फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Metro bus runs again after two days with 100 perscent capacity vehicles are seen everywhere on roads

दिल्ली: दो दिन बाद फिर सौ फीसदी क्षमता के साथ चली मेट्रो-बस, सड़कों पर हर तरफ दिखे वाहन

Mon, 10 Jan 2022 09:56 PM IST
सुशील कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार Updated Mon, 10 Jan 2022 09:56 PM IST
सार

सार्वजनिक परिवहन में सभी को सफर की इजाजत मिलने से जरूरी काम के अलावा घूमने के लिए भी लोग सड़कों पर उतर आए। इधर-उधर पैदल घूमने वाले कई बार मास्क ठीक से पहने दिखे तो सुरक्षा कर्मियों की लगातार उनपर नजरें टिकी हुई थीं।

विज्ञापन
Metro bus runs again after two days with 100 perscent capacity vehicles are seen everywhere on roads
डीटीसी बस और मेट्रो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सप्ताहांत कर्फ्यू के बाद पहले दिन सोमवार को एक बार फिर मेट्रो-बस 100 फीसदी क्षमता के साथ चली। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए लागू कर्फ्यू के बाद ऐसा लगा कि लोग चंद घंटों में ही पाबंदियों का मायने भूल गए। सड़कों पर फिर पहले की तरह ही भीड़ दिखी और बसों में भी लोग सौ फीसदी क्षमता के साथ आगे बढ़े। सुबह से शाम तक हजारों निजी वाहन भी सड़कों पर नजर आए तो मार्केट में भी एहतियातों के साथ खरीदारी हुई। 

विज्ञापन


सार्वजनिक परिवहन में सभी को सफर की इजाजत मिलने से जरूरी काम के अलावा घूमने के लिए भी लोग सड़कों पर उतर आए। इधर-उधर पैदल घूमने वाले कई बार मास्क ठीक से पहने दिखे तो सुरक्षा कर्मियों की लगातार उनपर नजरें टिकी हुई थीं। सुबह से ही बसों में यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी। दफ्तर और जरूरी काम के सिलसिले में बाहर निकलने वालों को सीट खाली न होने पर बसों में सवार नहीं होने दिया गया। बसों-मेट्रो के अंदर तो सभी के लिए मास्क पहनने की अनिवार्यता को सख्ती से लागू किया गया। लेकिन मेट्रो स्टेशन या बसों से मार्केट या दूसरे सार्वजनिक स्थलों पर मास्क ठीक से न पहनने वाले भी कई लोग दिखे।
विज्ञापन


नहीं रही कमी, बसों के लिए करना पड़ा कम इंतजार
सप्ताह के पहले दिन बसों की कमी नहीं दिखी। डीटीसी, क्लस्टर के अलावा 600 से अधिक पर्यावरण बस सेवा के तहत सड़कों पर उतार दिए जाने से यात्रियो को बसों के लिए कम इंतजार करना पड़ा। सौ फीसदी क्षमता होने की वजह से बसों में सीट की भी दिक्कत नहीं हुई। गंतव्य तक पहुंचने के लिए बसों का खूब इस्तेमाल किया। डीटीसी के एक ड्राइवर ने बताया कि निजामुद्दीन के लिए जाने वाली बस में भीड़ रोजाना की तरह थी, लेकिन सीट फुल होने पर किसी भी यात्री को प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। नियमों के पालन के नाम पर सभी के लिए मास्क पहनना अनिवार्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नियमों का सख्ती से नहीं हो रहा है पालन
धौला कुआं बस स्टॉप के पास दूसरे राज्यों को जाने वाली बसों में सवार होने के लिए यात्रियों के पहुंचने का सिलसिला शाम तक चलता रहा। दूर दराज के शहरों के लिए बसों में जाने वाले परिवारों के पास सामान अधिक दिखे, लेकिन बच्चों के चेहरे पर मास्क नदारद थे। संक्रमण का अधिक खतरा होने के बाद भी अंतरराज्यीय बसों में अक्सर नियमों के पालन में अनदेखी की जा रही है।


डबल मास्क लगाने की सलाह
मेट्रो के सौ फीसदी क्षमता से चलने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली। मगर सफर के दौरान यात्रियों की भीड़ में खांसी या छींक होने पर सांसों से संक्रमण का खतरा भी बरकरार है। सभी सीटों पर यात्रियों को सफर की इजाजत थी। यात्रियों की संख्या सुबह और शाम के वक्त अधिक होने पर उन्हें खड़े रहने से मना करते हुए अगले स्टेशन पर दूसरी मेट्रो में सवार होने के लिए कहते भी मेट्रो कर्मी नजर आए। सौ फीसदी क्षमता के बीच सफर में सामाजिक दूरी का तो पालन न मुश्किल से हो रहा था, मगर दिल्ली मेट्रो की तरफ से यात्रियों को ओमिक्रॉन से संक्रमण से बचने के लिए डबल मास्क लगाने की सलाह जरूर दी जा रही है। चूंकि यात्रियों के बीच आपसी दूरी कम होती है, इसलिए मेट्रो में सफर के दौरान इसे अधिक सुरक्षित माना जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed