{"_id":"5f29ae868ebc3e3ca52ada38","slug":"petition-for-ban-on-online-pathology-labs-filed-in-high-court-ashram-news-noi5277649167","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर
विज्ञापन
नई दिल्ली। हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर उन ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है, जो कोविड-19 की जांच के लिए घरों से नमूने एकत्रित कर रहे हैं। याचिका में दावा किया गया कि यह प्रदाता खुद को चिकित्सा जांच प्रयोगशाला बताकर लोगों को गुमराह कर रही हैं। हाईकोर्ट इस याचिका पर बुधवार को सुनवाई कर सकता है।
यह याचिका चिकित्सक रोहित जैन ने वकील शशांक देव सुधी के माध्यम से दायर की है। उन्होंने याचिका में कहा कि इस तरह के स्वास्थ्य सेवा प्रदाता आम लोगों के जीवन और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। उन्होंने याचिका में केंद्र, दिल्ली सरकार और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) को निर्देश देने का आग्रह किया है।
याची की मांग है कि ऑनलाइन सेवा प्रदाताओं के पंजीकरण और नमूना एकत्रीकरण के लिए न्यूनतम मानक के दिशानिर्देश जारी किए जाएं और सेवा प्रदाताओं के नमूने एकत्र करने वाले प्रतिनिधियों की न्यूनतम अर्हता तय की जाए। इन सेवा प्रदाताओं का पंजीकरण राज्य प्रदूषण नियंत्रण निकायों में होना चाहिए ताकि जैव चिकित्सकीय अपशिष्टों के निस्तारण के नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
विज्ञापन
याची का कहना है कि ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं पर नियंत्रण के लिए नियमन का अभाव है और ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से निर्बाध संचालन के कारण आम लोगों में उनकी वैधता को लेकर भ्रम है।
विज्ञापन
यह याचिका चिकित्सक रोहित जैन ने वकील शशांक देव सुधी के माध्यम से दायर की है। उन्होंने याचिका में कहा कि इस तरह के स्वास्थ्य सेवा प्रदाता आम लोगों के जीवन और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। उन्होंने याचिका में केंद्र, दिल्ली सरकार और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) को निर्देश देने का आग्रह किया है।
विज्ञापन
याची की मांग है कि ऑनलाइन सेवा प्रदाताओं के पंजीकरण और नमूना एकत्रीकरण के लिए न्यूनतम मानक के दिशानिर्देश जारी किए जाएं और सेवा प्रदाताओं के नमूने एकत्र करने वाले प्रतिनिधियों की न्यूनतम अर्हता तय की जाए। इन सेवा प्रदाताओं का पंजीकरण राज्य प्रदूषण नियंत्रण निकायों में होना चाहिए ताकि जैव चिकित्सकीय अपशिष्टों के निस्तारण के नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
विज्ञापन
याची का कहना है कि ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं पर नियंत्रण के लिए नियमन का अभाव है और ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से निर्बाध संचालन के कारण आम लोगों में उनकी वैधता को लेकर भ्रम है।