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राकेश टिकैत: संसद चलाना भी जानता है किसान और अनदेखी करने वालों को सबक सिखाना भी, कोई भुलावे में न रहे

Sun, 25 Jul 2021 05:47 PM IST
सुशील कुमार कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Sun, 25 Jul 2021 05:47 PM IST
सार

किसान संसद के पहले दिन जंतर मंतर पर किसानों ने अपनी एकजुटता दिखाई और सरकार से कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। राकेश टिकैत ने कहा कि देश की संसद में किसानों की आवाज दबाई जा रही है।

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Rakesh Tikait said Farmer knows how to run Parliament and teach a lesson to those who ignore it in village
राकेश टिकैत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार को धमकाते हुए फिर से चेताया है। उन्होंने कहा कि किसान संसद चलाना भी जानता है और अनदेखी करने वालों को गांव में सबक सिखाना भी। भुलावे में कोई न रहे। साथ ही कहा कि किसान संसद से किसानों ने गूंगी-बहरी सरकार को जगाने का काम किया है। मानसून सत्र के दौरान किसान जंतर मंतर पर अपनी किसान संसद चला रहे हैं।

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बता दें कि किसान संसद के पहले दिन जंतर मंतर पर किसानों ने अपनी एकजुटता दिखाई और सरकार से कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। राकेश टिकैत ने कहा कि देश की संसद में किसानों की आवाज दबाई जा रही है। अगर सांसद किसानों के हक में संसद के भीतर आवाज नहीं उठाते तो उनके क्षेत्र में विरोध किया जाएगा। चाहे वह किसी भी दल के हों। 


राकेश टिकैत ने कहा कि आंदोलन के आठ महीन में सरकार ने किसानों को दिल्ली में आकर अपनी बात रखने की अनुमति दी है। सरकार किसानों की मांग पर ध्यान नहीं दे रही है, लेकिन हम हार मानने वाले नहीं हैं। जब तक कृषि कानून वापस नहीं होंगे आंदोलनकारी डटे रहेंगे। केंद्र को कानूनों को वापस लेना ही होगा।
 
भाकियू नेता ने कहा कि सरकार किसानों को हल्के में ले रही है। अन्नदाताओं ने दिल्ली का रास्ता देख रखा है। जब तक संसद का यह सत्र चलेगा, यहां 200 किसान रोज आएंगे और अपनी मांग को रखेंगे। जिस प्रकार देश की संसद में प्रस्ताव पास होते हैं उसी प्रकार किसान संसद में भी प्रस्ताव पास होंगे, जिन्हें सरकार को मानना होगा।

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