फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Naxalites absconding for 26 years arrested

दिल्ली : 26 साल से फरार नक्सली गिरफ्तार, पुलिस अधिकारी की हत्या में था वांछित

Sun, 10 Apr 2022 05:24 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 10 Apr 2022 05:24 AM IST
सार

आरोपी 26 वर्षों से फरार था। वह माले का नेता था और वर्ष 1996 में पुलिस अधिकारी की हत्या में वांछित था। साथ ही करीब दो हजार लोगों की भीड़ के साथ पुलिस टीम पर हमला कर दिया था।

विज्ञापन
Naxalites absconding for 26 years arrested
नक्सली नेता किशुन पंडित - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने बिहार के नक्सली नेता किशुन पंडित (60) को गिरफ्तार किया है। आरोपी 26 वर्षों से फरार था। वह माले का नेता था और वर्ष 1996 में पुलिस अधिकारी की हत्या में वांछित था। साथ ही करीब दो हजार लोगों की भीड़ के साथ पुलिस टीम पर हमला कर दिया था।

विज्ञापन


पुलिस अधिकारी की हत्या करने के बाद पुलिस दल से राइफल और 40 राउंड कारतूस लूट लिए थे। वह वर्ष 1996 से ही फरार था और फरीदाबाद में छिपकर रह रहा था। आरोपी ने बिहार में खुद को मरा हुआ घोषित किया हुआ था। बिहार पुलिस ने उस समय इसकी गिरफ्तारी पर 100 रुपये का इनाम घोषित किया था।
विज्ञापन


अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों के अनुसार एसीपी अभिनेंद्र जैन की टीम को सूचना मिली थी कि किशुन पंडित फरीदाबाद में छिपा हुआ है। सूचना को पुख्ता करने व किशुन पंडित के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए एक टीम पुनपुन, पटना, बिहार भेजी गई। वहां दिल्ली पुलिस को पता लगा कि 23 नवंबर, 1996 को माले नामक नक्सली संगठन के जिला प्रमुख नेता देवेंद्र सिंह की हत्या कर दी गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


बदले में किशुन पंडित ने करीब दो हजार लोगों के साथ पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। इन लोगों ने एक पुलिस अधिकारी की हत्या कर दी थी, जबकि तीन पुलिस अधिकारी बुरी तरह घायल हो गए थे। तभी से किशुन पंडित फरार था। उस समय उसकी गिरफ्तारी पर 100 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।  


परिजनों ने दूसरे के शव को जला दिया था  
वर्ष 1996 में दिल्ली से पटना जाते समय श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में कई लोगों की मौत हो गई थी। किशुन पंडित ने इस घटना का फायदा उठाया ओर बिहार में अपने परिवार के सदस्यों को ग्रामीणों को यह बताने का निर्देश दिया था कि किशुन की ट्रेन दुर्घटना में मौत हो गई है। परिजनों ने किसी और के शव को ले जाकर ग्राम में अंतिम संस्कार कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने किशुन पंडित की तलाश बंद कर दी थी।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed