फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Notorious commander of Naxal gang was hiding on the border of Haryana and Punjab for seven years

दिल्ली: सात साल से हरियाणा और पंजाब के बॉर्डर पर छिपा था नक्सल गिरोह का कुख्यात कमांडर, ऐसे हुई गिरफ्तारी

Sun, 31 Oct 2021 08:12 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 31 Oct 2021 08:12 AM IST
सार

नक्सली ग्रुप पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया का कमांडर दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। पिछले सात सालों से आरोपी भेष बदलकर हरियाणा और पंजाब के बॉर्डर पर छिपा था। आरोपी कमांडर की छत्तीसगढ़ और झारखंड पुलिस को तलाश थी। 

विज्ञापन
Notorious commander of Naxal gang was hiding on the border of Haryana and Punjab for seven years
फाइल फोटो - फोटो : social media

विस्तार

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने सात साल से फरार एक नक्सली कमांडर को गिरफ्तार किया है। 'पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया' (पीएलएफआई) का कमांडर दिल्ली से सटे हरियाणा और पंजाब की सीमा पर भेष बदलकर छिपा हुआ था। 
विज्ञापन


पकड़े गए आरोपी की पहचान अनुराग राम उर्फ अनुराग सदलोहार उर्फ ढलबीर उर्फ हागा उर्फ कुंदन के रूप में हुई है। 26 मई 2014 को आरोपी अपने तीन अन्य साथियों के साथ छत्तीसगढ़ की जैशपुर अदालत के लॉकअप से फरार हो गया था। तभी से पुलिस को उसकी तलाश थी। 
विज्ञापन


छत्तीसगढ़ के अलावा झारखंड पुलिस भी उसकी तलाश में जुटी थी। आरोपी के खिलाफ सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है। पुलिस की टीम ने झारखंड और छत्तीसगढ़ पुलिस को उसकी गिरफ्तारी की सूचना दे दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त राजेश देव ने बताया कि पिछले काफी समय से उनकी टीम नक्सली कमांडर के बारे में जानकारी जुटा रही थी। उनकी टीम को खबर मिली थी कि नक्सली कमांडर दिल्ली में कहीं छिपा हुआ है। इस दौरान शक्रवार को इंस्पेक्टर नरेश सोलंकी, एसआई कृष्ण कुमार, चंदन कुमार व अन्यों टीम को सूचना मिली कि आरोपी धौलाकुंआ के पास आने वाला है। 

खबर मिलने के बाद पुलिस की टीम ने आरोपी को धौला कुआं बस स्टैंड के पास आने वाला है। सूचना के बाद पुलिस की टीम ने आरोपी को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2012 में नक्सली गिरोह पीएलएफआई के लोगों के संपर्क में आया था। उन्होंने उसे हथियार की ट्रेनिंग देने के बाद उसे अपराध में शामिल किया। 

सबसे पहले उसने अपने गांव में एक युवक पर गोली चलाई। चंदन की उस समय से रंजिश थी। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर रंगदारी मांगना शुरू की। 

इसके बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने उसे दबोच लिया। मई 2014 में लॉकअप की दीवार तोड़कर फरार हो गया। पुलिस तभी से उसकी तलाश कर रही थी। आरोपी वहां से भागकर दिल्ली की सीमा पर हरियाणा में आ गया। यहां यह भेष बदलकर रहने लगा। पंजाब के बॉर्डर पर आरोपी कुंदन सरदार के भेष में रहने लगा। 

यहां यह छोटा-मोटा काम कर अपना गुजारा कर रहा था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि जब इसने नक्सली ग्रुप ज्वाइन किया था, उस समय इसे एसएलआर बंदूक दी गई थी। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed