फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Petition filed seeking to make public the details of ED chief's assets

ईडी प्रमुख की संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग याचिका दायर

Thu, 02 Dec 2021 01:36 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 02 Dec 2021 01:36 AM IST
विज्ञापन
Petition filed seeking to make public the details of ED chief's assets
नई दिल्ली। केंद्र सरकार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) प्रमुख एसके मिश्रा की अचल संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक करने के निर्देश देने की मांग वाली याचिका हाईकोर्ट में दायर की गई है।
विज्ञापन

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता साकेत गोखले की ओर से दायर याचिका में दलील दी गई है कि केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) द्वारा पिछले साल नवंबर में एक कार्यालय आदेश जारी किया गया था। इसमें सभी सिविल सेवकों को वर्ष 2019 तक वार्षिक अचल/चल संपत्ति रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा 30 नवंबर, 2020 तय की गई थी। आदेश में कहा गया था कि समय सीमा पूरी करने में विफल रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
विज्ञापन

याची गोखले ने कहा कि मिश्रा भी इस आदेश से बंधे हुए हैं और अपनी अचल संपत्ति रिटर्न दाखिल करने के लिए बाध्य हैं। हालांकि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्ष 2018, 2019 और 2020 का उनका सालाना रिटर्न अपलोड नहीं किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

याचिका में कहा गया था कि मिश्रा का साल 2013 और 2014 का सालाना रिटर्न भी वेबसाइट पर नहीं है। अधिकारियों द्वारा आईपीआर की वार्षिक फाइलिंग और वेबसाइट पर इसे अपलोड करना अत्यधिक सार्वजनिक महत्व का मामला है क्योंकि यह नागरिकों के सूचना और ज्ञान के मौलिक अधिकार का अभिन्न हिस्सा है।
याचिकाकर्ता ने सीबीडीटी वेबसाइट के कैडर मैनेजमेंट सिस्टम डाटाबेस पर उक्त अधिकारी के कई वर्षों तक आईपीआरएस के बारे में जानकारी न मिलने की जानकारी प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय वित्त मंत्री को ट्वीट कर दी।
हालांकि उन्हें आशीष महर्षि नाम के एक पत्रकार ने सूचित किया कि अधिकारी द्वारा वार्षिक आईपीआरएस पहले ही दायर किए जा चुके हैं लेकिन वेबसाइट पर अपडेट नहीं किए गए हैं।

याचिका में कहा गया है कि वेबसाइट पर इस तरह की जानकारी को अप-टू-डेट रखना पारदर्शिता के लिए जरूरी है। यह महत्वपूर्ण है कि वेबसाइट पर डाटाबेस को बनाए रखने और अपडेट करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाए। गोखले ने इन महत्वपूर्ण विवरणों को अपलोड करने में विफल रहने के लिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ जांच की भी मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed