Delhi News : वन महोत्सव में भी सियासत, बैनर पर पीएम के फोटो, नहीं पहुंचे केजरीवाल
असोला भट्टी माइंस में हुए कार्यक्रम पर दिल्ली सरकार ने आपत्ति जताई। दिल्ली सरकार ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम स्थल को दिल्ली पुलिस ने रातों-रात कब्जे में ले लिया। वहां लगे मुख्यमंत्री के बैनर फाड़कर प्रधानमंत्री के चित्र वाले बैनर लगा दिए गए।
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वन महोत्सव के समापन समारोह में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्रियों ने शिरकत नहीं की। असोला भट्टी में आयोजित यह कार्यक्रम राजनीतिक रंग ले लिया। दिल्ली सरकार ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम स्थल को दिल्ली पुलिस ने रातों-रात कब्जे में ले लिया। वहां लगे मुख्यमंत्री के बैनर फाड़कर प्रधानमंत्री के चित्र वाले बैनर लगा दिए गए।
दिल्ली सरकार ने आपत्ति जताई है कि प्रधानमंत्री कार्यालय के आदेश पर समारोह स्थल पर कब्जा किया गया। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आयोजन में शामिल होना था, लेकिन पुलिस ने दिल्ली सरकार के बैनर हटा दिए। तैयारी में लगे लोगों को भी धमकाया गया। राय ने मीडिया से बातचीत में यह भी कहा कि पिछले कुछ समय से केजरीवाल और दिल्ली सरकार के मंत्रियों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। पहले सत्येंद्र जैन को झूठे केस में गिरफ्तार कर लिया गया और अब उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी का षड्यंत्र रचा जा रहा है।
मुख्यमंत्री का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चित्र लगने पर कार्यक्रम का बहिष्कार करना दुर्भाग्यपूर्ण है। किसी भी सरकार का यह व्यवहार बहुत ही बचकाना है। यह व्यवहार प्रोटोकोल के अनुरूप भी नहीं है। दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश है और नरेंद्र मोदी पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं। किसी भी राज्य के विकास में केंद्र और राज्य सरकारों में तालमेल और आपसी समझबूझ होना बहुत जरूरी है।
- रामवीर सिंह बिधूड़ी, नेता प्रतिपक्ष
इन हरकतों से मुख्यमंत्री केजरीवाल की लोकप्रियता ही बढ़ेगी : संजय सिंह
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिल्ली सरकार के कार्यक्रम में डकैती डालकर अपना फोटो लगवाने का आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या देश के प्रधानमंत्री को ऐसा आचरण करना शोभा देता है? केजरीवाल सरकार के खिलाफ साजिश के तहत शृंखलाबद्ध घटनाक्रम को अंजाम दिया जा रहा है। अब तक 150 से ज्यादा फर्जी मुकदमे आप नेताओं पर दर्ज किए गए हैं। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और मंत्री सत्येंद्र जैन पर भी मनगढ़ंत आरोप लगाए गए हैं। राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दिल्ली मॉडल से नरेंद्र मोदी भयभीत हैं, मगर उनसे केजरीवाल का मॉडल रुकने वाला नहीं है। इस प्रकार की हरकतों से केजरीवाल की लोकप्रियता और बढ़ेगी, लेकिन सभी को सोचना पड़ेगा कि कैसे आखिर एक राज्य सरकार काम कर पाएगी, जब देश के प्रधानमंत्री ही इस तरह से पीछे पड़े हैं।
हर मंच पर अपना फोटो चाहते हैं प्रधानमंत्री : सौरभ भारद्वाज
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार के पर्यावरण वन महोत्सव में एलईडी स्क्रीन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोटो वाला होर्डिंग लगने पर आरोप एवं सवालों की झड़ी लगाई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की हर मंच पर फोटो लगवाने की आतुरता फिर सामने आई है। उन्होंने सवाल किया कि वह जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब क्या अपने कार्यक्रम में उस समय देश के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के फोटो लगवाते थे।
केंद्र सरकार को कैसा डर
एलईडी टीवी के माध्यम से बच्चों को वीडियो और फोटो दिखाकर पौधरोपण के बारे में जागरूक करना था, लेकिन इस स्क्रीन पर भी प्रधानमंत्री का बैनर लगा दिया गया। इस बैनर को लगाकर प्रधानमंत्री कार्यालय क्या संदेश देना चाहता है, यह दिल्ली सरकार की समझ से परे है। केंद्र सरकार को अचानक से केजरीवाल सरकार से इतना डर क्यों लगा रहा है?
- गोपाल राय, पर्यावरण मंत्री
असोला भट्टी में एक लाख पौधे लगाने का अभियान शुरू
वन महोत्सव पखवाड़ा 2022 के समापन के मौके पर असोला भट्टी माइंस वन्यजीव अभयारण्य में एक लाख पौधे लगाने के अभियान की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में उपस्थित होना था और दिल्ली सरकार में पर्यावरण और वन मंत्री गोपाल राय को समारोह की अध्यक्षता करनी थी, लेकिन ये दोनों ही कार्यक्रम में उपस्थित नहीं रहे।
कार्यक्रम में उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के साथ दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना, दक्षिणी दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी, मुख्य सचिव नरेश कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, अर्धसैनिक बलों के जवानों, दिल्ली पुलिस और और 400 से अधिक स्कूली बच्चों ने पौधे लगाए। इस दौरान देशी प्रजातियों के मोरिंगा, अर्जुन, शीशम, सागौन, चेंबू, बांस जैसे पौधों के साथ-साथ जामुन और अमरूद जैसे फल देने वाले पौधों की रोपाई की गई।
एलजी सक्सेना ने राजधानी दिल्ली में एक साथ एक लाख पौधे रोपने के इस कार्यक्रम को एतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि ये पौधे दिल्ली में अनियंत्रित प्रदूषण के गंभीर खतरे का सामना करने और पारिस्थितिकी की रक्षा करने में योगदान देंगे। इस दौरान उन्होंने स्कूली बच्चों के साथ बातचीत करते हुए युवाओं और स्कूली बच्चों से दिल्ली को हरा-भरा और वास्तविक रूप से रहने योग्य शहर बनाने के लिए पौधे लगाने और उनका पोषण करने की अपील की।
उपग्रह दृश्यता के साथ पौधों की निगरानी होगी
पौधरोपण अभियान की खासियत ये है कि यहां पौधे लगाने के लिए खोदे गए एक लाख गड्ढों में से प्रत्येक की जियो टैगिंग की गई है। ताकि इनकी उपग्रह दृश्यता के साथ-साथ इनका भौतिक सत्यापन किया जा सके और इन पौधों की वृद्धि की नियमित रूप से निगरानी की जा सके। जियो टैग के माध्यम से इनकी संख्या, वृद्धि और रखरखाव पर नजर रखी जाएगी।
प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को दुनिया ने स्वीकारा : उपराज्यपाल
उप राज्यपाल सक्सेना ने देश के समावेशी विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मरुस्थलीकरण को रोकने और बंजर भूमि को बहाल करने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को दुनिया के अधिकांश देशों ने स्वीकार किया है।