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सागर धनखड़ की मौत मामला: पुलिस ने कहा- गवाहों की सुरक्षा का रोहिणी कोर्ट में कोई मुद्दा नहीं

Tue, 26 Apr 2022 12:57 PM IST
सुशील कुमार अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली Published by: सुशील कुमार Updated Tue, 26 Apr 2022 12:57 PM IST
सार

पुलिस द्वारा मामले में पीड़ितों और अभियोजन पक्ष के गवाहों द्वारा दायर एक याचिका में स्थिति रिपोर्ट  में यह जानकारी दी है। घटना  में विभिन्न गिरोहों के 20 से अधिक गैंगस्टरों द्वारा कथित तौर पर बेरहमी से सागर को पीटा गया था, जिसके परिणामस्वरूप उसकी मौत हो गई थी।

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Sagar Dhankhar death case Police said there is no issue in Rohini court regarding the protection of witnesses
पहलवान सुशील कुमार गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली पुलिस ने कहा कि छत्रसाल स्टेडियम हत्याकांड के संबंध में पीड़ितों या अभियोजन पक्ष के गवाहों की सुरक्षा का कोई मुद्दा नहीं है और रोहिणी कोर्ट में सुरक्षा की व्यवस्था की गई है, जहां मुकदमा चल रहा है। पुलिस ने गवाहों की सुरक्षा मामले में दायर याचिका पर हाईकोर्ट को यह जानकारी दी है। यह मामला पूर्व जूनियर राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियन सागर धनखड़ की मौत से जुड़ा है। पहलवान सुशील कुमार इस मामले के आरोपियों में से एक है।

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पुलिस द्वारा मामले में पीड़ितों और अभियोजन पक्ष के गवाहों द्वारा दायर एक याचिका में स्थिति रिपोर्ट  में यह जानकारी दी है। घटना  में विभिन्न गिरोहों के 20 से अधिक गैंगस्टरों द्वारा कथित तौर पर बेरहमी से सागर को पीटा गया था, जिसके परिणामस्वरूप उसकी मौत हो गई थी। याचिका में पीड़ितों और अभियोजन पक्ष के गवाहों की सुरक्षा के हित में मामले की सुनवाई को रोहिणी कोर्ट से किसी अन्य जिला अदालत में स्थानांतरित करने की मांग की गई है ताकि निष्पक्ष और श्रिपक्ष सुनवाई के साथ-साथ दिन-प्रतिदिन की सुनवाई भी हो सके।
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न्यायमूर्ति जसमीत सिंह के समक्ष पेश रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस ने बताया कि सभी संबंधित व्यक्तियों की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों (नागालैंड सशस्त्र पुलिस) के एक स्क्वाड्रन को कोर्ट परिसर में तैनात किया गया है। अदालत परिसर में प्रवेश करने से पहले प्रत्येक व्यक्ति और बैग की अच्छी तरह से जांच की जाती है। प्रत्येक प्रवेश बिंदु पर वाहनों की भी जांच की जाती है। पीड़ितों, अभियोजन पक्ष के गवाहों की सुरक्षा और सुरक्षा का कोई मुद्दा नहीं है। पीड़ित, अभियोजन पक्ष के गवाह बिना किसी डर के अपनी गवाही दे सकते हैं। 
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स्थिति रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रोहिणी न्यायालय के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पहले ही पुलिस को मामले के सभी पीड़ितों या गवाहों को 24 घंटे सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया था और मामले के सभी चार पीड़ितों को पुलिस सुरक्षा की पेशकश की गई थी, हालांकि एक को छोड़कर अन्य ने पुलिस सुरक्षा ले ली है।


रिपोर्ट में कहा गया है कि चूंकि अन्य पीड़ित हरियाणा राज्य में रहते हैं, इसलिए हरियाणा पुलिस उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के लिए सहमत हो गई है। दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा है कि तीन पीड़ितों की जांच के बाद और उनके बयानों को खतरे की धारणा को मापने के लिए दर्ज किया गया था, उन्होंने केवल इतना कहा था कि उन्हें धमकी दी गई थी कि अगर वे सुशील कुमार और उनके सहयोगियों के खिलाफ कोई गवाही देंगे, तो वे मार डाला जाएगा।

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