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Coal Scam Case: पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता दोषी करार, सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने सुनाया फैसला
Fri, 29 Jul 2022 12:24 PM IST
शाहरुख खान
एएनआई, दिल्ली
एएनआई, दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 29 Jul 2022 12:24 PM IST
सार
coal scam case: पटियाला हाउस स्थित विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज 4 अगस्त को दोषियों की सजा का एलान करेंगे। पूर्व कोयला सचिव गुप्ता इससे पहले तीन अन्य कोयला घोटाला मामले में भी दोषी करार दिए जा चुके हैं।
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विस्तार
विशेष सीबीआई कोर्ट ने पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता और कोयला मंत्रालय के ही पूर्व संयुक्त सचिव केएस क्रोफा तथा अन्य को महाराष्ट्र में लोहारा ईस्ट कोल ब्लॉक आवंटन में अनियमितता के लिए दोषी करार दिया है। नागपुर की कंपनी ग्रेस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और इसके निदेशक मुकेश गुप्ता को भी दोषी ठहराया गया। कोयला घोटाले में दोषसिद्धि का यह 11वां मामला है।
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इन सभी को आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों में दोषी पाया गया। पटियाला हाउस स्थित विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज 4 अगस्त को दोषियों की सजा का एलान करेंगे। पूर्व कोयला सचिव गुप्ता इससे पहले तीन अन्य कोयला घोटाला मामले में भी दोषी करार दिए जा चुके हैं। इन मामलों में दोषी ठहराए जाने के खिलाफ उनकी अपील दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित हैं। मौजूदा समय में वह जमानत पर हैं।
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सीबीआई के अनुसार, 2005 और 2011 के बीच आरोपियों ने आपराधिक साजिश रची और कोयला मंत्रालय को धोखा दिया। आरोपियों ने कुल संपत्ति, क्षमता, उपकरण और खरीद की स्थिति तथा संयंत्र की स्थापना के बारे में गलत जानकारी देकर ग्रेस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पक्ष में कोल ब्लॉक आवंटित करने के लिए केंद्र और कोयला मंत्रालय को प्रेरित किया। जांच एजेंसी ने कहा कि कंपनी ने अपने आवेदन में दावा किया था कि उसका कुल नेटवर्थ 120 करोड़ रुपये है जबकि हकीकत में उसकी कुल कीमत 3.3 करोड़ रुपये थी।
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अपनी क्षमता पर भी झूठ बोला
साथ ही कंपनी ने 30,000 टीपीए (थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर) के बदले अपनी मौजूदा क्षमता 1,20,000 टीपीए दिखाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 25 अगस्त 2014 को सभी कोल ब्लॉकों का आवंटन रद्द कर दिया था।