#ladengecoronase : दिल्ली में 30 जगहों पर मिलेगा रेमडेसिविर इंजेक्शन, पुलिस की सुरक्षा मांगी
- दिल्ली औषधि नियंत्रण विभाग ने पुलिस आयुक्त को लिखा पत्र
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दिल्ली में कोरोना वायरस से संक्रमित गंभीर रोगियों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन 30 जगहों पर उपलब्ध होगा। यहां फॉर्मा कंपनी की ओर से सीधे दवा भेजी जाएगी जिसके बाद इसका वितरण अस्पतालों में किया जाएगा। बृहस्पतिवार को दिल्ली औषधि नियंत्रण विभाग ने पुलिस आयुक्त को पत्र लिख इन केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा मांगी है ताकि महामारी के इस वक्त में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो सके।
जानकारी के अनुसार औषधि नियंत्रण विभाग के विशेष सचिव उदित प्रकाश राय ने दिल्ली पुलिस के आयुक्त को पत्र लिख कहा है कि राजधानी में कोरोना संक्रमण के बढने से मरीजों की संख्या में तेजी आ रही है। साथ ही रेमडेसिविर की मांग भी काफी तेजी से बढ़ गई है। विभाग इसे लेकर फॉर्मा कंपनी और वितरण एजेंसियों से संपर्क है। साथ ही इसके वितरण को लेकर निगरानी रखी जा रही है। चूंकि महामारी के इस समय में पैनिक स्थिति काफी देखने को मिल रही है।
ऐसे में इन जगहों पर भीड़ अनियंत्रित हो सकती है। इसलिए लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बरकरार रखने के लिए यहां पुलिस सुरक्षा बेहद आवश्यक है। इसलिए तत्काल राजधानी की 30 जगहों पर पुलिस सुरक्षा बल को तैनात करने की मांग की है। पत्र में इन सभी जगहों के नाम और उक्त इलाके के औषधि नियंत्रक अधिकारी के संपर्क भी दिए हैं। इनमें ओखला, कालकाजी, ईस्ट ऑफ कैलाश, लाजपत नगर, युसूफ सराय, दिलशाद कॉलोनी, शाहदरा, मोतीनगर, पीतमपुरा, मानसरोवर गार्डन और उत्तम नगर स्थित वितरक शामिल हैं।
छतरपुर में 500 ऑक्सीजन बेड के लिए मांगा स्टाफ
दिल्ली के छतरपुर स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल कोविड सेंटर को जल्द ही शुरू किया जा सकता है। बृहस्पतिवार को आईटीबीपी ने सरकार से यहां 500 ऑक्सीजन बिस्तरों की क्षमता के लिए अतिरिक्त चिकित्सीय कर्मचारियों का स्टाफ मांगा है। जानकारी मिली है कि अगले कुछ दिन में यह सेंटर शुरू हो सकता है। वहीं छतरपुर में ही राधा स्वामी कोविड सेंटर भी शुरू होने वाला है। आगामी 25 अप्रैल से यहां एक हजार बिस्तरों की व्यवस्था होगी जिस पर कोविड मरीजों को भर्ती किया जा सकेगा।
ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए सरकार ने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की
अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए सरकार संवेदनशील हो गई है। अस्पताल प्रशासन से बार-बार ऑक्सीजन की मांग, अस्पतालों के बाहर मरीज के तीमारदारों की बदहवास स्थिति और ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए दर-बदर भटकते देख जहां अदालत ने खुद संज्ञान लिया है तो वहीं दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भी हरकत में आ गई है। दिल्ली के सभी प्रशासनिक व्यवस्था व अधिकारियों को ऑक्सीजन की मॉनीटरिंग के लिए जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव की तरफ से जारी आक्सीजन प्रबंधन नियमों के तहत कहा गया है कि संबंधित सभी अधिकारी आदेश के कड़े प्रवर्तन को सुनिश्चित करे। सख्त निर्देश को माने। दिल्ली पुलिस द्वारा ऑक्सीजन टैंकरों की आवाजाही और नियंत्रण की निगरानी करें।
विभिन्न चेकपोस्ट पर टेंकरों के प्रवेश व निकास का रिकार्ड रखे। उन्हें तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित किया जाएगा। इसके अलावाए एक ग्रीन कॉरिडोर सभी टैंकरों के लिए बनाए। विशेष पुलिस आयुक्त को इस प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। सरकारी व निजी अस्पतालों को ऑक्सीजन आवंटन में सहयोगी बने।
अस्पतालों के जारी दिशा-निर्देश में कहा गया है कि एक समिति गठित कर ऑक्सीजन ऑडिट की जाए। मेडिकल ऑक्सीजन के उपयोग को तर्कसंगत बनाने के लिए एक ऑडिट समिति की नियुक्ति करे। समिति ऑक्सीजन के उपयोग और स्टॉक पर डेटा भी एकत्र करेगी।
नोडल अधिकारियों की भी नियुक्ति अस्पताल प्रशासन करे जो मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के समन्वय और निवारण से संबंधित किसी भी मामले में चौबीस घंटे उपलब्ध रहेंगे। ऑक्सीजन प्रबंधन के लिए दिल्ली के आईएएस ऑफिसरों की जिम्मेदारी तय की गई है जो समन्वय स्थापित कर ऑक्सीजन की उपलब्धता कराएंगे।