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बाइक बोट : गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स के छह निदेशक गिरफ्तार

Fri, 20 Nov 2020 02:21 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 20 Nov 2020 02:21 AM IST
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six including director of bike bot nabbed
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने बाइक बोट स्कीम के जरिए करीब 3500 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड के छह निदेशकों को गिरफ्तार किया है। सभी निदेशक दादरी थाने में दर्ज एक मामले में पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं और गौतमबुद्ध नगर स्थित जेल में बंद थे। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने सभी को दिल्ली में दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया है और इनसे पूछताछ कर छानबीन में जुटी है।
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आर्थिक अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त ओपी मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार निदेशकों की पहचान अहमदपुर, मेरठ निवासी विजय पाल, जालंधर पंजाब निवासी राजेश कुमार यादव, जालंधर पंजाब निवासी हरेश कुमार, मवाना, मेरठ निवासी विनोद कुमार व विशाल कुमार और मोदीपुरम, मेरठ निवासी संजय गोयल के रूप में हुई है। संयुक्त आयुक्त ने बताया कि कंपनी के खिलाफ वर्ष 2019 में कई लोगों ने शाखा में शिकायत दी थी। इसमें कहा गया कि कंपनी के संजय भाटी व अन्य निदेशकों ने उन्हें झांसा दिया कि वह एक बाइक पर 62 हजार रुपये का निवेश करेंगे तो उन्हें एक साल तक 9500 रुपये मिलेंगे। साथ ही बाइक के किराए से जो कमाई होगी वो भी मिलेगी। आकर्षक स्कीम होने की वजह से बड़ी संख्या में लोगों ने इस योजना में अपनी गाढी कमाई का निवेश किया। इसके बाद कंपनी ने जनवरी 2019 में इलेक्ट्रिक बाइक स्कीम निकाली। इसमें 1.24 लाख रुपये निवेश करने पर हर महीने 17 हजार रुपये मिलने का झांसा दिया गया। पहले की राशि चुकता कर निवेशकों का विश्वास जीतने के बाद इस बार निदेशक राशि लेकर फरार हो गए। इस घोटाले में कई राज्यों के निवेशक प्रभावित हुए। आर्थिक अपराध शाखा ने जांच के दौरान कंपनी के कई बैंकों के खातों की जांच पड़ताल की। आरबीआई से पता चला कि ठगी करने वाली कंपनी नॉन बैंकिंग फाइनेंसियल कंपनी (एनबीएफसी) में पंजीकृत नहीं थी और वह जनता से धन एकत्र करने के लिए अधिकृत नहीं थी। जांच के दौरान कंपनी के झांसा में आए दिल्ली के करीब आठ सौ लोगों की शिकायत आर्थिक अपराध शाखा को मिली। इनसे करीब 250 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। जांच में कई सौ करोड़ की प्रॉपर्टी मिली हैं। इस घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच प्रवर्तन निदेशालय भी कर रहा है।
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