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40 दिन की बेटी का गला काटते भी नहीं कांपे हाथ

Sun, 23 Jun 2019 01:51 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jun 2019 01:51 AM IST
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mehrouli three murders case
40 दिन की बेटी का गला काटते भी नहीं कांपे हाथ
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नई दिल्ली। महरौली इलाके में एक साथ चार हत्या की खबर ने लोगों को स्तब्ध कर दिया। लोग घटनास्थल की ओर भागे। सभी उपेंद्र को बुरा-भला कह रहे थे। जगह-जगह समूह बनाकर महिलाएं बस ही हत्याकांड का जिक्र कर रही थी। पड़ोस के लोगों का कहना था कि उपेंद्र उनसे बहुत कम मिलता था। ज्यादातर लोग उसे जानते नही थे। लेकिन उसने जो कि उस पर विश्वास नहीं हो रहा। आखिर ऐसा क्या हो गया था कि 40 दिन बेटी का गला काटते हुए भी आरोपी के हाथ नहीं कांपें।
पड़ोसी महिला रामवती ने बताया कि जब से इलाके में फ्लैट बने हैं, नए-नए लोग यहां आकर रहना शुरू हुए हैं। फ्लैट में रहने वाले लोग एक दूसरे को नही जानते हैं। उपेंद्र भी अपनी बिल्डिंग के अलावा बाकी पड़ोसियों से वास्ता नही रखता था। रामवती ने कहा कि भला क्या कोई अपने नन्हें-नन्हें बच्चों का भी गला काट सकता है? उधर दिनभर वार्ड नंबर-2 के बाहर लोगों की भारी भीड़ जुटी रही। भीड़ को नियंत्रण करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। दोपहर 1.45 बजे के बाद जब पुलिस छानबीन के बाद शवों को लेकर निकली, तो भीड़ कुछ कम हुई।
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सास को भनक तक नहीं लगी
उपेंद्र की सास और पड़ोसियों को वारदात की भनक तक नही लगी। आरोपी ने कटर का इस्तेमाल किया, इसकी भी आवाज किसी को सुनाई नहीं दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने वारदात को जिस समय अंजाम दिया, उस समय ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे। इसके अलावा उसने पूरे परिवार को नींद को गोलियां देकर मारा तो इसलिए किसी की नींद नही खुली।
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