{"_id":"6564aa4d8a49472bef05e548","slug":"more-than-10-lakh-people-attended-the-trade-fair-this-year-ashram-news-c-340-1-del1011-31837-2023-11-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi News: इस साल ट्रेड फेयर में 10 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi News: इस साल ट्रेड फेयर में 10 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे
विज्ञापन
आखिरी दिन एक लाख से ज्यादा आगंतुकों ने देखा मेला
प्राइवेट कंपनियों के उत्पादों पर 60 फीसदी तक मिली छूट
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
इस बार ट्रेड फेयर में 10 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे। सोमवार को गुरु पूर्णिमा की छुट्टी होने के कारण करीब एक लाख से ज्यादा लोगों ने मेला देखा। आखिरी दिन हॉल आठ से 12 में प्राइवेट कंपनियों के उत्पादों पर 60 फीसदी तक छूट मिली। लोगों ने फुटवियर, घड़ियां, चश्मे, सुबह सैर करने के लिए कपड़े, सजावट के सामान, सूट, दुपट्टे, घर के लिए सजावट के सामान, एरोमा ऑइल, परफ्यूम इत्यादि की खरीदारी की। दोपहर को दो बजे से ही हॉल में भीड़ इतनी ज्यादा हो गई कि लोगों के चलने के लिए जगह नहीं बची, फिर भी लोगों ने मेले का जमकर लुत्फ उठाया। खाने-पीने के सामानों की भी खूब बिक्री हुई। केरल के मसालों की खूब खरीदारी हुई।
आखिरी दिन दुकानदारों को मजबूरन ये कहना पड़ा कि मसाले खत्म हो गए। सबसे ज्यादा बिक्री काली मिर्च, लौंग, इलायची और नारियल तेल की हुई। शाम चार बजे तक पवेलियन में ये उत्पाद खत्म हो गए। यही हाल कश्मीरी कहवे का रहा। जम्मू कश्मीर पवेलियन में करीब छह स्टाॅल कहवा बेचने के लिए थे, शाम तक केवल एक स्टाॅल पर दो-चार पैकेट ही बचे।
लोकल उत्पादों की जमकर बिक्री
मेले में लोकल उत्पादों की जमकर बिक्री हुई। यूपी पवेलियन में गाजियाबाद के दूध, दही, छाछ, घी, मिल्क शेक की जमकर बिक्री हुई। इसी तरह हॉल आठ में अनंदा कंपनी के दूध, मक्खन, लस्सी, जलेबी, दूध से निर्मित दूसरी मिठाइयों की जमकर बिक्री हुई। देर शाम तक इनके उत्पाद पवेलियन में बिक्री के लिए पहुंचते रहे।
विज्ञापन
छोटे बच्चों को ट्रॉली में लेकर घूमते रहे मेला
मेले में बहुत से माता-पिता अपने छोटे बच्चों को पालने वाली ट्रॉली (प्रैम) में लेकर घूमते नजर आए। बुजुर्गों ने भी मेले में आकर समय बिताया और खरीदारी भी की। लोगों ने पसंदीदा राज्यों के फूड कोर्ट को ढूंढकर खाना खाया। फूड कोर्ट में भीड़ ज्यादा थी तो खाली जगहों पर, घास पर बैठकर कहीं भी खा लिया। थकने पर पवेलियन में ही कहीं किनारे बैठकर सुस्ता लिया और थोड़ी देर बाद फिर से मेला घूमने निकल पड़े। प्रगति मैदान के आसपास के बस स्टैंड पर जबरदस्त भीड़ रही। लोगों को बस पकड़ने के लिए इंतजार करना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन पर भी भारी भीड़ रही।
पिछले साल के मुकाबले दो लाख ज्यादा भीड़
आईटीपीओ के मेला विभाग के उप महाप्रबंधक कृष्ण कुमार ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस साल करीब दो लाख ज्यादा लोग आए। पिछले साल करीब आठ लाख लोग ट्रेड फेयर पहुंचे थे। इस साल आगंतुकों का सटीक आंकड़ा एक-दो दिन में आएगा, लेकिन मोटे तौर पर ये माना जा सकता है कि करीब 10 लाख लोग 14 दिन में मेला देखने पहुंचे।
विज्ञापन
प्राइवेट कंपनियों के उत्पादों पर 60 फीसदी तक मिली छूट
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
इस बार ट्रेड फेयर में 10 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे। सोमवार को गुरु पूर्णिमा की छुट्टी होने के कारण करीब एक लाख से ज्यादा लोगों ने मेला देखा। आखिरी दिन हॉल आठ से 12 में प्राइवेट कंपनियों के उत्पादों पर 60 फीसदी तक छूट मिली। लोगों ने फुटवियर, घड़ियां, चश्मे, सुबह सैर करने के लिए कपड़े, सजावट के सामान, सूट, दुपट्टे, घर के लिए सजावट के सामान, एरोमा ऑइल, परफ्यूम इत्यादि की खरीदारी की। दोपहर को दो बजे से ही हॉल में भीड़ इतनी ज्यादा हो गई कि लोगों के चलने के लिए जगह नहीं बची, फिर भी लोगों ने मेले का जमकर लुत्फ उठाया। खाने-पीने के सामानों की भी खूब बिक्री हुई। केरल के मसालों की खूब खरीदारी हुई।
आखिरी दिन दुकानदारों को मजबूरन ये कहना पड़ा कि मसाले खत्म हो गए। सबसे ज्यादा बिक्री काली मिर्च, लौंग, इलायची और नारियल तेल की हुई। शाम चार बजे तक पवेलियन में ये उत्पाद खत्म हो गए। यही हाल कश्मीरी कहवे का रहा। जम्मू कश्मीर पवेलियन में करीब छह स्टाॅल कहवा बेचने के लिए थे, शाम तक केवल एक स्टाॅल पर दो-चार पैकेट ही बचे।
विज्ञापन
लोकल उत्पादों की जमकर बिक्री
मेले में लोकल उत्पादों की जमकर बिक्री हुई। यूपी पवेलियन में गाजियाबाद के दूध, दही, छाछ, घी, मिल्क शेक की जमकर बिक्री हुई। इसी तरह हॉल आठ में अनंदा कंपनी के दूध, मक्खन, लस्सी, जलेबी, दूध से निर्मित दूसरी मिठाइयों की जमकर बिक्री हुई। देर शाम तक इनके उत्पाद पवेलियन में बिक्री के लिए पहुंचते रहे।
विज्ञापन
छोटे बच्चों को ट्रॉली में लेकर घूमते रहे मेला
मेले में बहुत से माता-पिता अपने छोटे बच्चों को पालने वाली ट्रॉली (प्रैम) में लेकर घूमते नजर आए। बुजुर्गों ने भी मेले में आकर समय बिताया और खरीदारी भी की। लोगों ने पसंदीदा राज्यों के फूड कोर्ट को ढूंढकर खाना खाया। फूड कोर्ट में भीड़ ज्यादा थी तो खाली जगहों पर, घास पर बैठकर कहीं भी खा लिया। थकने पर पवेलियन में ही कहीं किनारे बैठकर सुस्ता लिया और थोड़ी देर बाद फिर से मेला घूमने निकल पड़े। प्रगति मैदान के आसपास के बस स्टैंड पर जबरदस्त भीड़ रही। लोगों को बस पकड़ने के लिए इंतजार करना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन पर भी भारी भीड़ रही।
पिछले साल के मुकाबले दो लाख ज्यादा भीड़
आईटीपीओ के मेला विभाग के उप महाप्रबंधक कृष्ण कुमार ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस साल करीब दो लाख ज्यादा लोग आए। पिछले साल करीब आठ लाख लोग ट्रेड फेयर पहुंचे थे। इस साल आगंतुकों का सटीक आंकड़ा एक-दो दिन में आएगा, लेकिन मोटे तौर पर ये माना जा सकता है कि करीब 10 लाख लोग 14 दिन में मेला देखने पहुंचे।