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Delhi: राजधानी वासियों को मिलेगा तय समय में सेवा पाने का हक, मंत्री पंकज सिंह ने पेश किया दिल्ली विधेयक 2026
Tue, 11 Aug 2026 07:23 AM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 11 Aug 2026 07:23 AM IST
सार
दिल्लीवासियों के लिए अच्छी खबर है। अब सरकारी सेवाओं को तय समय-सीमा में, पारदर्शी और अनावश्यक भाग-दौड़ के बिना इसे हासिल करने का उनको कानूनी अधिकार मिलेगा।
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दिल्ली विधानसभा
- फोटो : Delhi Assembly Television
विस्तार
दिल्लीवासियों के लिए अच्छी खबर है। अब सरकारी सेवाओं को तय समय-सीमा में, पारदर्शी और अनावश्यक भाग-दौड़ के बिना इसे हासिल करने का उनको कानूनी अधिकार मिलेगा। दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने सोमवार विधानसभा में दिल्ली (नागरिकों का समय पर और आसानी से सेवाएं पाने का अधिकार) विधेयक, 2026 पेश किया। यह विधेयक 2011 के मौजूदा कानून का स्थान लेगा।
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विधेयक के अनुसार, हर दिल्लीवासी को तय समय-सीमा के भीतर सरकारी सेवा प्राप्त करने का कानूनी अधिकार मिलेगा। आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल होगी। हर आवेदन को एक यूनिक एप्लीकेशन नंबर दिया जाएगा। इस नंबर के जरिये लोग अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकेंगे। सेवा में देरी पर आवेदन खुद ही वरिष्ठ अधिकारी के पास पहुंच जाएगा।
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अधिकारियों की जवाबदेही और जुर्माने का प्रावधान
विधेयक से बिना किसी उचित कारण के सेवा में देरी करने या गलत तरीके से आवेदन खारिज करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। लापरवाह अधिकारियों पर प्रतिदिन 250 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसकी अधिकतम सीमा 5,000 रुपये होगी। गलत तरीके से आवेदन अस्वीकार करने पर भी 250 रुपये से 5,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। यह रकम संबंधित अधिकारी से वसूली जाएगी।
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शिकायत निवारण और अपील की व्यवस्था
विधेयक के तहत, सबसे पहले शिकायत का निवारण संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा अधिकतम 30 दिनों के भीतर किया जाएगा। यदि नागरिक प्रथम स्तर के समाधान से संतुष्ट नहीं होता है, तो वह दिल्ली राइट टू सर्विस कमीशन में दूसरी अपील कर सकेगा। कमीशन के पास लापरवाह कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की सिफारिश करने की शक्ति होगी।
विधेयक का दायरा
यह कानून पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में लागू होगा। इनमें दिल्ली नगर निगम, नई दिल्ली नगर परिषद, दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड, दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली विकास प्राधिकरण समेत दूसरे स्थानीय निकाय शामिल हैं।
पारदर्शी और जन-केंद्रित शासन की ओर एक कदम
डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि स्पष्ट जवाबदेही के माध्यम से यह विधेयक नागरिकों के अधिकारों को और मजबूत करेगा।