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दिल्ली: गर्दन से निकाला दुर्लभ ट्यूमर, कश्मीर के मरीज की बचाई जान
Tue, 12 Apr 2022 11:46 PM IST
सुशील कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार
Updated Tue, 12 Apr 2022 11:46 PM IST
सार
अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. संगीत अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्यूमर मरीज की ऊपरी छाती में जाने वाली निचली गर्दन के पैरागैंग्लिओमा में पाया गया। ट्यूमर की जगह बहुत दुर्लभ थी और सर्जरी में चुनौती भी काफी थी।
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सर गंगा राम अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गर्दन से एक दुर्लभ ट्यूमर निकाल दिल्ली के डॉक्टरों ने कश्मीर के एक मरीज की जान बचाई। सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कश्मीर निवासी 60 वर्षीय मरीज को सांस लेने में कठिनाई के साथ-साथ भोजन निगलने में समस्या और आवाज में बदलाव की परेशानी थी। अस्पताल में जांच के दौरान पता चला कि गर्दन और ऊपरी छाती के निचले हिस्से में लगभग 6 सेमी आकार का दुर्लभ ट्यूमर था जो श्वासनली (विंड पाइप) और भोजन की नली को संकुचित कर रहा था। इसी के चलते मरीज को सांस लेने और निगलने में परेशानी हो रही थी।
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अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. संगीत अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्यूमर मरीज की ऊपरी छाती में जाने वाली निचली गर्दन के पैरागैंग्लिओमा में पाया गया। ट्यूमर की जगह बहुत दुर्लभ थी और सर्जरी में चुनौती भी काफी थी। मस्तिष्क, भोजन नली और श्वासनली (विंड पाइप) में जाने वाली प्रमुखरक्त वाहिकाओं को बचाना भी जरूरी था। इसी के चलते सर्जरी के दौरान काफी सावधानी बरतते हुए करीब तीन घंटे बाद सफलता हासिल हुई।
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उन्होंने बताया कि सर्जरी के दौरान ट्यूमर हवा की नली, भोजन नली, कशेरुका (पीठ की हड्डी), गर्दन और ऊपरी छाती की प्रमुख रक्त वाहिकाओं से जुड़ा हुआ था। इस तरह के ट्यूमर काफी कम देखने को मिलते हैं जो एक साथ कई अंगों को प्रभावित करते हैं। हालांकि, इस स्थिति से बचने के लिए समय पर जांच बहुत जरूरी है। अगर उपचार में देरी होती है तो इसमें जान का जोखिम काफी बढ़ जाता है।
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