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अब भारतीय शिक्षक भी विदेशी संस्थानों में दे सकेंगे सेवाएं
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नई दिल्ली। भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षक भी अब विदेशी संस्थानों में सेवाएं दे सकेंगे। भारत सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों के लिए विदेश में सेवाएं देने का प्रस्ताव तैयार कर रही है। केंद्र सरकार उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की ग्लोबल इनिशियेटिव ऑफ एकेडमिक नेटवर्क्स (ज्ञान) योजना को संशोधित करने की तैयारी में है। योजना का नाम बदलकर ज्ञान प्लस योजना हो जाएगा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, विशेषज्ञों की समिति ने अपनी सिफारिश में मौजूदा ज्ञान योजना के पुनर्गठन पर जोर दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय सहयोग से इस योजना में संशोधन करेगा। इससे भारतीय फैकल्टी भी विदेशों में जाकर अध्यापन कर सकेगी। मौजूदा ज्ञान योजना में भारतीय शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाने के लिए विदेशी शिक्षक ही भारत आ सकते हैं।
अधिकारी के मुताबिक संशोधित योजना में भारतीय शिक्षकों को भी विदेशी संस्थानों में पढ़ाने का प्रावधान होगा। इससे उन्हें सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय पहल और अभ्यासों का अनुभव मिलेगा। विशेषज्ञ कमेटी का मानना है कि इससे शिक्षक वापस आने पर अपने संस्थान की सामग्री डिजाइन, मूल्यांकन व पाठ्यक्रम प्रबंधन कौशल में सुधार करके स्थायी सकारात्मक बदलाव ला सकेंगे।
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ग्लोबल इनिशियेटिव ऑफ एकेडमिक नेटवर्क्स (ज्ञान) की शुरुआत 30 नवंबर 2015 को हुई थी। इसके माध्यम से दुनिया भर के प्रतिष्ठित संस्थानों के शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों आदि को भारत में उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाने के लिए बुलाया जाता है। आईआईटी खड़गपुर, ज्ञान के लिए राष्ट्रीय समन्वय का मुख्य संस्थान है।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, विशेषज्ञों की समिति ने अपनी सिफारिश में मौजूदा ज्ञान योजना के पुनर्गठन पर जोर दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय सहयोग से इस योजना में संशोधन करेगा। इससे भारतीय फैकल्टी भी विदेशों में जाकर अध्यापन कर सकेगी। मौजूदा ज्ञान योजना में भारतीय शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाने के लिए विदेशी शिक्षक ही भारत आ सकते हैं।
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अधिकारी के मुताबिक संशोधित योजना में भारतीय शिक्षकों को भी विदेशी संस्थानों में पढ़ाने का प्रावधान होगा। इससे उन्हें सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय पहल और अभ्यासों का अनुभव मिलेगा। विशेषज्ञ कमेटी का मानना है कि इससे शिक्षक वापस आने पर अपने संस्थान की सामग्री डिजाइन, मूल्यांकन व पाठ्यक्रम प्रबंधन कौशल में सुधार करके स्थायी सकारात्मक बदलाव ला सकेंगे।
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ग्लोबल इनिशियेटिव ऑफ एकेडमिक नेटवर्क्स (ज्ञान) की शुरुआत 30 नवंबर 2015 को हुई थी। इसके माध्यम से दुनिया भर के प्रतिष्ठित संस्थानों के शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों आदि को भारत में उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाने के लिए बुलाया जाता है। आईआईटी खड़गपुर, ज्ञान के लिए राष्ट्रीय समन्वय का मुख्य संस्थान है।