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दिल्ली: डॉक्टरों ने दी जानकारी, बस पैरासिटामॉल और मल्टी विटामिन खाकर ठीक हो रहे ओमिक्रॉन मरीज

Fri, 24 Dec 2021 07:19 PM IST
अनुराग सक्सेना पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Fri, 24 Dec 2021 07:19 PM IST
सार

दिल्ली सरकार के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान एलएनजेपी अस्पताल में अभी तक कोरोना वायरस के हालिया वैरिएंट ओमिक्रॉन के 40 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 19 मरीजों को घर भेजा जा चुका है। हॉस्पिटल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि लगभग 90 फीसद मरीज एसिम्प्टोटिक (बिना लक्षण के) और शेष में गले में खराश, हल्का बुखार और बदन दर्द जैसे हल्के लक्षण हैं।

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Delhi: Doctors gave information, Omicron patients recovering by just taking paracetamol and multi-vitamins
नई दिल्ली में एलएनजेपी अस्पताल के पास शहनाई बैंक्वेट हॉल में बनाए गए एक आइसोलेशन वार्ड के अंदर पीपीई किट पहने हुए एक स्वास्थ्य कर्मी। - फोटो : PTI

विस्तार

कोरोना संक्रमण के ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर अब तक चिकित्सीय दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि इनसे संक्रमित मरीजों के लिए देश में कोविड-19 चिकित्सीय प्रोटोकॉल ही लागू किया गया है लेकिन दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में ओमिक्रॉन संक्रमित मरीज पैरासिटामॉल और मल्टी विटामिन खाकर ही ठीक हो जा रहे हैं।

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डॉक्टरों का दावा है कि जिन मरीजों में लक्षण नहीं हैं उन्हें पैरासिटामॉल देने की भी जरूरत नहीं पड़ रही है। केवल शारीरिक थकान, कमजोरी या बुखार महसूस होने पर ही यह दवा दे रहे हैं। अन्यथा सप्ताह भर तक सुबह शाम मल्टी-विटामिन देकर यह ठीक हो जा रहे हैं। हालांकि डॉक्टरों का यह भी कहना है कि मल्टी विटामिन की वजह से मरीज के ठीक होने का दावा नहीं किया जा सकता है क्योंकि ओमिक्रॉन संक्रमण काफी हल्का देखने को मिल रहा है और ज्यादातर लोग वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके हैं। इसलिए एक मरीज के ठीक होने में कई विकल्प कार्य कर रहे हैं।
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लोकनायक अस्पताल में अभी 34 ओमिक्रॉन संक्रमित भर्ती हैं। यहां 19 मरीजों को पहले ही छुट्टी दी जा चुकी है। वरिष्ठ डॉक्टर ने कहा कि लगभग 90 फीसदी रोगियों में लक्षण नहीं है। जबकि बाकी 10 फीसदी को गले में खराश, हल्के बुखार और बदन दर्द जैसे हल्के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इनके उपचार में केवल मल्टी-विटामिन और पैरासिटामोल टैबलेट शामिल हैं।

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उन्होंने कहा कि इन मरीजों के इलाज में सिर्फ मल्टीविटामिन और पैरासिटामोल के टैबलेट्स को लिया गया। हमें उन्हें कोई और दवा देने की जरूरत ही महसूस नहीं हुई। उन्होंने कहा कि ज्यादातर मरीज विदेश से आने वाले लोग हैं जो एयरपोर्ट पर कोविड-19 जांच में पॉजिटिव मिले। एक के अलावा सभी मरीजों के कोरोनारोधी वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी थीं। मरीजों में दो-तिहाई लोगों ने पीफाइजर-बायोएनटैक कोविड वैक्सीन ली थी। तीन लोगों ने पीफाइजर की बूस्टर डोज भी ली हुई थी।

एक सूत्र ने बताया कि मरीजों में एक अफ्रीकी देश के सांसद, एक दक्षिण भारतीय राज्य के एक शाही परिवार का सदस्य और नौकरशाहों के परिजन हैं।

दिल्ली में ओमिक्रॉन के 67 मरीज

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में अभी तक 67 ओमिक्रॉन संक्रमित मिल चुके हैं, जिनमें से 23 लोग डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। दिल्ली सरकार के आदेश के बाद एलएनजेपी अस्पताल के अलावा, सर गंगाराम सिटी अस्पताल, मैक्स अस्पताल साकेत, फोर्टिस अस्पताल वसंत कुंज और तुगलकाबाद में बत्रा अस्पताल में ओमिक्रॉन के इलाज और आइसोलेटिंग के लिए अधिकृत किया गया है।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि दिल्ली में सभी कोरोना संक्रमितों के सैंपलों की जीनोम सीक्वेंसिंग 22 दिसंबर से की जा रही है, जिससे पता लगाया जा सके कि क्या ओमिक्रॉन का संक्रमण सामुदायिक हो गया है। लोकनायक अस्पताल में और इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलरी साइंसेस में दिल्ली सरकार द्वारा संचालित लैब प्रतिदिन 100 सैंपलों की जांच कर सकती हैं। दिल्ली में केंद्र सरकार द्वारा संचालित लैब भी 200-300 सैंपलं की जांच कर सकती हैं।

दिल्ली के सीएम बोले- सरकार तैयार

तेजी से फैलने वाले ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण कोरोना मामलों में उछाल आने की आशंका जताते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को कहा था कि उनकी सरकार ने प्रतिदिन एक लाख मरीजों के इलाज और तीन लाख जांच करने की तैयारी कर ली है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पर्याप्त कर्मी, दवाइयां और ऑक्सीजन सुनिश्चित करने की भी तैयारी कर ली है।

उन्होंने जोर देकर कहा था कि कोरोना वायरस का नया वैरिएंट तेजी से फैलता है। उन्होंने दावा किया कि इसमें बहुत हल्के लक्षण होते हैं, जिससे कम लोग अस्पताल में भर्ती होते हैं और कम मौतें होती हैं। इसलिए सरकार अपने होम आइसोलेशन मोड्यूल को मजबूत करने पर फोकस कर रही है और मरीजों का उनके घर पर इलाज करने के लिए एजेंसियों से अनुबंध करने के निर्देश दिए गए हैं।

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