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उपमुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन टीचिंग-लर्निंग प्रक्रिया का लिया जायजा
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उपमुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन टीचिंग-लर्निंग प्रक्रिया का लिया जायजा
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली, 20 जनवरी
उपमुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया ने बृहस्पतिवार को शिक्षा निदेशक व अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर ऑनलाइन टीचिंग-लर्निंग प्रक्रिया की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को ऑनलाइन टीचिंग-लर्निंग प्रक्रिया में बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके अच्छे मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान देने के लिए निर्देश दिया। मंत्री ने स्कूल बंद रहने तक ऑनलाइन विधियों के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई जारी रखने पर जोर दिया।
सिसोदिया ने कहा कि कोरोना के कारण बार-बार स्कूलों के बंद होने से बच्चों की पढ़ाई का नुकसान हुआ है। बच्चों का स्वास्थ्य बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि बच्चों की पढ़ाई न रुके। कोरोना महामारी ने नई चुनौतियां खड़ी की हैं, लेकिन दिल्ली की शिक्षा टीम इन चुनौतियों का सामना करते हुए ये सुनिश्चित कर रही है कि हर बच्चे तक शिक्षा की पहुंच हो।
इस अवसर पर शिक्षा निदेशक हिमांशु गुप्ता ने बताया कि शिक्षा निदेशालय द्वारा नियमित रूप से वर्कशीट के माध्यम से ये सुनिश्चित किया जा रहा है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों कि लर्निंग न रुके। साथ ही स्कूली स्तर पर कक्षा 9वीं से 12वीं के लिए ऑनलाइन कक्षा का आयोजन भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों के पास डिजिटल उपकरण नहीं है। हर सप्ताह स्कूल द्वारा उन्हें वर्कशीट की छपी कॉपी भी दी जा रही है। निदेशालय द्वारा नर्सरी से 10वीं तक के विद्यार्थियों को हर सप्ताह नियमित रूप से व्हाट्सएप्प के माध्यम से वर्कशीट भेजी जाती है। साथ ही शीतकालीन अवकाश के दौरान माध्यमिक कक्षाओं को प्रोजेक्ट,असाइनमेंट और एक्टिविटी शीट भी भेजी गई है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा शिक्षा निदेशालय द्वारा बच्चों के आकलन के संदर्भ में उनकी भागीदारी स्तर और सीखने के स्तर को समझने के लिए नए तरीकों का उपयोग करते हुए नियमित रूप से मूल्यांकन भी किया जा रहा है। इस कड़ी में बच्चों की पढ़ने लिखने की क्षमता और संख्यात्मक क्षमता को बेहतर करने और बच्चों में पढ़ने का संस्कृति को बनाने के लिए 17 जनवरी से 100 दिन का पठन अभियान भी शुरू हुआ है। इसका उद्देश्य कहानियों के माध्यम से बच्चों में तार्किक सोच और रचनात्मकता बढ़ाना है। अभियान में बच्चों को हर सप्ताह छह वर्कशीट भेजी जा रही हैं।
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सरकार के मुताबिक, ऑनलाइन व ऑफ़लाइन माध्यम के द्वारा केजी से दूसरी कक्षा के 99.2 फीसदी, तीसरी से पांचवी के 99.1फीसदी, छठी के 94.21फीसदी, सातवीं के 97.2 फीसदी, आठवीं के 98 फीसदी, 9वीं के 98.7 फीसदी और 10वीं के 98.4 फीसदी विद्यार्थियों तक शिक्षा निदेशालय द्वारा भेजी गई वर्कशीट पहुंच रही है। स्कूलों द्वारा आयोजित की गई ऑनलाइन कक्षा में कक्षा 11वीं के 98.2 फीसदी व 12वीं के 98.6 फीसदी छात्र भाग ले रहे हैं।
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किशन कुमार
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