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Delhi News: दोहरे हत्याकांड मामले में छह दोषियों को उम्रकैद
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एक फरवरी 2009 को संगम विहार के एक पहाड़ी जंगल इलाके में दो युवकों की दिनदहाड़े कर दी गई थी हत्या
नई दिल्ली। साकेत कोर्ट ने वर्ष 2009 में नेब सराय थाना क्षेत्र में हुए दोहरे हत्याकांड मामले में छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही सभी दोषियों पर 2500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जो पीड़ित परिवारों को मुआवजे के तौर पर दिया जाएगा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शुचि लालेर की अदालत ने सजा सुनाते हुए कहा, अपराध के अनुरूप सजा देना ही न्याय की बुनियादी शर्त है।
यह मामला एक फरवरी 2009 को संगम विहार के एक पहाड़ी जंगल इलाके में घटित हुआ था। जहां योगेश और पंकज नामक दो युवकों की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, कमालुद्दीन समेत अन्य ने मिलकर दोनों युवकों पर चाकू और डंडों से जानलेवा हमला किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, योगेश के शरीर पर धारदार हथियार से लगी चोटें थीं, जबकि पंकज की मौत सिर पर डंडे की मार और उसके बाद सेप्टीसीमिया (रक्त संक्रमण) से हुई थी।
11 महीने पहले कोर्ट ने ठहराया था दोषी
साकेत अदालत ने मामले में पिछले साल सितंबर में आरोपी कमालुद्दीन उर्फ कमालू, अनिल, दीपक उर्फ मुन्ना, सोनू उर्फ ढीला, जितेंद्र कुमार उर्फ सोनू टेढ़ा और महावीर उर्फ गुरु को दोषी ठहराया था। अदालत ने पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए दिल्ली पीड़ित मुआवजा योजना 2018 के तहत दक्षिण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को मदद करने और रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। जुर्माने के भुगतान और आगे की कार्रवाई पर रिपोर्ट के लिए अगली सुनवाई 4 सितंबर को होगी।
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नई दिल्ली। साकेत कोर्ट ने वर्ष 2009 में नेब सराय थाना क्षेत्र में हुए दोहरे हत्याकांड मामले में छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही सभी दोषियों पर 2500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जो पीड़ित परिवारों को मुआवजे के तौर पर दिया जाएगा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शुचि लालेर की अदालत ने सजा सुनाते हुए कहा, अपराध के अनुरूप सजा देना ही न्याय की बुनियादी शर्त है।
यह मामला एक फरवरी 2009 को संगम विहार के एक पहाड़ी जंगल इलाके में घटित हुआ था। जहां योगेश और पंकज नामक दो युवकों की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, कमालुद्दीन समेत अन्य ने मिलकर दोनों युवकों पर चाकू और डंडों से जानलेवा हमला किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, योगेश के शरीर पर धारदार हथियार से लगी चोटें थीं, जबकि पंकज की मौत सिर पर डंडे की मार और उसके बाद सेप्टीसीमिया (रक्त संक्रमण) से हुई थी।
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11 महीने पहले कोर्ट ने ठहराया था दोषी
साकेत अदालत ने मामले में पिछले साल सितंबर में आरोपी कमालुद्दीन उर्फ कमालू, अनिल, दीपक उर्फ मुन्ना, सोनू उर्फ ढीला, जितेंद्र कुमार उर्फ सोनू टेढ़ा और महावीर उर्फ गुरु को दोषी ठहराया था। अदालत ने पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए दिल्ली पीड़ित मुआवजा योजना 2018 के तहत दक्षिण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को मदद करने और रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। जुर्माने के भुगतान और आगे की कार्रवाई पर रिपोर्ट के लिए अगली सुनवाई 4 सितंबर को होगी।
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