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Delhi News: स्क्रीन की चमक से फीकी पड़ रही त्वचा, युवाओं में समय से पहले एजिंग का खतरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। मोबाइल और लैपटॉप का बढ़ता इस्तेमाल अब सिर्फ आंखों ही नहीं, बल्कि त्वचा पर भी असर डाल रहा है। स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट के कारण युवाओं में समय से पहले झुर्रियां, पिगमेंटेशन और त्वचा की चमक कम होने जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ता स्क्रीन टाइम इस खतरे को और बढ़ा रहा है।
राजधानी के अस्पतालों और स्किन क्लीनिक में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो कम उम्र में ही डल स्किन, दाग-धब्बे और एजिंग की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन पढ़ाई और सोशल मीडिया के कारण लोग दिनभर स्क्रीन के संपर्क में रहते हैं, जिससे त्वचा पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
स्वामी दयानंद अस्पताल के डर्मेटोलॉजी विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर अजय का कहना है कि मोबाइल और लैपटॉप से निकलने वाली ब्लू लाइट त्वचा की गहराई तक पहुंचकर कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है। इससे समय से पहले एजिंग, झुर्रियां और पिगमेंटेशन की समस्या बढ़ रही है, खासकर युवाओं में इसका असर ज्यादा देखा जा रहा है। डॉक्टरों की सलाह है कि स्क्रीन टाइम को सीमित रखें, हर 30-40 मिनट में ब्रेक लें और मोबाइल के निरंतर प्रयोग के दौरान मोबाइल ब्राइटनेस ज्यादा अधिक न रखें। इसके अलावा एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार, पर्याप्त पानी और अच्छी नींद त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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नई दिल्ली। मोबाइल और लैपटॉप का बढ़ता इस्तेमाल अब सिर्फ आंखों ही नहीं, बल्कि त्वचा पर भी असर डाल रहा है। स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट के कारण युवाओं में समय से पहले झुर्रियां, पिगमेंटेशन और त्वचा की चमक कम होने जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ता स्क्रीन टाइम इस खतरे को और बढ़ा रहा है।
राजधानी के अस्पतालों और स्किन क्लीनिक में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो कम उम्र में ही डल स्किन, दाग-धब्बे और एजिंग की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन पढ़ाई और सोशल मीडिया के कारण लोग दिनभर स्क्रीन के संपर्क में रहते हैं, जिससे त्वचा पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
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स्वामी दयानंद अस्पताल के डर्मेटोलॉजी विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर अजय का कहना है कि मोबाइल और लैपटॉप से निकलने वाली ब्लू लाइट त्वचा की गहराई तक पहुंचकर कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है। इससे समय से पहले एजिंग, झुर्रियां और पिगमेंटेशन की समस्या बढ़ रही है, खासकर युवाओं में इसका असर ज्यादा देखा जा रहा है। डॉक्टरों की सलाह है कि स्क्रीन टाइम को सीमित रखें, हर 30-40 मिनट में ब्रेक लें और मोबाइल के निरंतर प्रयोग के दौरान मोबाइल ब्राइटनेस ज्यादा अधिक न रखें। इसके अलावा एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार, पर्याप्त पानी और अच्छी नींद त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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