फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Record of giving PhD degree in DU

दिल्ली : डीयू में पीएचडी डिग्री देने का रिकॉर्ड, 802 छात्रों को मिली उपाधि

Sun, 27 Feb 2022 05:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 27 Feb 2022 05:04 AM IST
सार

समारोह में कोरोना के कारण दो विद्यार्थियों गणित विभाग से मनोज एवं कॉमर्स से बुरहानुद्दीन को मरणोपरांत पीएचडी की डिग्री दी गईं। इसके साथ ही 1,73,443 विद्यार्थियों को डिजिटल डिग्री प्रदान की गईं।

विज्ञापन
Record of giving PhD degree in DU
उपाधि की उपलब्धि... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने शनिवार को आयोजित 98वें  दीक्षांत समारोह में पीएचडी डिग्री देने का रिकॉर्ड कायम कर दिया। डीयू के इतिहास में अब तक की सर्वाधिक 802 पीएचडी की डिग्री प्रदान की गईं। इससे पहले 2014-15 में 704 शोधार्धियों को पीएचडी डिग्री दी गई थी।

विज्ञापन

 
समारोह में कोरोना के कारण दो विद्यार्थियों गणित विभाग से मनोज एवं कॉमर्स से बुरहानुद्दीन को मरणोपरांत पीएचडी की डिग्री दी गईं। इसके साथ ही 1,73,443 विद्यार्थियों को डिजिटल डिग्री प्रदान की गईं। सभी उपाधियां ब्लॉक चेन सिक्योरिटी के साथ डीयू द्वारा तैयार सॉफ्टवेयर समर्थ ई-गवर्नेस के माध्यम से दी गईं। समारोह में 158 विद्यार्थियों को 197 स्वर्ण पदक दिए गएं। कुछ ऐसे विद्यार्थी भी रहे, जिन्हें एक से अधिक स्वर्ण पदक मिले। 
विज्ञापन


डॉक्टर ऑफ  मेडिसन, मास्टर ऑफ सर्जरी में 50 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। नॉर्थ कैंपस स्थित खेल परिसर के बहुद्देशीय हाल में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जीवन में ज्ञान से ज्यादा संस्कारों की अहमियत है। संस्कारों का महत्व इस बात से समझा जा सकता है कि रावण श्रीराम से ज्यादा ज्ञानी, धनवान, बलवान था, लेकिन पूजा रावण की नहीं बल्कि मर्यादा पुुरुषोत्तम राम और उनके संस्कारों की होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे बड़े मन से काम करें। यह बात महत्व नहीं रखती कि आप कितने बुद्धिमान हैं, बल्कि महत्व इस बात का है कि आपका मन कितना बड़ा है और आपके संस्कार क्या हैं। उन्होंने छात्रों को जीवन में असफलता से नहीं घबराने की सलाह दी और कहा कि किसी भी देश का भविष्य नौजवानों पर निर्भर करता है। इससे पहले  केंद्रीय रक्षा मंत्री ने टैब के माध्यम से 1 लाख 73 हजार 443 विद्यार्थियों को डिजिटल डिग्रियां प्रदान कीं।

समारोह की अध्यक्षता कर  रहे कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि एक मई से डीयू अपनी स्थापना का 100वां वर्ष मना रहा है। तीन कॉलेज (रामजस, स्टीफंस, हिंदू) से शुरू हुए डीयू में अब 80 से अधिक कॉलेज हैं। उन्होंने डीयू की विश्व स्तर पर रैकिंग का भी विस्तार से वर्णन किय। इस अवसर पर डीन ऑफ कॉलेजज प्रो बलराम पाणि, साउथ कैंपस निदेशक प्रो श्रीप्रकाश सिंह, डीयू कुलसचिव डॉ. विकास गुप्ता, अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. नितिन मलिक, सहित  डीन व कॉलेज प्रिंसिपल उपस्थित थे।


बीटेक, बीए एलएलबी, बीबीए एलएलबी जैसे प्रोग्राम शुरू होंगे-कुलपति
कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने बताया कि नई शिक्षा नीति 2020 के तहत आगामी सत्र से बीटेक कंप्यूटर साइंस, बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स, बीटेक इलेक्ट्रिकल जैसे प्रोग्राम शुरू होने जा रहे हैं। वहीं पांच वर्षीय इंटिग्रटेड बीए एलएलबी, बीबीए एलएलबी भी जल्द शुरू किया जाएगा। कैंपस ऑफ लर्निंग के तहत भी कुछ नए कोर्सेज शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed