{"_id":"5fa83fab8ebc3e5be50e9446","slug":"miscreants-pulled-out-million-by-breaking-fixed-deposit-ashram-news-noi547379872","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदमाशों ने एफडी तोड़ निकाले 10 लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदमाशों ने एफडी तोड़ निकाले 10 लाख
विज्ञापन
नई दिल्ली। फर्श बाजार इलाके में बदमाशों ने एक महिला के बैंक खाते से उनकी दो फिक्स डिपाजिट (एफडी) ऑनलाइन तुड़वाकर 10.22 लाख रुपये उड़ा लिए। बदमाशों ने महिला के खाते से अटैच उनके नंबर को बदलवा दिया। इसके बाद पीड़िता के नाम से नया एटीएम कार्ड जारी करा लिया। बाद में आठ लाख से अधिक एक ज्वेलर के खाते में आरटीजीएस कर दिए। जबकि बाकी रुपये सात बार में नए एटीएम कार्ड से निकाल लिए। पीड़िता बैंक पहुंची तो उसे ठगी का पता चला। पीड़िता सरला ने बैंक के कर्मचारियों व अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। फर्श बाजार थाना पुलिस ने सरला की शिकायत पर रविवार को केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक सरला परिवार के साथ ज्ञानलोक कॉलोनी, जीटी रोड, सिकंदराबाद, बुलंदशहर में रहती हैं। पिछले करीब 10 सालों से इनका शाहदरा अनाज मंडी स्थित एसबीआई में बचत खाता है। इनके खाते में 14 हजार रुपये थे। उसने करीब 10.50 लाख रुपये की दो एफडी कराई हुई थी । 17 अक्तूबर को वह सिकंदराबाद से बैंक पासबुक अपडेट कराने आई। पासबुक अपडेट हुई तो उनके होश उड़ गए। किसी ने उनके खाते से 10.22 लाख रुपये उड़ा लिए थे। बैंक अधिकारियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि दोनों एफडी को नेट बैंकिंग के जरिये तुड़वा लिया गया था। इसके बाद किसी ज्वेलर को अगस्त में दो अलग-अलग तारीख पर 3.88 लाख और 4.37 लाख रुपये आरटीजीएस किए गए। इसके अलावा सात अलग-अलग बार एटीएम से रुपये भी निकाले गए थे। जांच में पता चला कि हेराफेरी करने से पूर्व किसी ने उसके खाते से अटैच मोबाइल नंबर भी बदलवा लिया था।
पीड़िता का आरोप है कि न तो उन्होंने खाते से अटैच मोबाइल नंबर को बदलवाया और न ही उन्होंने कभी नेट बैंकिंग की। उनके पास मौजूद दोनों एटीएम कार्ड भी बंद हैं। सरला ने वारदात में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया है। महिला ने एटीएम कार्ड किसी और के घर पहुंचने पर सवाल उठाए हैं। साथ ही कहा है कि बैंक ने बिना पड़ताल के नेट बैंकिंग की सुविधा कैसे दे दी। अपनी शिकायत में सरला ने बैंक अधिकारियों से पूछताछ करने की बात कही है। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूरे मामले की जांच कराने की बात कर रहे हैं।
विज्ञापन
-
खाते से अटैच नंबर को बदलावा कर, नेट बैंकिंग से निकाले पैसे
बदमाशों ने किसी तरह महिला के बैंक खाते से अटैच मोबाइल नंबर को बदलवा दिया। इसके बाद नेट बैंकिंग सुविधा शुरू कराई गई। साथ ही पीड़िता के नाम से नया एटीएम कार्ड जारी करा लिया। नेट बैकिंग शुरू करने के बाद खाते से जुड़े दोनों फिक्सड डिपाजिट तोड़ दिए गए। बाद में दो अलग-अलग तारीख पर ज्वेलर को करीब 8 लाख रुपये आरटीजीएस कर दिए गए। नए कार्ड से सात बार में बाकी बचे रुपये निकाल लिए गए।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक सरला परिवार के साथ ज्ञानलोक कॉलोनी, जीटी रोड, सिकंदराबाद, बुलंदशहर में रहती हैं। पिछले करीब 10 सालों से इनका शाहदरा अनाज मंडी स्थित एसबीआई में बचत खाता है। इनके खाते में 14 हजार रुपये थे। उसने करीब 10.50 लाख रुपये की दो एफडी कराई हुई थी । 17 अक्तूबर को वह सिकंदराबाद से बैंक पासबुक अपडेट कराने आई। पासबुक अपडेट हुई तो उनके होश उड़ गए। किसी ने उनके खाते से 10.22 लाख रुपये उड़ा लिए थे। बैंक अधिकारियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि दोनों एफडी को नेट बैंकिंग के जरिये तुड़वा लिया गया था। इसके बाद किसी ज्वेलर को अगस्त में दो अलग-अलग तारीख पर 3.88 लाख और 4.37 लाख रुपये आरटीजीएस किए गए। इसके अलावा सात अलग-अलग बार एटीएम से रुपये भी निकाले गए थे। जांच में पता चला कि हेराफेरी करने से पूर्व किसी ने उसके खाते से अटैच मोबाइल नंबर भी बदलवा लिया था।
विज्ञापन
पीड़िता का आरोप है कि न तो उन्होंने खाते से अटैच मोबाइल नंबर को बदलवाया और न ही उन्होंने कभी नेट बैंकिंग की। उनके पास मौजूद दोनों एटीएम कार्ड भी बंद हैं। सरला ने वारदात में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया है। महिला ने एटीएम कार्ड किसी और के घर पहुंचने पर सवाल उठाए हैं। साथ ही कहा है कि बैंक ने बिना पड़ताल के नेट बैंकिंग की सुविधा कैसे दे दी। अपनी शिकायत में सरला ने बैंक अधिकारियों से पूछताछ करने की बात कही है। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूरे मामले की जांच कराने की बात कर रहे हैं।
विज्ञापन
-
खाते से अटैच नंबर को बदलावा कर, नेट बैंकिंग से निकाले पैसे
बदमाशों ने किसी तरह महिला के बैंक खाते से अटैच मोबाइल नंबर को बदलवा दिया। इसके बाद नेट बैंकिंग सुविधा शुरू कराई गई। साथ ही पीड़िता के नाम से नया एटीएम कार्ड जारी करा लिया। नेट बैकिंग शुरू करने के बाद खाते से जुड़े दोनों फिक्सड डिपाजिट तोड़ दिए गए। बाद में दो अलग-अलग तारीख पर ज्वेलर को करीब 8 लाख रुपये आरटीजीएस कर दिए गए। नए कार्ड से सात बार में बाकी बचे रुपये निकाल लिए गए।