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मुंडका में मातम : प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- अंदर चल रहा था मोटिवेशनल कार्यक्रम, बाहर से दरवाजा बंद
Sun, 15 May 2022 06:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा
शुजात आलम, नई दिल्ली
शुजात आलम, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 15 May 2022 06:38 AM IST
सार
यहां 150 से अधिक लोग काम करते थे, जिनमें ज्यादातर महिलाएं थीं। शुक्रवार को कंपनी के मालिक हरीश व वरुण गोयल ने काम को बेहतर बनाने के लिए एक मोटिवेशनल कार्यक्रम का आयोजन किया था।
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मुंडका घटनास्थल की तस्वीर
- फोटो : जी पाल
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विस्तार
मुंडका इलाके में मौत की इमारत में तीन मंजिलों को एक ही मालिक ने किराए पर ले रखा था। यहां 150 से अधिक लोग काम करते थे, जिनमें ज्यादातर महिलाएं थीं। शुक्रवार को कंपनी के मालिक हरीश व वरुण गोयल ने काम को बेहतर बनाने के लिए एक मोटिवेशनल कार्यक्रम का आयोजन किया था।
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इसके लिए मोटिवेशनल स्पीकर कैलाश ज्याणी को बुलाया गया था। जयानी अपने बेटे अमित के साथ पहुंचे थे। हादसे में दोनों की मौत हो गई है। शाम 4 बजे सभी कर्मचारियों से को दूसरी मंजिल पर बैठा लिया गया और दरवाजे को बाहर से बंद कर दिया गया। कार्यक्रम शुरू होने के कुछ ही देर बाद बिजली चली गई। दूसरे कर्मचारियों ने पहली मंजिल पर रखे जनरेटर को चलाया तो उससे चिंगारी निकली और आग लग गई। आग लगते ही वहां अफरातफरी मच गई और सभी सीढ़ियों की ओर भागे, लेकिन उसका दरवाजा बंद था।
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कर्मचारियों ने किया था शीशे तोड़ने का विरोध, हो गया हंगामा
दूसरी मंजिल पर मौजूद प्रीति (19) ने बताया कि वह अपने भाई विशाल (25) के साथ फैक्टरी में काम करती थी। आग लगने के बाद धुआं अंदर आने लगा तो सभी को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। वहां मौजूद पुरुष कर्मचारियों ने अंदर के शीशे तोड़ने का प्रयास किया। पहले कुर्सियों से शीशे तोड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन शीशे टूट नहीं रहे थे। इसके बाद वहां रखी टेबल को मोटे शीशों पर मारा गया तो कुछ शीशे टूट गए।
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प्रीति ने आरोप लगाया कि कंपनी के कुछ कर्मचारी खिड़कियों के शीशे तोड़ने के लिए मना कर रहे थे। उनका कहना था कि इससे दफ्तर का नुकसान होगा। अंदर मौजूद कर्मचारियों और महिलाओं ने हंगामा किया तो वह पीछे हट गए। शीशे टूटे तो लोगों की जान में जान आई। इस बीच बाहर लोगों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया। हादसे में प्रीति का एक हाथ झुलस गया। उसके भाई विशाल ने बताया कि शीशे तोड़ने के बाद वह क्रेन, रस्सी और सीढ़ी की मदद से नीचे उतरा। बाद में उसने अपनी बहन को भी सुरक्षित बाहर निकाला।