फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   petition for direction to formulate policy on surgery and sex reassignment

मध्यलिंगी शिशुओं और बच्चों पर अनावश्यक सेक्स-रीअसाइनमेंट सर्जरी पर रोक की मांग

Tue, 17 Aug 2021 12:39 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 17 Aug 2021 12:39 AM IST
विज्ञापन
petition for direction to formulate policy on surgery and sex reassignment
नई दिल्ली। जीवन के लिए खतरनाक स्थितियों को छोड़कर मध्यलिंगी (इंटरसेक्स) शिशुओं और बच्चों पर चिकित्सीय रूप से अनावश्यक सेक्स रीअसाइनमेंट सर्जरी पर प्रतिबंध की मांग करते हुए हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में दिल्ली सरकार और दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार करने का निर्देश देने की भी मांग की गई है।
विज्ञापन

मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र के वकील को इस मुद्दे पर सरकार से निर्देश लेकर पक्ष रखने का निर्देश दिया है। यह याचिका सृष्टि मदुरै एजुकेशनल रिसर्च फाउंडेशन द्वारा दायर की गई है। अधिवक्ता रॉबिन राजू, यश प्रकाश और दीपा जोसेफ के जरिये दायर याचिका में शिशुओं और बच्चों पर सेक्स रीअसाइनमेंट सर्जरी पर प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता पर जो दिया गया है।
विज्ञापन

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (एनएलएसए) बनाम भारत सरकार मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि किसी को भी अपनी लिंग पहचान की कानूनी मान्यता के लिए अनावश्यक रूप से सर्जरी के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। याचिका में कहा गया है कि यह मुद्दा अत्यधिक महत्व का है, क्योंकि यह मानव अधिकारों और मानव की शारीरिक अखंडता से संबंधित है।
विज्ञापन
विज्ञापन

याचिका में कहा गया है कि सेक्स रीअसाइनमेंट सर्जरी या मेडिकल रूप से अनावश्यक सामान्य सर्जरी के मुद्दे का इंटरसेक्स लोगों के दिमाग पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ता है और उन्हें भविष्य में मेडिकल ट्रीटमेंट कराने से भी रोकता है।
याचिका में मद्रास हाईकोर्ट के फैसले का भी हवाला दिया गया है जिसमें राज्य सरकार को इंटरसेक्स शिशुओं और बच्चों पर सेक्स रीअसाइनमेंट सर्जरी पर प्रभावी रूप से प्रतिबंध लगाने के लिए कहा था। इस याचिका में उन उदाहरणों का भी जिक्र किया गया है जिनमें इंटरसेक्स लोगों को विकलांग माना जाता है।

याचिका में कहा गया है कि तीनों डॉक्टरों ने अपने ज्ञापन में कहा था कि ज्यादातर बिना पूर्व और पूरी तरह से सूचित स्वायत्त सहमति के बिना सर्जरी की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed