कातिल सांड: अलीपुर में दो सांडों के बीच महासंग्राम, चपेट में आने से बाइक सवार की दर्दनाक मौत
दो सांडों के चपेट में आने से एक बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक अचानक सड़क पर आने से बाइक को नियंत्रित नहीं कर सका। सांडों के टकराने से बाइक सवार अपनी बाइक को नियंत्रित नहीं कर सका और गिरकर अचेत हो गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अलीपुर इलाके में सड़क पर लड़ कर रहे दो सांडों के चपेट में आने से एक बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत हो गई। सांडों के टकराने से बाइक सवार अपनी बाइक को नियंत्रित नहीं कर सका और गिरकर अचेत हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस उसे तुरंत पास के अस्पताल में लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर जांच कर रही है। मृतक की शिनाख्त चांद बाबू उर्फ राजेश (35) के रूप में हुई है।
पानीपत हरियाणा का रहने वाला चांद बाबू अलीपुर के खेड़ाकलां में अपनी पत्नी, चार बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रहता था। वह बुढ़पुर इलाके में केटरिंग का काम करता था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना एक सितंबर की रात करीब नौ बजे एक राहगीर ने पुलिस को सूचना दी कि साई बाबा मंदिर के पास सड़क पर सांड लड़ रहे थे। उनकी चपेट में आने से एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को वहां एक बाइक क्षतिग्रस्त अवस्था में मिली और सड़क पर काफी खून बिखरा हुआ था। वहां छानबीन करने पर पता चला कि घायल युवक को पीसीआर वैन पास के अस्पताल में ले गई है। पुलिस ने सूचना देने वाले के मोबाइल पर संपर्क किया। उसने अपना नाम लामपुर निवासी विष्णु प्रकाश बताया।
उसने बताया कि वह अपनी बाइक से बुढ़पुर के पास पहुंचा था। उसके आगे एक बाइक सवार चल रहा था। अचानक दो सांड लड़ते हुए सड़क पर आ गए और बाइक सवार उनसे टकराकर सड़क पर गिर गया। सांड वहां से लड़ते हुए निकल गए। वह बाइक सवार के पास पहुंचा। उसका हेलमेट दूर जा गिरा था और उसके सिर से काफी खून निकल रहा था। वह अचेत हो गया था। उसके बाद उसने पुलिस को घटना की जानकारी दी।
अस्पताल पहुंचने पर पुलिस को पता चला कि बाइक सवार को मृत घोषित कर दिया गया है। उसके पास से कोई पहचान पत्र नहीं मिला। बाइक के कागजात के जरिए पुलिस को एक फोन नंबर मिला। फोन बुढ़पुर निवासी विजय का था। जो केटरिंग का काम करता है। उसने मृतक की पहचान चांद बाबू के रूप में की और बताया कि वह 15 साल से उसके यहां काम कर रहा था। घटना के समय वह बाइक से उसके गोदाम पर आ रहा था। पुलिस ने अगले दिन शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
लावारिस पशुओं की वजह से पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
स्थानीय लोगों ने बताया कि लावारिस पशुओं की वजह से इस इलाके में अक्सर सड़क हादसे होते हैं, लेकिन इसके लिए संबंधित एजेंसी कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। बुढ़पुर निवासी विजय ने बताया कि इससे पहले भी दो-तीन घटनाएं हो चुकी हैं। लावारिस पशु सड़कों पर मौजूद रहते हैं, जिसकी वजह से बाइक सवार अक्सर इनकी चपेट में आकर घायल हो जाते हैं।