सत्येंद्र जैन बोले : दिल्ली में कोवाक्सिन लगभग खत्म, 18+ के लिए कोविशिल्ड का सिर्फ दो-तीन दिनों का बचा स्टॉक
सत्येंद्र जैन ने कहा कि हम पहले से निर्धारित केंद्रों के लिए कोवाक्सिन और कोविशिल्ड टीकों को नहीं मिला सकते हैं।
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देशभर में कोरोना टीकाकरण का तीसरा चरण चल रहा है। इस बीच कई राज्यों ने वैक्सीन की कमी को उजागर किया है। दिल्ली भी टीके की कमी से जूझ रही है। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि हमारे पास कोवाक्सिन का स्टॉक लगभग खत्म हो गया है। 18- 44 वर्ष आयु वर्ग के लिए कोविशिल्ड का सिर्फ 2-3 दिनों का स्टॉक बचा है।
टीके की कमी के चलते दिल्ली में 100 से अधिक टीकाकरण केंद्र को बंद कर दिया गया है। सत्येंद्र जैन ने कहा कि हम पहले से निर्धारित केंद्रों के लिए कोवाक्सिन और कोविशिल्ड टीकों को नहीं मिला सकते हैं।
वहीं गुरुवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने केंद्र सरकार और देश में वैक्सीन उपलब्ध करा रहीं दो कंपनियों भारत बायोटेक और सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया पर गंभीर आरोप लगाया था। जैन ने कहा था कि ये दोनों कंपनियां इस आपातकाल में भी वैक्सीन की बिक्री के जरिये 16-16 हजार करोड़ का मुनाफा कमा रही हैं।
उन्होंने कहा कि इन कंपनियों को यह भारी कमाई करने का अवसर केंद्र सरकार की ढीली नीति के कारण उपलब्ध कराया जा रहा है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के साथ बैठक के बाद दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सत्येन्द्र जैन ने कहा कि पूरा देश एक है तो पूरे देश को वैक्सीन एक कीमत पर उपलब्ध कराया जान चाहिए। लेकिन यही दोनों कंपनियां राज्यों और केंद्र को अलग-अलग कीमत पर वैक्सीन उपलब्ध करा रही हैं। जो वैक्सीन केंद्र सरकार को 150 रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है, वही वैक्सीन राज्यों को 300 रुपये और प्राइवेट अस्पतालों को 400 रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि जो कम्पनी 150 रुपये में भी वैक्सीन बेचकर लाभ कमा रही है, उसे और अधिक भारी लाभ कमाने की खुली छूट क्यों दी जानी चाहिए। वह भी ऐसे समय पर जबकि कोरोना के कारण इस समय पूरा देश भारी संकट का सामना कर रहा है। सत्येन्द्र जैन ने कहा कि कोवाक्सिन के चेयरमैन ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि केंद्र सरकार को 150 रुपये में दी जा रही वैक्सीन में भी कंपनी को 10 रुपये का मुनाफा है।
अगर यह कंपनी आधी वैक्सीन भी केंद्र सरकार को देती है, तो यह लगभग 3 करोड़ वैक्सीन होती है। इस प्रकार केवल 150 रुपये में भी वैक्सीन बेचने पर कंपनी का मुनाफा करीब 30 करोड़ रुपये हो गया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हिंदुस्तान के अंदर दो कंपनियां कोविशिल्ड और कोवाक्सिन के नाम से वैक्सीन बना रही हैं। उन्होंने अनुरोध किया है कि वैक्सीन बनाने का फार्मूला लेकर दूसरी कंपनियों से साझा किया जाए। जिससे कम ससमय में भारी मात्रा में वैक्सीन तैयार की जा सके।