दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- निगम कर्मचारियों का नहीं, अधिकारियों का रोकें वेतन
अदालत ने कहा कि हो सकता है कि निगम को अपने कर्मचारियों की संख्या को युक्तिसंगत बनाने और समीक्षा करने तथा ऑडिट करने की आवश्यकता हो। अदालत ने कहा कि यदि कटौती करनी है तो शीर्ष स्तर से शुरू करें।
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उत्तर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के आयुक्त ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया कि एमसीडी की कुछ संपत्तियों को लीज पर देने की प्रक्रिया चल रही है और उससे मिलने वाली राशि से सभी श्रेणियों के सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के बकाये का भुगतान किया जाएगा।
दरअसल अदालत ने कर्मचारियों के बकाया राशि का भुगतान न करने पर निगम को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि यह सहन नहीं किया जा सकता कि किसी गरीब कर्मचारी को वेतन नहीं दिया जाता यदि वेतन रोकना है कि पहले उच्चाधिकारियों का वेतन रोका जाए गरीबों का नहीं।
न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई में शामिल उत्तरी एमसीडी के आयुक्त संजय गोयल से पूछा कि बार-बार के आदेश के बावजूद कर्मचारियों के वेतन का भुगतान क्यों नहीं हो रहा। अदालत ने उन्हें जल्द से जल्द आदेश का पालन करने का निर्देश देते हुए कहा कि यह स्वीकार्य नहीं है कि किसी गरीब कर्मचारी को उसके बकाये का भुगतान नहीं किया जाता है।
अदालत ने कहा कि हो सकता है कि निगम को अपने कर्मचारियों की संख्या को युक्तिसंगत बनाने और समीक्षा करने तथा ऑडिट करने की आवश्यकता हो। अदालत ने कहा हमें यकीन है कि आप इस स्थिति से अवगत हैं कि कर्मचारियों को उनका वेतन नहीं मिल रहा है। यदि कटौती करनी है तो शीर्ष स्तर से शुरू करें। वरिष्ठ अधिकारी अपने वेतन का 50 प्रतिशत हिस्सा ले सकते हैं। अदालत ने आयुक्त से पूछा क्या आपको अपना पूरा वेतन मिल रहा है?
अदालत ने आयुक्त को कर्मचारियों और सेवानिवृत्त लोगों के वेतन और पेंशन का भुगतान करने के आदेश का पालन नहीं करने के लिए अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू करने का आग्रह याचिका के जवाब में दो सप्ताह में एक हलफनामा दायर करने के लिए कहा। अदालत ने मामले में अगली सुनवाई आठ जुलाई तय की है।
इससे पहले, दिल्ली उच्च न्यायालय ने उत्तर एमसीडी को निर्देश दिया था कि कर्मचारियों के वेतन और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन का भुगतान नहीं किये जाने के मुद्दे की पड़ताल करने के लिये वह अपनी संपत्तियों की सूची और बैंकों में जमा राशि के बारे में बताए।
एमसीडी के आयुक्त संजय गोयल ने अदालत को आश्वासन दिया कि कर्मचारियों का बकाया चुकाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं और निगम अपनी कुछ संपत्तियों को लीज पर देने की प्रक्रिया में है, जिनकी कीमत अधिक है। उन्होंने अदालत को बताया कि ग्रुप ए के अधिकारियों को वेतन अंत में दिया जाएगा और अन्य को पहले भुगतान किया जा रहा है।
राजस्व सृजन के बारे में उन्होंने कहा कि उन्होंने 37 उच्च मूल्य की संपत्तियों की पहचान की है और दीर्घकालिक लीज 9 संपत्तियों पर देने की प्रक्रिया में हैं जो उन्हें 7-8 करोड़ रुपये राजस्व दे सकते हैं, यदि कोविड-19 स्थिति में सुधार होता है।