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Hindi News ›   Delhi ›   Notice to Kejriwal, Sisodia and others on Anshu Prakash's appeal

पूर्व मुख्य सचिव की अपील : केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य को नोटिस

Tue, 02 Nov 2021 12:00 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 02 Nov 2021 12:00 AM IST
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Notice to Kejriwal, Sisodia and others on Anshu Prakash's appeal
नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने 2018 में कथित तौर पर उनसे मारपीट मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी (आप) के 9 अन्य विधायकों को आरोपमुक्त करने के फैसले को चुनौती दी है। अदालत ने केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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राउज एवेन्यू अदालत की विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल के समक्ष अंशु प्रकाश ने दायर याचिका में तर्क रखा कि मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कई अहम तथ्यों को नजरअंदाज किया है। मजिस्ट्रेट ने उनके अतिरिक्त बयानों को स्वीकार नहीं किया जबकि जब भी पुलिस ने उनसे संपर्क किया तभी उन्होंने बयान दर्ज किए। उन्होंने कहा संबंधित अदालत ने गलत आकलन कर उनके बयानों पर संदेह जताया है। इसके अलावा अन्य गवाहों के बयानों का भी गलत तरीके से आकलन किया गया है। ऐसे में मजिस्ट्रेट के फैसले को खारिज कर सभी के खिलाफ मुकदमा चलाया जाए।
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यह आपराधिक मामला 19 फरवरी 2018 को केजरीवाल के आधिकारिक आवास पर एक बैठक के दौरान अंशु प्रकाश पर कथित हमले से संबंधित है। कई राजनेताओं को आरोपी बनाया गया था।
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अदालत ने केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य विधायकों राजेश ऋषि, नितिन त्यागी, प्रवीण कुमार, अजय दत्त, संजीव झा, ऋतुराज गोविंद, राजेश गुप्ता, मदन लाल और दिनेश मोहनिया को आगे सुनवाई के लिए 23 नवंबर तय करते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने सभी को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न अपील स्वीकार कर ली जाए।
निचली अदालत का फैसला
निचली अदालत ने 11 अगस्त को दिए फैसले में कहा था कि इन सभी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए ठोस साक्ष्य नहीं हैं। ऐसे में वे सभी को मामले से आरोपमुक्त करते हैं। वहीं अदालत ने दो अन्य विधायकों अमानतुल्ला खान, प्रकाश जारवाल के खिलाफ अभियोग तय कर दिए थे।

अतिरिक्त मुख्य मैट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सचिन गुप्ता ने अपने फैसले में कहा था कि पेश तथ्यों, साक्ष्यों व गवाहों के बयानों से स्पष्ट नहीं है कि मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री ने अन्य विधायकों को मारपीट के लिए उकसाया। ऐसा भी कोई साक्ष्य नहीं है कि आरोपी बनाए गए विधायकों ने पीड़ित अंशु प्रकाश के साथ मारपीट, धक्कामुक्की इत्यादि अपराध किया। ऐसे में उनके खिलाफ अभियोग तय करने का कोई आधार नहीं है।
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