फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Railways directed not to take any action against two mosques on Tilak Marg and Babar Road

Delhi: बंगाली मार्केट मस्जिद और तकिया बब्बर शाह को हाईकोर्ट से राहत, नोटिस पर रेलवे को फटकार; पढ़ें नया आदेश

Wed, 26 Jul 2023 05:38 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Wed, 26 Jul 2023 05:38 PM IST
सार

दिल्ली में रेलवे को तिलक मार्ग और बाबर रोड पर दो मस्जिदों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है। साथ ही नोटिस चस्पा करने पर कड़ी फटकार भी लगाई है।

विज्ञापन
Railways directed not to take any action against two mosques on Tilak Marg and Babar Road
बंगाली मार्केट मस्जिद - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

उच्च न्यायालय ने रेलवे को अपनी जमीन पर बनी तिलक मार्ग और बाबर रोड पर दो मस्जिदों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है। अदालत ने माना कि जारी नोटिस बिना हस्ताक्षर के है और उस पर कार्रवाई नहीं की जा सकती।

विज्ञापन


याचिका में किया गया ये दावा
न्यायमूर्ति प्रतीक जालान ने केंद्र सरकार के वकील को उनके अनुरोध पर दिल्ली वक्फ बोर्ड की याचिका पर निर्देश लेने के लिए समय दिया है। याचिका मे दावा किया गया है कि नोटिस सामान्य है और तिलक मार्ग पर रेलवे ब्रिज के पास दो मस्जिदों मस्जिद तकिया बब्बर शाह और बाबर मार्ग पर मस्जिद बच्चू शाह, जिसे बंगाली मार्केट मस्जिद के नाम से भी जाना जाता है, अनधिकृत नहीं है और जमीन रेलवे की नहीं है।

विज्ञापन

इस आधार पर कोर्ट ने जारी किया आदेश
अदालत ने पाया कि नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए गए थे, उस प्राधिकरण का उल्लेख नहीं किया गया था जिसके तहत उन्हें जारी किया गया था। अदालत ने यह कैसा नोटिस है? क्या कोई सामान्य चीज हर जगह पोस्ट की जा रही है? उसे किसी भी (इमारत) पर पोस्ट किया जा सकता है। इसमें किसी इमारत, किसी तारीख या किसी चीज का जिक्र नहीं है।

कोर्ट की नोटिस पर फटकार
अदालत ने कहा ऐसा प्रतीत होता है कि नोटिस कथित तौर पर रेलवे प्रशासन, उत्तर रेलवे, दिल्ली द्वारा जारी किया गया एक सामान्य नोटिस है, जो जनता से 15 दिनों के भीतर रेलवे भूमि से मंदिरों/मस्जिदों/मजारों को स्वेच्छा से हटाने का आह्वान करता है, अन्यथा उन्हें रेलवे प्रशासन द्वारा हटा दिया जाएगा। अदालत ने कहा कि बिना हस्ताक्षर वाले नोटिस के अनुसार कार्रवाई नहीं की जाएगी।

केंद्र सरकार के वकील ने कहा कि वह इस मुद्दे पर स्पष्ट निर्देश लेंगे। उन्होंने कहा दो मस्जिदें 123 असूचीबद्ध संपत्तियों का हिस्सा हैं जिन्हें केंद्र ने लिया है। अदालत ने केंद्र के वकील को निर्देश लेने के लिए समय दिया कि क्या रेलवे द्वारा मौजूदा स्वरूप में नोटिस जारी किए गए थे। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील वजीह शफीक ने कहा कि 19 और 20 जुलाई को दशकों से मौजूद मस्जिदों पर नोटिस चिपकाए गए है और जांच करने पर पता चला कि वे मंडल रेलवे प्रबंधक के कार्यालय से जारी किए गए थे। उन्होंने कहा कि नोटिस में कोई फाइल नंबर, तारीख, हस्ताक्षर, जारी करने वाले व्यक्ति का नाम या पद नहीं है।

उन्होंने अदालत से रेलवे को मस्जिदों के खिलाफ किसी भी कारवाई पर रोक लगाने का आग्रह करते हुए कहा कि बंगाली मार्केट मस्जिद लगभग 250 साल और तिलक मार्ग मस्जिद 400 साल पुरानी है, और उनकी दीवारों पर चिपकाए गए नोटिस रद्द किए जाने योग्य हैं। उनहोंने कहा दोनों मस्जिदें सदियों से अस्तित्व में हैं। इसमें कहा गया है कि रेलवे ने अपने नोटिस में मस्जिदों को 15 दिनों के भीतर जमीन से हटाने को कहा है।अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त तय की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed