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दंगों में आरोपी नताशा ने बगैर अनुमति दिल्ली से बाहर जाने की छूट मांगी, पुलिस को आपत्ति
Thu, 19 Aug 2021 06:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 19 Aug 2021 06:18 AM IST
सार
- पुलिस ने कहा नष्ट कर सकती हैं सुबूत
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natasha narwal
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली पुलिस ने अदालत की अनुमति के बिना राष्ट्रीय राजधानी नहीं छोड़ने की जमानत की शर्त में छूट प्रदान करने के आग्रह संबंधी जेएनयू छात्रा नताशा नरवाल की अर्जी पर आपत्ति जताई है। पुलिस ने तर्क रखा कि वह सबूत नष्ट कर सकती है।
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उत्तरपूर्वी दिल्ली में हुए दंगा मामले में आरोपी नरवाल ने 2020 के उस जमानत आदेश में सुधार की मांग की जिसमें उसे दिल्ली छोड़कर नहीं जाने का निर्देश दिया गया है।
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नरवाल ने पेश आवेदन में तर्क रखा है कि उसे अपनी पीएचडी के लिए शोध करने के वास्ते बाहर जाना पड़ता है और साथ ही अपने पैतृक आवास भी जाना होता है लेकिन उसे हर बार अदालत से अनुमति मांगनी पड़ती है।
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सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की और से पेश अधिवक्ता राजीव कृष्ण शर्मा ने आवेदन पर आपत्ति जताते हुए अदालत को बताया कि नरवाल मामले में एक साजिशकर्ता है तथा अगर दिल्ली नही छोड़ने की शर्त में बदलाव किया गया तो वह सबूत नष्ट कर सकती है या फरार हो सकती है। उन्होंने कहा आवेदनकर्ता के खिलाफ साजिश के आरोप हैं और एक साजिशकर्ता हमेशा खतरनाक व्यक्ति होता है क्योंकि वह सबूत नष्ट कर सकता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कल वे विदेश चलीं जाएं या फरार हो जाए तो उन्हें कौन पकड़ेगा? उन्होंने कहा जब वे दंगा करने की साजिश रच रहे थे तो वे पीएचडी भी कर रहे थे। कई लोग मर गए। अदालत समझ सकती है कि वे पीएचडी के नाम पर क्या कर रहे थे।
वहीं नरवाल की ओर से पेश वकील कुनाल नेगी और अदिति एस पुजारी ने अदालत को बताया कि वह तीन मामलों में आरोपी है लेकिन अदालत ने बाकी के दो मामलों में जमानत देते हुए उस पर कोई शर्त नहीं लगाई है। नरवाल के साथ ही कई अन्य पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया और उन पर फरवरी 2020 में हुई हिंसा के %%मास्टरमाइंड होने का आरोप है जिसमें 53 लोगों की मौत हो गई थी।