{"_id":"5f4565668ebc3e3ce72758bb","slug":"sanjay-singh-get-anguished-over-lodging-of-cases-by-up-police-ashram-news-noi531953253","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी पुलिस के मुकदमे दर्ज करने पर आप सांसद संजय सिंह नाराज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी पुलिस के मुकदमे दर्ज करने पर आप सांसद संजय सिंह नाराज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा मामला दर्ज करने पर राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होेंने राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू को एक पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा कि उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ बोलने पर पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज करना संसदीय विशेषाधिकार का हनन है। मामला दर्ज करने वाले पुलिस अधिकारी पर विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई की जाए।
पत्र के माध्यम से संजय सिंह ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में बढ़ रहे अपराध, जातीय वैमनस्यता, कोरोना और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाए जाने पर मेरे विरुद्ध पुलिस अधिकारियों और थानाध्यक्षों की मिलीभगत से एफआईआर दर्ज की गई है।
उनका कहना है कि वह यूपी के मौजूदा हालातों से आगामी सत्र में सदन को अवगत कराने के लिए राज्य का दौरा कर रहे थे। इसके लिए वह बिकरू, प्रयागराज, लखीमपुर खीरी व जौनपुर, नोएडा के सुदीक्षा भाटी कांड व गाजियाबाद विक्रम त्यागी का अपहरण कांड के पीड़ित परिवारों से मिले।
विज्ञापन
संजय सिंह ने यह भी कहा है कि उत्तर प्रदेश में जंगलराज की स्थिति है। पुलिस, पत्रकार, व्यापारी, बेटियां कोई सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा। यूपी के 2002 के शासनादेश, जिसमें थानों की नियुक्तियों में सभी जातियों का संतुलन स्थापित करने का उल्लेख किया गया है, की खुलेआम अवहेलना हो रही है।
पत्र में संजय सिंह ने अपने पत्र में मुख्य रूप से पुलिस आयुक्त लखनऊ, पुलिस अधीक्षक बस्ती, पुलिस अधीक्षक बागपत, पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर, पुलिस अधीक्षक लखीमपुर खीरी, पुलिस अधीक्षक संत कबीर नगर, पुलिस अधीक्षक गोरखपुर, पुलिस अधीक्षक अलीगढ़ का जिक्र किया है।
विज्ञापन
पत्र के माध्यम से संजय सिंह ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में बढ़ रहे अपराध, जातीय वैमनस्यता, कोरोना और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाए जाने पर मेरे विरुद्ध पुलिस अधिकारियों और थानाध्यक्षों की मिलीभगत से एफआईआर दर्ज की गई है।
विज्ञापन
उनका कहना है कि वह यूपी के मौजूदा हालातों से आगामी सत्र में सदन को अवगत कराने के लिए राज्य का दौरा कर रहे थे। इसके लिए वह बिकरू, प्रयागराज, लखीमपुर खीरी व जौनपुर, नोएडा के सुदीक्षा भाटी कांड व गाजियाबाद विक्रम त्यागी का अपहरण कांड के पीड़ित परिवारों से मिले।
विज्ञापन
संजय सिंह ने यह भी कहा है कि उत्तर प्रदेश में जंगलराज की स्थिति है। पुलिस, पत्रकार, व्यापारी, बेटियां कोई सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा। यूपी के 2002 के शासनादेश, जिसमें थानों की नियुक्तियों में सभी जातियों का संतुलन स्थापित करने का उल्लेख किया गया है, की खुलेआम अवहेलना हो रही है।
पत्र में संजय सिंह ने अपने पत्र में मुख्य रूप से पुलिस आयुक्त लखनऊ, पुलिस अधीक्षक बस्ती, पुलिस अधीक्षक बागपत, पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर, पुलिस अधीक्षक लखीमपुर खीरी, पुलिस अधीक्षक संत कबीर नगर, पुलिस अधीक्षक गोरखपुर, पुलिस अधीक्षक अलीगढ़ का जिक्र किया है।