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डीटीयू और एनएसयूटी में मेडिकल की पढ़ाई संभव

Wed, 04 May 2022 06:36 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 04 May 2022 06:36 PM IST
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Medical studies possible in DTU and NSUT
नई दिल्ली। नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एनएसयूटी) व दिल्ली प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में मेडिकल की पढ़ाई हो सकती है। इसके लिए कवायद शुरू कर दी गई है। दोनों विश्वविद्यालयों के प्रबंधन बोर्ड की ओर से 31 मई को इस आशय का प्रस्ताव दिल्ली सरकार को भेजा जाएगा। उम्मीद है कि अगले वर्ष तक दोनों विश्वविद्यालयों में मेडिकल की पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
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वर्ष 2020 में तैयार की गई थी परियोजना
डीटीयू व एनएसयूटी ने 2020 में इंजीनियरिंग के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज शुरू करने की योजना तैयार की थी। परियोजना का प्रारूप अमेरिका स्थित हार्वर्ड विश्वविद्यालय, मैरीलैंड स्थित जांस हॉपकिन्स विश्वविद्यालय, इंग्लैंड स्थित आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, इंपीरियल कालेज आफ लंदन, किंग्स कॉलेज आफ लंदन व येल विश्वविद्यालय का अध्ययन करने के बाद तैयार किया गया था। इसके आधार पर विश्वविद्यालय ने 2022 तक मेडिकल कॉलेज शुरू करने का आश्वासन दिया था।
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इंदिरा गांधी अतिविशिष्ट व भगवान महावीर अस्पताल में मिलेगा दाखिला
दिल्ली सरकार से मंजूरी मिलने के बाद विश्वविद्यालयों की ओर से अलग-अलग दो मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिया जाएगा। इसके लिए एनएसयूटी के तहत द्वारका सेक्टर-9 स्थित इंदिरा गांधी अतिविशिष्ट अस्पताल और डीटीयू के तहत पीतमपुरा स्थित भगवान महावीर अस्पताल में दाखिला मिलेगा। दरअसल, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज व संबद्ध अस्पताल के बीच दूरी 10 किलोमीटर या 30 मिनट होने का प्रावधान है। एनएसयूटी व इंदिरा गांधी अस्पताल के बीच करीब चार किलोमीटर, जबकि डीटीयू व भगवान महावीर अस्पताल के बीच करीब 10 किलोमीटर की दूरी है। ऐसे में दोनों विश्वविद्यालयों के लिए दोनों अस्पताल संबद्धता के लिए फिट बैठ रहे हैं।
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100 सीटों से की जाएगी दाखिले की शुरुआत
एनएसयूटी व डीटीयू में 100-100 सीटों पर दाखिले से शुरुआत की जाएगी। इसके तहत एमबीबीएस, दंत चिकित्सा व नर्सिंग विज्ञान में स्नातक कोर्स के साथ-साथ कौशल विकास आधारित पाठ्यक्रमों को शुरू किया जाएगा। परियोजना सफल रही तो इन कोर्स में सीटों को बढ़ाया जाएगा। साथ ही पाठ्यक्रमों की संख्या बढ़ाकर 44 कर दी जाएगी। एनएसयूटी के मुताबिक, इंदिरा गांधी अस्पताल के पीछे 15 एकड़ जमीन है। यह जमीन मेडिकल कॉलेज के लिए प्रस्तावित है। दिल्ली सरकार से मंजूरी मिलती है तो इस जमीन पर इमारत का निर्माण किया जाएगा।

दोनों विश्वविद्यालयों में मेडिकल कॉलेज खुलने की प्रक्रिया चल रही है। सरकार से मंजूरी मिलते ही इस पर और तेजी से काम किया जाएगा। 2023 तक इस योजना पर पूरा काम कर लेंगे। शुरुआत में 100-100 सीटों पर दाखिला दिया जाएगा।
- प्रो. जयप्रकाश सैनी, कुलपति, एनएसयूटी व कार्यवाहक कुलपति डीटीयू
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