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जाफराबाद-मौजपुर मेट्रो स्टेशन से पुलिस नहीं जुटा पाई दंगे की वीडियो फुटेज
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नई दिल्ली। उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगा मामले की जांच के लिए जाफराबाद-मौजपुर मेट्रो स्टेशन से दंगे से जुड़ी वीडियो और फोटोग्राफ कब्जे में न लिए जाने पर भी नाराजगी जाहिर करते हुए पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने संबंधित डीसीपी को स्वयं जांच की निगरानी करने का निर्देश दिया। वहीं, देवांगना कलीता, नताशा नरवाल व पूर्व कांग्रेसी पार्षद इशरत जहां की न्यायिक हिरासत 14 अगस्त तक बढ़ा दी।
पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने एक तस्वीर हजारों शब्दों के बराबर होती है और एक वीडियो हजारों तस्वीरों के बराबर होता है। ऐसा लगा कि पुलिस ने संबद्ध वीडियो फुटेज हासिल करने में ढिलाई बरती है। कोर्ट ने कहा यह बेहद खेदपूर्ण है कि एसीपी हृदय भूषण और इंस्पेक्टर अनिल कुमार यह वीडियो फुटेज हासिल करने में असफल रहे। पुलिस यह बताने में नाकाम रही कि मेट्रो अधिकारियों को वीडियो फुटेज संभालकर रखने के लिए नोटिस दिया था या नहीं।
पुलिस ने कोर्ट को बताया कि वह मेट्रो स्टेशनों और पुलिस द्वारा लगाए गए फोटोग्राफरों से तस्वीरें लेने सहित सभी संबंधित वीडियो फुटेज इकट्ठा कर रही है। इस पर कोर्ट ने कहा कि यह कोर्ट का काम नहीं है कि पुलिस को बताएं कि कैसे काम करना है। अदालत ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पुलिस की छवि बेदाग रहे और लोगों को न्याय मिल सके।
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पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने एक तस्वीर हजारों शब्दों के बराबर होती है और एक वीडियो हजारों तस्वीरों के बराबर होता है। ऐसा लगा कि पुलिस ने संबद्ध वीडियो फुटेज हासिल करने में ढिलाई बरती है। कोर्ट ने कहा यह बेहद खेदपूर्ण है कि एसीपी हृदय भूषण और इंस्पेक्टर अनिल कुमार यह वीडियो फुटेज हासिल करने में असफल रहे। पुलिस यह बताने में नाकाम रही कि मेट्रो अधिकारियों को वीडियो फुटेज संभालकर रखने के लिए नोटिस दिया था या नहीं।
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पुलिस ने कोर्ट को बताया कि वह मेट्रो स्टेशनों और पुलिस द्वारा लगाए गए फोटोग्राफरों से तस्वीरें लेने सहित सभी संबंधित वीडियो फुटेज इकट्ठा कर रही है। इस पर कोर्ट ने कहा कि यह कोर्ट का काम नहीं है कि पुलिस को बताएं कि कैसे काम करना है। अदालत ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पुलिस की छवि बेदाग रहे और लोगों को न्याय मिल सके।
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