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Hindi News ›   Delhi ›   Politics: Competition between BJP and AAP on the political pitch of Delhi

Delhi Politics : दिल्ली की  सियासी पिच पर भाजपा और आप में बढ़त की होड़, अखाड़े में भ्रष्टाचार और राष्ट्रवाद

Thu, 01 Sep 2022 04:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा संतोष कुमार, नई दिल्ली
संतोष कुमार, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 01 Sep 2022 04:02 AM IST
सार

Delhi Politics :सियायी पिच पर सीधी भिड़ंत भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच है। टकराव दिल्ली व केंद्र की सत्ता में भी है। दोनों सरकारें फ्रंट फुट पर खेल रही हैं। दिल्ली विधानसभा के मौजूदा सत्र के पहले चार दिन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए। 

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Politics: Competition between BJP and AAP on the political pitch of Delhi
demo pic... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यह सीबीआई व ईडी की जांच से खुलासा होगा कि दिल्ली सरकार की आबकारी नीति में भ्रष्टाचार हुआ या नहीं, लेकिन पूरा मसला सियासी हो चला है। इसमें भ्रष्टाचार से जुड़े दूसरे तमाम मसले भी रोज जुड़ते जा रहे हैं। 

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सियायी पिच पर सीधी भिड़ंत भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच है। टकराव दिल्ली व केंद्र की सत्ता में भी है। दोनों सरकारें फ्रंट फुट पर खेल रही हैं। दिल्ली विधानसभा के मौजूदा सत्र के पहले चार दिन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए। सीधे तौर पर नफे-नुकसान में जाने की जगह फिलवक्त कभी एक तो कभी दूसरा बढ़त लेता दिख रहा है। भविष्य की सियासी रणनीति को लेकर सतर्क भाजपा का भ्रष्टाचार मुक्त भारत बड़ा सियासी एजेंडा रहा है जबकि दिल्ली की सत्ता पर काबिज आप भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के गर्भ से निकली है। 
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इस मसले पर दोनों दल प्रतिस्पर्धी के तौर पर हैं। यह शगल हो या ईमानदारी के नाम पर उठाया गया कदम, दो बार अपने मंत्रियों को बर्खास्त कर आप ने खुद को भ्रष्टाचार का धर्म योद्धा साबित करने की कोशिश की है। पहले दिल्ली फिर पंजाब में की गई कार्रवाई की आम लोगों में चर्चा भी रही। उधर, दिल्ली के बाद भाजपा में सत्ता हासिल करने के बाद अब आप की नजर हिमाचल प्रदेश और गुजरात पर है। दिल्ली व पंजाब के मुख्यमंत्री अरिवंद केजरीवाल, भगवंत सिंह मान समेत दूसरे वरिष्ठ नेता दोनों राज्यों का लगातार दौरा कर रहे हैं। आप विकास के दिल्ली मॉडल की अपनी बनी-बनाई सियासी पिच पर दोनों राज्यों में खेल रही है। इसके केंद्र में भी भ्रष्टाचार ही है। 
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आप के मंत्री संबंधित राज्यों के स्कूलों का दौरा कर उसकी खस्ताहाल की कहानी बताते हैं। इस दौरान वह दिल्ली सरकार के मॉडल स्कूलों की बात करते हैं। साथ ही भाजपा के मंत्रियों को दिल्ली आकर स्कूल देखने का न्योता भी दे जाते हैं। जोर इनका शिक्षा पर इसलिए भी है कि इससे बड़ी आबादी पर असर डाला जा सकता है। ऐसे में भाजपा दिल्ली में ही आप को भ्रष्टाचार के मूल एजेंडे पर घेरने की है।

दो दशक में दो बार सीएम ने मंत्री को किया बर्खास्त
21वीं सदी के दो दशकों में दूसरी बार मुख्यमंत्री ने सीधे अपने मंत्री को बर्खास्त किया है। संयोग यह कि दोनों वाकये आम आदमी पार्टी (आप) के नाम दर्ज हैं।  2015 में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने एक मंत्री को भ्रष्टाचार के आरोपों में हटाया था। जबकि इसी साल शपथ लेने के चंद दिनों बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यही सख्ती दिखाई। 

राष्ट्रवाद पर भी होड़
दूसरी तरफ राष्ट्रवाद भी भाजपा का बड़ा एजेंडा है। आप इस मुद्दे पर भी भाजपा से आप दो-दो हाथ कर रही है। अरविंद केजरीवाल समेत आप के सभी वरिष्ठ नेता खुद को कट्टर देशभक्त कहते हैं। वहीं, देशभक्ति करिकुलम शुरू कर बच्चों को देशभक्त बनाने का भी इनका दावा है। अपने सैनिक स्कूल में भविष्य के सैनिक बनाने की बात भी आप कर रही है।


विपक्ष मजबूत नहीं, जगह भरने की कोशिश में आप

  • पूर्ण राज्य न होने की सूरत में दिल्ली की सत्ता पर काबिज केजरीवाल का अंतर संबंधित मसलों पर सीधा केंद्र सरकार व प्रधानमंत्री पर हमलावर रहना।
  • इसके जरिये केंद्र में मजबूत विपक्ष की गैरमौजूदगी से बनी खाली जगह को भरने की उनकी कोशिश।
  • कांग्रेस को छोड़कर अकेले आप की दो राज्यों में सरकार।
  • राज्यसभा सांसद भी दूसरे क्षेत्रीय दलों से ज्यादा 
  • क्षेत्र, जाति व भाषा के आधार पर गठित दूसरे क्षेत्रीय दलों से अलग आप की पहचान, राष्ट्रीय स्तर पर जाना आसान।
  • दिल्ली से बैठकर हिंदी भाषी राज्यों तक सियासी संदेश पहुंचाना ज्यादा आसान।


सांप्रदायिकता, धर्म निरपेक्षता, क्षेत्रवाद सरीखे 20वीं सदी के सियासी मसले इस वक्त हाशिए पर हैं। इसकी जगह भ्रष्टाचार निरोध, राष्ट्रवाद, न्यू इंडिया आदि केंद्र में आ गए हैं।  भाजपा को मौजूदा स्तर तक पहुंचने में दशकों लग गए हैं। आप को भी संजीदगी से अभी अपना समय लगाना पड़ेगा लेकिन रास्ता जो आप ने अख्तियार किया है, वह राष्ट्रीय स्तर पर ही जाने का है।
-प्रो. चंद्रचूड़ सिंह, राजनीति विश्लेषक

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