MCD Election: पैमाना कोई नहीं, चुनाव आयोग ने बस मैप पर खींच दी लाइन और बन गया नया खाका
MCD Chunav Delhi: तयशुदा वार्डों की संख्या के हिसाब से बस मैप पर लाइन भर खींची है। किसी भी वार्ड की आबादी एक सी नहीं है। कई वार्डों की आबादी में दो गुना तक का फर्क है। हर विधानसभा क्षेत्र में वार्ड संख्या भी अनिश्चित हैै।
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करीब दो महीने में दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने बेशक एमसीडी के वार्डों का खाका तैयार कर लिया है, लेकिन सीमा तय करने में कोई ठोस पैमाना नहीं अपनाया है। तयशुदा वार्डों की संख्या के हिसाब से बस मैप पर लाइन भर खींची है। किसी भी वार्ड की आबादी एक सी नहीं है। कई वार्डों की आबादी में दो गुना तक का फर्क है। हर विधानसभा क्षेत्र में वार्ड संख्या भी अनिश्चित हैै।
मसलन, परिसीमन के दौरान 30 से ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों में बनाए गए वार्डों में जनसंख्या के मामले में बड़ा फर्क है। इन क्षेत्रों के वार्डों में 20 से 35 हजार आबादी कम व ज्यादा है। नरेला विधानसभा क्षेत्र के नरेला वार्ड में आबादी 49,517 है और इसी विधानसभा क्षेत्र के होलंबी कलां वार्ड की आबादी 82,877। मुंडका विधानसभा क्षेत्र के रानीखेड़ा वार्ड में 54,152 और निलोठी वार्ड में 80,162 जनसंख्या है। किराड़ी विधानसभा क्षेत्र के किराड़ी वार्ड में 51,806 और अमन विहार वार्ड में 86,546 जनसंख्या है। नांगलोई जाट विधानसभा क्षेत्र के नांगलोई जाट वार्ड में 52,787 व निहाल विहार में 85,571 जनसंख्या है।
शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र के शालीमार बाग ए वार्ड में 58,093 व पीतमपुरा वार्ड में 80,948 जनसंख्या शामिल है। वजीरपुर विधानसभा क्षेत्र के अशोक विहार वार्ड में 55,773 व वजीरपुर वार्ड में 87,397 जनसंख्या है। मॉडल डाउन विधानसभा क्षेत्र के संगम पार्क वार्ड में 44,674 व कमला नगर वार्ड में 71,189 जनसंख्या में शामिल की गई है।
हरी नगर विधानसभा क्षेत्र के सुभाष नगर वार्ड में 47,824 व हरी नगर वार्ड में 74,461 जनसंख्या है। विकासपुरी विधानसभा क्षेत्र के हस्तसाल वार्ड में 83,484 व शिव विहार वार्ड में 49,343 जनसंख्या शामिल की है।
देवली विधानसभा क्षेत्र के देवली वार्ड में 55,131 व संगम विहार ए वार्ड में 89,899 जनसंख्या, अंबेडकर नगर विधानसभा क्षेत्र के मदनगीर वार्ड में 52,695 व पुष्प विहार वार्ड में 82,509 जनसंख्या और ग्रेटर कैलाश विधानसभा क्षेत्र के चिराग दिल्ली में 77,698 व ग्रेटर कैलाश वार्ड में 45,174 जनसंख्या है। त्रिलोकपुरी विधानसभा क्षेत्र के न्यू अशोक नगर वार्ड में 56,168 व मयूर विहार फेज-एक में 93,381, कृष्णा नगर विधानसभा क्षेत्र के अनारकली वार्ड में 49,180 व जगतपुरी वार्ड में 83,636, गोकलपुर विस क्षेत्र के हर्ष विहार वार्ड में 87,009 व गोकलपुर वार्ड में 44,658 और करावल नगर विधानसभा क्षेत्र के सादत पुर वार्ड में 83,347 व श्रीराम काॅलोनी वार्ड में 42,819 जनसंख्या शामिल की गई है।
24 विधानसभा क्षेत्रों में वार्डों की संख्या प्रभावित
एमसीडी के वार्ड 272 से 250 करने के लिए जारी किए गए परिसीमन के ड्राफ्ट में 24 विधानसभा क्षेत्रों में वार्डों की संख्या प्रभावित हुई है। इस दौरान 23 विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक वार्ड कम किया गया है, जबकि एक विधानसभा क्षेत्र में एक वार्ड बढ़ाया गया है। मुस्ताफाबाद विधानसभा क्षेत्र में पहले चार वार्ड थे, जबकि अब पांच वार्ड बनाए गए हैं। मटियाला में सात से छह, बुराड़ी क्षेत्र में छह से पांच, बादली, उत्तम नगर, नजफगढ़ व देवली में पांच से चार, तिमारपुर, सुल्तानपुर माजरा, मंगोलपुरी, रोहिणी, शालीमार बाग, त्रिनगर, वजीरपुर, सदर बाजार, मादीपुर, राजौरी गार्डन, द्वारका, संगम विहार, त्रिलोकपुरी, कांडली, शाहदरा व सीमापुरी क्षेत्र में चार से तीन वार्ड कर दिए हैं।
सभी वार्डों की सीमा में परिवर्तन किया
परिसीमन आयोग ने एमसीडी के वार्डों की संख्या 272 से 250 करने के दौरान 22 विधानसभा क्षेत्रों में ही नहीं, बल्कि एमसीडी के अधीन आने वाले सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों के वार्डों की सीमा में परिवर्तन किया है। आयोग ने सभी विस क्षेत्रों में नए सिरे से वार्डों का गठन किया है। इस दौरान 24 विधानसभा क्षेत्रों में वार्डों की संख्या कम व ज्यादा की है। इस कारण इन विस क्षेत्रों में वार्डों की सीमा में परिवर्तन होना स्वभाविक था, लेकिन आयोग ने अन्य 44 विधानसभा क्षेत्रों में पहले जितने वार्ड होने के बावजूद उनमें भी वार्डों का इलाका इधर उधर किया है। आयोग ने कई वार्डों के नाम में भी परिवर्तन किया है, जबकि ऐसे अधिकांश वार्डों में 50 प्रतिशत से अधिक पुराने वार्ड वाला इलाका शामिल है। केंद्र ने एमसीडी के वार्ड 272 से कम करे 250 किए हैं। इस कारण वार्डों का नए सिरे से परिसीमन किया है।
विधानसभा क्षेत्रों में जनसंख्या अधिक होने के बावजूद कम वार्ड बनाए
परिसीमन आयोग ने एमसीडी के वार्डों का गठन करने के दौरान विधानसभा क्षेत्रों की जनसंख्या का भी ध्यान नहीं रखा है। आयोग ने दो विधानसभा क्षेत्रों में चार-चार वार्ड बनाए हैं, जबकि उनसे अधिक जनसंख्या वाले छह विधानसभा क्षेत्रों में तीन-तीन वार्ड बना दिए। वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, पटेल नगर विधानसभा क्षेत्र में 2,22,575 जनसंख्या है, जबकि पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र में 2,21,317 जनसंख्या है।
तिमारपुर विधानसभा क्षेत्र में 2,26,714, मंगोलपुरी विधानसभा क्षेत्र में 2,31,907, रोहिणी विधानसभा क्षेत्र में 2,29,041, त्रिलोकपुरी विस क्षेत्र में 2,41,540, कोंडली विधानसभा क्षेत्र में 2,33,716 व सीमापुरी विधानसभा क्षेत्र में 2,36,936 जनसंख्या है। इसके बावजूद पटेल नगर व पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र में चार-चार वार्ड बनाए गए हैं और तिमारपुर, मंगोलपुरी, रोहिणी, त्रिलोकपुरी, कोंडली व सीमापुरी विधानसभा क्षेत्र में तीन-तीन वार्ड बनाए हैं।
तिमारपुर, मंगोलपुरी, रोहिणी, त्रिलोकपुरी, कोंडली व सीमापुरी विधानसभा क्षेत्र में पहले चार-चार वार्ड थे। इस तरह उनमें एक-एक वार्ड कम कर दिया। पटेल नगर व पटपड़गंज विस क्षेत्र में चार-चार वार्ड थे और उनमें अब भी चार-चार वार्ड बनाए हैं।
वार्डों में जनसंख्या एक समान नहीं होने का लोगों को खामियाजा भुगतना पड़ेगा : ममगांई
एमसीडी की निर्माण समिति के पूर्व अध्यक्ष जगदीश ममगांई ने वार्डों के गठन में अनेक अनियमितताएं गिनाई हैं। उन्होंने कहा कि सभी न तो समस्त वार्डों व न ही विधानसभा क्षेत्रों में एक समान जनसंख्या शामिल करने की ओर ध्यान दिया गया। इस कारण वार्डों में जनसंख्या में भारी अंतर हो गया है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि वार्डों में जनसंख्या बराबर नहीं होने का असर भविष्य में विकास कार्य कराने पर पड़ेगा, क्योंकि वार्डों के क्षेत्रफल व जनसंख्या में अंतर होने के बावजूद पार्षदों को एक समान बजट मिलता है। इसी तरह अन्य सुविधाएं और विभिन्न मदों से भी बजट बराबर दिया जाता है। लिहाजा बड़े वार्ड वाले पार्षदों को अपने इलाके में विकास कार्य कराने, समस्याएं दूर कराने और लोगों को सुविधाएं मुहैया कराने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। उन्होंने दिल्ली राज्य चुनाव आयोग से अपील की है कि वह इन अनियमितताओं को दूर करने की दिशा में पहल करे।
वार्डों का परिसीमन करने में भेदभाव का आरोप
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता चौ. चतर सिंह ने एमसीडी के वार्डों के जारी हुए ड्राफ्ट पर दिल्ली राज्य चुनाव आयोग व परिसीमन आयोग को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्डों का परिसीमन करने के दौरान भेदभाव किया गया है। चौ. चतर सिंह ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि सुरक्षित विधानसभा क्षेत्रों में वार्डों की संख्या कम की गई है, जबकि उनमें कई सामान्य श्रेणी के विधानसभा क्षेत्रों से अधिक जनसंख्या है।
उन्होंने इसके पीछे अनुसूचित जाति के लोगों की उनके क्षेत्र में राजनीतिक हिस्सेदारी कम करने का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छह सुरक्षित विधानसभा क्षेत्रों में चार-चार के बजाय तीन-तीन वार्ड बनाए गए हैं। इस मामले में वह आयोग के समक्ष आपत्ति दर्ज कराएंगे।