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एक बार फिर गरमाई सिख सियासत
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नई दिल्ली। दिल्ली में सिख सियासत एक बार फिर गरमा गई है। आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति शुरू हो गई है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के पूर्व प्रधान परमजीत सिंह सरना ने वर्तमान प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा के खिलाफ अदालत द्वारा कथित लुक आउट नोटिस जारी किए जाने को लेकर कटघरे में खड़ा किया है।
वहीं सिरसा ने ऐलान किया है कि सरना बंधुओं ने लुक आउट नोटिस जारी किए जाने के झूठे प्रचार किया है। इस दुष्प्रचार के लिए उनके खिलाफ धारा 340 के तहत हाईकोर्ट में खिलाफ केस करेंगे। इस सियासत में जागो पार्टी ने सिरसा से कई तरह के सवाल पूछे हैं।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान मनजिंदर सिंह सिरसा व कमेटी के महासचिव हरमीत सिंह कालका ने प्रेस कान्फ्रेंस में हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि जब भी जांच के लिए बुलाया गया है तो वह अदालत पहुंचे हैं। इसके विपरीत सरना बंधुओं ने अदालत के बाहर झूठा शोर मचाया है कि अदालत ने लुक आउट नोटिस जारी किया है।
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उन्होंने कहा कि इस झूठे, नफरत भरे व द्वेष भाव के साथ किये जा रहे प्रचार के लिए वह धारा 340 के तहत अदालत में सरना के खिलाफ केस दायर करेंगे। अदालत के आदेशों को तोड़ मरोड़ कर संगतों में गलत प्रचार करते हैं। कोरोना पीड़ितों की सेवा से पीछे नहीं हटेंगे।
उधर, जागो ने सिरसा से सवाल पूछा है। जागो के मुख्य महासचिव परमिंदर पाल सिंह ने कहा कि सिरसा यदि ईमानदार हैं, तो सवालों के जवाब दें। सिरसा ने जिस प्रकार अपने आपको क्लीन चिट दी है, वो हैरान करने वाला है। जिस केस में कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के जांच अधिकारी को सख्त हिदायतें दी हैं, उसमें सभी बिलों पर सिरसा के अकेले दस्तखत हैं और जिस कंपनी के बिल हैं, उसके तार बादल परिवार से जुड़ रहे हैं।
सिरसा बताएं कि बादलों की दिल्ली वाली कोठी पर होने वाले सभी कार्यक्रमों में टेंट लगाने वाली ‘राइजिंग बाल’ के लेटरहेड पर बने इन बिलों को सिरसा ने अकेले दस्तखत पर क्यों पास किया था? क्या इसी मामले में सिरसा पर आर्थिक अपराध शाखा ने पड़ताल के बाद एफआईआर दर्ज नहीं की थी और अब कोर्ट ने भी जांच अधिकारी को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सिरसा कानूनी चक्र से भाग ना जाएं? इन नकली बिलों को जारी करने वाली कंपनी का पता, मोबाइल नंबर, वैट नंबर, सीरियल नंबर और जारी करने वाले के बिल पर दस्तखत क्यों नहीं हैं?
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वहीं सिरसा ने ऐलान किया है कि सरना बंधुओं ने लुक आउट नोटिस जारी किए जाने के झूठे प्रचार किया है। इस दुष्प्रचार के लिए उनके खिलाफ धारा 340 के तहत हाईकोर्ट में खिलाफ केस करेंगे। इस सियासत में जागो पार्टी ने सिरसा से कई तरह के सवाल पूछे हैं।
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गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान मनजिंदर सिंह सिरसा व कमेटी के महासचिव हरमीत सिंह कालका ने प्रेस कान्फ्रेंस में हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि जब भी जांच के लिए बुलाया गया है तो वह अदालत पहुंचे हैं। इसके विपरीत सरना बंधुओं ने अदालत के बाहर झूठा शोर मचाया है कि अदालत ने लुक आउट नोटिस जारी किया है।
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उन्होंने कहा कि इस झूठे, नफरत भरे व द्वेष भाव के साथ किये जा रहे प्रचार के लिए वह धारा 340 के तहत अदालत में सरना के खिलाफ केस दायर करेंगे। अदालत के आदेशों को तोड़ मरोड़ कर संगतों में गलत प्रचार करते हैं। कोरोना पीड़ितों की सेवा से पीछे नहीं हटेंगे।
उधर, जागो ने सिरसा से सवाल पूछा है। जागो के मुख्य महासचिव परमिंदर पाल सिंह ने कहा कि सिरसा यदि ईमानदार हैं, तो सवालों के जवाब दें। सिरसा ने जिस प्रकार अपने आपको क्लीन चिट दी है, वो हैरान करने वाला है। जिस केस में कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के जांच अधिकारी को सख्त हिदायतें दी हैं, उसमें सभी बिलों पर सिरसा के अकेले दस्तखत हैं और जिस कंपनी के बिल हैं, उसके तार बादल परिवार से जुड़ रहे हैं।
सिरसा बताएं कि बादलों की दिल्ली वाली कोठी पर होने वाले सभी कार्यक्रमों में टेंट लगाने वाली ‘राइजिंग बाल’ के लेटरहेड पर बने इन बिलों को सिरसा ने अकेले दस्तखत पर क्यों पास किया था? क्या इसी मामले में सिरसा पर आर्थिक अपराध शाखा ने पड़ताल के बाद एफआईआर दर्ज नहीं की थी और अब कोर्ट ने भी जांच अधिकारी को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सिरसा कानूनी चक्र से भाग ना जाएं? इन नकली बिलों को जारी करने वाली कंपनी का पता, मोबाइल नंबर, वैट नंबर, सीरियल नंबर और जारी करने वाले के बिल पर दस्तखत क्यों नहीं हैं?