटते समय या शाम के समय बच्चे अक्सर इन चीजों का सेवन करते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग और पेट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अस्पतालों में आने वाले मामलों में अधिकांश बच्चों को उल्टी, दस्त, पेट में ऐंठन, बुखार और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज नहीं मिलने पर बच्चों की हालत गंभीर भी हो सकती है।
स्वामी दयानंद अस्पताल के पीडियाट्रिक विभाग के डॉ आदर्श आजाद ने बताया कि बरसात के मौसम में बच्चों में फूड पॉइजनिंग और गैस्ट्रोएंटेराइटिस के मामले बढ़ जाते हैं। सड़क किनारे मिलने वाले खुले और अस्वच्छ भोजन में बैक्टीरिया व अन्य सूक्ष्मजीव तेजी से विकसित होते हैं, जो संक्रमण का कारण बनते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी पिलाएं, भोजन से पहले और बाद में हाथ धोने की आदत डालें तथा बाहर का खाना खाने से बचाएं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। बरसात के मौसम में सड़क किनारे बिकने वाले खाद्य पदार्थ बच्चों की सेहत पर भारी पड़ रहे हैं। अस्पतालों में फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त, पेट दर्द और संक्रमण से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ रही है। इस मौसम में नमी और गंदगी के कारण खाद्य पदार्थों में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार गोलगप्पे, चाट, मोमोज, बर्गर, कटे हुए फल, खुली चटनी और खुले में बिकने वाले जूस जैसे खाद्य पदार्थ बरसात के मौसम में बच्चों के लिए अधिक जोखिम पैदा करते हैं। स्कूल से लौटते समय या शाम के समय बच्चे अक्सर इन चीजों का सेवन करते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग और पेट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अस्पतालों में आने वाले मामलों में अधिकांश बच्चों को उल्टी, दस्त, पेट में ऐंठन, बुखार और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज नहीं मिलने पर बच्चों की हालत गंभीर भी हो सकती है।
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स्वामी दयानंद अस्पताल के पीडियाट्रिक विभाग के डॉ आदर्श आजाद ने बताया कि बरसात के मौसम में बच्चों में फूड पॉइजनिंग और गैस्ट्रोएंटेराइटिस के मामले बढ़ जाते हैं। सड़क किनारे मिलने वाले खुले और अस्वच्छ भोजन में बैक्टीरिया व अन्य सूक्ष्मजीव तेजी से विकसित होते हैं, जो संक्रमण का कारण बनते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी पिलाएं, भोजन से पहले और बाद में हाथ धोने की आदत डालें तथा बाहर का खाना खाने से बचाएं।
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