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खतरनाक: हवाओं की सुस्त रफ्तार ने बिगाड़ी दिल्ली-एनसीआर की फिजा, पराली कम जलने के बाद भी ज्यादा हुआ प्रदूषण
Thu, 25 Nov 2021 12:09 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 25 Nov 2021 12:09 AM IST
सार
सफर का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिनों तक स्थानीय स्तर पर चलने वाली हवाओं की रफ्तार कम होने और पारा लुढ़कने के साथ राहत के आसार नहीं हैं। हवा का स्तर बहुत खराब के उच्चतम श्रेणी में पहुंच सकता है।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पड़ोसी राज्यों में पराली जलने की कम घटनाओं के बाद भी दिल्ली-एनसीआर की हवा फिर बिगड़ गई है। हवा का औसत स्तर खराब से खिसक कर बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया है। इसकी प्रमुख वजह सतह पर चलने वाली हवा की सुस्त रफ्तार को माना जा रहा है।
सफर का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिनों तक स्थानीय स्तर पर चलने वाली हवाओं की रफ्तार कम होने और पारा लुढ़कने के साथ राहत के आसार नहीं हैं। हवा का स्तर बहुत खराब के उच्चतम श्रेणी में पहुंच सकता है।
सफर के मुताबिक, बीते 24 घंटों में पड़ोसी राज्यों में शामिल पंजाब में 91, हरियाणा में 59 व उत्तरप्रदेश में 186 स्थानों पर पराली जलने की घटनाएं रिकॉर्ड की गई हैं। हालांकि, हवा उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर न होने के कारण पराली का धुआं दिल्ली-एनसीआर की हवा में जहर नहीं घोल रहा है।
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बुधवार को भी पराली के धुएं की प्रदूषण में न के बराबर हिस्सेदारी रही। हवा में पीएम 10 का स्तर 327 व पीएम 2.5 का स्तर 171 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर रिकॉर्ड किया गया है।
सफर का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिनों तक स्थानीय स्तर पर चलने वाली हवा की रफ्तार कम होने व पारे के लुढ़कने के कारण प्रदूषक सतह पर बने रहेगें और प्रदूषण का स्तर बढ़ेगा। आगामी 27 नवंबर से तेज हवाएं चलने की संभावनाएं हैं, लेकिन इससे प्रदूषण के स्तर में अधिक अंतर नहीं आएगा और हवा का स्तर बहुत खराब श्रेणी में ही बना रहेगा।
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सफर का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिनों तक स्थानीय स्तर पर चलने वाली हवाओं की रफ्तार कम होने और पारा लुढ़कने के साथ राहत के आसार नहीं हैं। हवा का स्तर बहुत खराब के उच्चतम श्रेणी में पहुंच सकता है।
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सफर के मुताबिक, बीते 24 घंटों में पड़ोसी राज्यों में शामिल पंजाब में 91, हरियाणा में 59 व उत्तरप्रदेश में 186 स्थानों पर पराली जलने की घटनाएं रिकॉर्ड की गई हैं। हालांकि, हवा उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर न होने के कारण पराली का धुआं दिल्ली-एनसीआर की हवा में जहर नहीं घोल रहा है।
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बुधवार को भी पराली के धुएं की प्रदूषण में न के बराबर हिस्सेदारी रही। हवा में पीएम 10 का स्तर 327 व पीएम 2.5 का स्तर 171 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर रिकॉर्ड किया गया है।
सफर का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिनों तक स्थानीय स्तर पर चलने वाली हवा की रफ्तार कम होने व पारे के लुढ़कने के कारण प्रदूषक सतह पर बने रहेगें और प्रदूषण का स्तर बढ़ेगा। आगामी 27 नवंबर से तेज हवाएं चलने की संभावनाएं हैं, लेकिन इससे प्रदूषण के स्तर में अधिक अंतर नहीं आएगा और हवा का स्तर बहुत खराब श्रेणी में ही बना रहेगा।
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान(आईआईटीएम) के मुताबिक, बुधवार को हवा की रफ्तार आठ से 10 किमी प्रति घंटा रिकॉर्ड की गई है। साथ ही मिक्सिंग हाइट 900 मीटर के करीब रही। हवा की रफ्तार व मिक्सिंग हाइट के अनुपात के कारण वेंटिलेशन इंडेक्स 1500 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रिकॉर्ड किया गया है।
अगले दो दिनों में दक्षिण-पूर्वी दिशा से आने वाली हवा की रफ्तार पांच से आठ किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। वहीं, बृहस्पतिवार को मिक्सिंग हाइट 950 मीटर और शुक्रवार को एक हजार मीटर रह सकती है। वेंटिलेशन इंडेक्स 1500 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रहने की संभावना है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(सीपीसीबी) के मुताबिक, बुधवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 361 रहा। इससे एक दिन पहले यह 290 रिकॉर्ड किया गया था। दूसरी ओर एनसीआर के सभी शहरों की हवा भी खराब से खिसककर बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई है। देश में सबसे प्रदूषित शहर बिहार का सिवान 420 एक्यूआई के साथ रिकॉर्ड किया गया है।
दिल्ली-एनसीआर के आंकड़े
24 नवंबर 23 नवंबर
दिल्ली- 361 290
फरीदाबाद 367 279
गाजियाबाद 366 268
ग्रेटर नोएडा 312 255
गुरुग्राम- 305 276
नोएडा 325 252
अगले दो दिनों में दक्षिण-पूर्वी दिशा से आने वाली हवा की रफ्तार पांच से आठ किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। वहीं, बृहस्पतिवार को मिक्सिंग हाइट 950 मीटर और शुक्रवार को एक हजार मीटर रह सकती है। वेंटिलेशन इंडेक्स 1500 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रहने की संभावना है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(सीपीसीबी) के मुताबिक, बुधवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 361 रहा। इससे एक दिन पहले यह 290 रिकॉर्ड किया गया था। दूसरी ओर एनसीआर के सभी शहरों की हवा भी खराब से खिसककर बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई है। देश में सबसे प्रदूषित शहर बिहार का सिवान 420 एक्यूआई के साथ रिकॉर्ड किया गया है।
दिल्ली-एनसीआर के आंकड़े
24 नवंबर 23 नवंबर
दिल्ली- 361 290
फरीदाबाद 367 279
गाजियाबाद 366 268
ग्रेटर नोएडा 312 255
गुरुग्राम- 305 276
नोएडा 325 252
दिल्ली के पांच हॉटस्पॉट
-जहांगीरपुरी
-अलीपुर
-बवाना
-रोहिणी
-आश्रम रोड
देश के सबसे प्रदूषित शहर
सिवान- 420
बेतिया- 386
दरभंगा- 377
-जहांगीरपुरी
-अलीपुर
-बवाना
-रोहिणी
-आश्रम रोड
देश के सबसे प्रदूषित शहर
सिवान- 420
बेतिया- 386
दरभंगा- 377