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अब सही रीडिंग के आधार पर ही मिलेगा पानी का बिल

Fri, 16 Oct 2020 10:36 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 16 Oct 2020 10:36 PM IST
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Now water bill will be available only on the basis of correct reading
नई दिल्ली। राजधानी में पानी के मीटर से ली जाने वाली रीडिंग पर दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि औसतन रीडिंग बिल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सही रीडिंग के आधार पर ही उपभोक्ताओं को बिल दिया जाए।
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शुक्रवार को राघव चड्ढा ने जल बोर्ड के अंतर्गत आने वाले 41 जोनल राजस्व अधिकारियों संग बैठक की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में जल बोर्ड के ट्विटर हैंडल पर गलत और ज्यादा बिल की कई शिकायतें आई हैं। संज्ञान में आया है कि गलत मीटर रीडिंग के आधार पर बिल बनाने के मामले बढ़े हैं। इसकी वजह गलत जानकारी सिस्टम में डालना और मीटर रीडिंग का बंद होना भी हो सकता है, लेकिन इससे जल बोर्ड की बिलिंग प्रक्रिया पर प्रभाव पड़ा है। प्रत्येक अधिकारी को यह समझना जरूरी है कि मीटर रीडिंग के दौरान कर्मचारी द्वारा सही जानकारी को ही टैब में भरा जाए। वहीं, लोगों के साथ कर्मचारी का बेहतर व्यवहार भी होना चाहिए।
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चड्ढा ने कहा कि जल बोर्ड के पास फिलहाल एक हजार मीटर रीडर हैं। जोनल अधिकारियों को सुनिश्चित करना चाहिए कि घर जाकर मीटर रीडिंग लेना कितना जरूरी है। किसी भी हालत में औसतन बिलिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को बिल की जानकारी होनी चाहिए। गौरतलब है कि जल बोर्ड 25 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को पानी के बिल मुहैया कराता है। बिलिंग को प्रत्येक दो महीने में जारी किया जाता है।
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एंड्रॉयड टैब के उपयोग पर जोर
राघव चड्ढा ने बिलिंग के लिए सभी जोनल अधिकारियों को एंड्रॉइड के उपयोग पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि बिलिंग व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए टेबलेट का 100 फीसद इस्तेमाल होना चाहिए। जल बोर्ड के पास एंड्रॉयड आधारित टेबलेट हैं। इससे तुरंत बिल बनाने और भुगतान की सुविधा सुनिश्चित की जा सकती है। टेबलेट में पानी के मीटर की फोटो खींचने के साथ उसकी लोकेशन को भी लिया जा सकता है।
अच्छा प्रदर्शन किया तो होंगे सम्मानित
उपाध्यक्ष ने कहा कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले जोनल राजस्व अधिकारियों को तिमाही आधार पर सम्मानित भी किया जाएगा। यह अधिकारी के प्रदर्शन निर्भर करता है कि उसने अपने क्षेत्र में सबसे सटीक बिल जारी किए हैं और सबसे कम शिकायत आई हैं। अधिकारी के खिलाफ शिकायत होगी तो उसके खिलाफ जांच भी की जाएगी।

क्या होती है औसतन बिलिंग
दिल्ली जल बोर्ड नीति के अनुसार, यदि कोई पानी का मीटर सक्रिय नहीं है तो ऐसी स्थिति में रीडिंग को औसतन मानकर बिल जारी किया जाता है। इन मामलों में जल बोर्ड की नीति के अनुसार, महीने के आधार पर 25 किलोलीटर पानी के हिसाब से बिल जारी किया जाता है। हालांकि, औसतन बिलिंग की कई वजह हो सकती हैं। इसमें उपभोक्ता के घर पर किसी का न होना या मीटर का किसी ऐसी जगह पर होना जहां मीटर छिप जाता हो, ऐसी स्थिति में औसतन बिलिंग व्यवस्था के जरिए बिल को जारी किया जाता है। इन मामलों में जल बोर्ड औसतन बिलिंग की अनुमति प्रदान करता है, लेकिन इसके लिए पर्याप्त और सटीक कारण का होना भी जरूरी है।
जल बोर्ड की कार्यप्रणाली पर एक नजर
-41 जोन दिल्ली जल बोर्ड के पास हैं
-25 लाख से ज्यादा उपभोक्ता
-1000 मीटर रीडर करते हैं काम
-02 माह में जारी किया जाता है बिल
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