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दिल्ली: कोरोना से बचने के लिए पीया ज्यादा काढ़ा, अब इन बीमारियों ने जकड़ा, निजी अस्पताल में रोजाना आ रहे पांच मामले
Tue, 29 Jun 2021 11:23 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 29 Jun 2021 11:23 PM IST
सार
महिला ने डॉक्टरों को बताया कि वह तीन महीने से रोजाना चार से पांच ग्लास काढ़ा पी रही थी। उसे कुछ सप्ताह से पेट में जलन कि समस्या होने लगी थी।महिला कि सर्जरी करके उपचार किया गया।
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फाइल फोटो
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
कोरोना संक्रमण के खतरे से खुद को बचाने के लिए कई लोग काढ़े का सेवन कर रहे हैं। इनमें से कुछ ऐसे भी है जो इसे काफी अधिक मात्रा में इसको पी रहे हैं। ऐसे लोगों को अब बवासीर( पाइल्स) और एनल फिशर( मल त्याग करने वाले स्थान पर घाव) कि समस्या होने लगी है।
डॉक्टरों का कहना है कि अत्याधिक काढ़ा सेवन के कई दुष्प्रभाव होते हैं। बिना चिकित्सीय सलाह वेवजह इसका सेवन करना ठीक नहीं है। दिल्ली के मूलचंद अस्पताल में मंगलवार को एक महिला इलाज के लिए पहुंची। मरीज को पिछले चार दिन से मल त्यागने में परेशानी के साथ ही खून आने कि समस्या हो रही थी।
महिला ने डॉक्टरों को बताया कि वह तीन महीने से रोजाना चार से पांच ग्लास काढ़ा पी रही थी। उसे कुछ सप्ताह से पेट में जलन कि समस्या होने लगी थी।महिला कि सर्जरी करके उपचार किया गया।
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मूलचंद अस्पताल के डॉक्टर सचिन अंबेकर ने बताया कि पिछले कुछ महीने से उनकी ओपीडी में रोजाना ऐसे चार से पांच ऐसे मरीज आ रहें हैं, जो बवासीर और फिशर से पीड़ित हैं। इनमें से कुछ को कोविड हुआ था और बाकी इस बीमारी से बचने के लिए अधिक मात्रा में काढ़ा पी रहे थे। इसके अलावा कई मरीजों ने विटामिन-सी और डी की दवाओं का भी सेवन किया।
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डॉक्टरों का कहना है कि अत्याधिक काढ़ा सेवन के कई दुष्प्रभाव होते हैं। बिना चिकित्सीय सलाह वेवजह इसका सेवन करना ठीक नहीं है। दिल्ली के मूलचंद अस्पताल में मंगलवार को एक महिला इलाज के लिए पहुंची। मरीज को पिछले चार दिन से मल त्यागने में परेशानी के साथ ही खून आने कि समस्या हो रही थी।
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महिला ने डॉक्टरों को बताया कि वह तीन महीने से रोजाना चार से पांच ग्लास काढ़ा पी रही थी। उसे कुछ सप्ताह से पेट में जलन कि समस्या होने लगी थी।महिला कि सर्जरी करके उपचार किया गया।
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मूलचंद अस्पताल के डॉक्टर सचिन अंबेकर ने बताया कि पिछले कुछ महीने से उनकी ओपीडी में रोजाना ऐसे चार से पांच ऐसे मरीज आ रहें हैं, जो बवासीर और फिशर से पीड़ित हैं। इनमें से कुछ को कोविड हुआ था और बाकी इस बीमारी से बचने के लिए अधिक मात्रा में काढ़ा पी रहे थे। इसके अलावा कई मरीजों ने विटामिन-सी और डी की दवाओं का भी सेवन किया।
डॉक्टर सचिन ने बताया कि यह मरीज व्हाट्अप ग्रुप पर आए संदेशों से ही खुद के इलाज में लगे थे और इन इन चीजों का सेवन कर रहे थे। डॉक्टर ने बताया कि ज्यादा काढ़ा पेट और आंतो कि झिल्लियों को सूखा देता है। इसके कब्ज कि परेशानी होने लगती है और यह बाद में बवासीर और फिशर जैसी बीमारियों का कारण बनती है। इसलिए जरूरी है कि लोग बिना वजह अधिक मात्रा में काढ़ा और विटामिन की दवाओं का सेवन न करें।