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दिल्ली: निवेश के नाम पर मोटा मुनाफा का झांसा देकर करोड़ों की ठगी में मास्टरमाइंड गिरफ्तार, दो साल से पुलिस को दे रही थी चकमा

Tue, 08 Feb 2022 09:15 PM IST
सुशील कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार Updated Tue, 08 Feb 2022 09:15 PM IST
सार

आर्थिक अपराध शाखा की संयुक्त आयुक्त छाया शर्मा ने बताया कि रोहिणी निवासी प्रोमिला जैन व अन्यों ने ठगी की शिकायत आर्थिक अपराध शाखा से की थी। पीड़ितों ने बताया कि एक जानकार के जरिये उनकी मुलाकात बेबी जैन, मनीष सिंह व अन्यों से हुई।

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Mastermind arrested in cheating of crores by pretending to make huge profits in name of investment was dodging police for two years
arrest - फोटो : istock

विस्तार

मल्टी लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) और कमेटी में रुपये निवेश करने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाली महिला को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गुहाना, हरियाणा निवासी बेबी जैन (39) के रूप में हुई है। बेबी इस पूरे षडयंत्र की मास्टर माइंड है। 

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वर्ष 2019 से पुलिस को वह लगातार चकमा दे रही थी। फिलहाल पुलिस को अभी 41 शिकायतें मिली हैं, जिनमें आरोपियों ने करीब 3.60 करोड़ रुपये ठगे हैं। माना जा रहा है कि आरोपियों ने सैकड़ों महिलाओं को निशाना बनाकर उनकी रकम को हड़पा है। आरोपियों ने रोहिणी इलाके में महिलाओं को निशाना बनाकर उनसे करोड़ों रुपये ठगे हैं। ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में कई महिलाओं ने अपने जेवरात भी गिरवी रखकर इनकी स्कीम में रुपये निवेश कर दिया था। पुलिस बेबी की एक दिन की पुलिस रिमांड लेकर उससे पूछताछ कर रही है। इसी मामले में पुलिस 21 दिसंबर को एक आरोपी मनीष सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
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हर माह मोटा मुनाफा का आश्वासन
आर्थिक अपराध शाखा की संयुक्त आयुक्त छाया शर्मा ने बताया कि रोहिणी निवासी प्रोमिला जैन व अन्यों ने ठगी की शिकायत आर्थिक अपराध शाखा से की थी। पीड़ितों ने बताया कि एक जानकार के जरिये उनकी मुलाकात बेबी जैन, मनीष सिंह व अन्यों से हुई। आरोपी ने पीड़िताओं को अपनी एमएलएम स्कीम व दूसरी योजनाओं में पैसा निवेश करने के लिए कहा। पीड़िताओं को आश्वासन दिया गया कि उनको हर माह मोटा मुनाफा दिया जाएगा। जिनके पास पैसा नहीं था, उनसे अपने जेवरात गिरवी रखकर स्कीम में रुपये निवेश करने के लिए कहा गया। कुछ समय तक पीड़िताओं को निवेश के बाद हर माह मुनाफा दिया गया, लेकिन बाद में न तो मुनाफा मिला और न ही उनके रुपये वापस मिले। 
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ज्यादातर महिलाओं से ठगी की
छानबीन के आर्थिक अपराध शाखा ने 19 नवंबर 2019 को इस संबंध में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। इंस्पेक्टर शिव देव सिंह, एसआई संजय व अन्यों की टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बेबी और मनीष सिंह व अन्यों ने रोहिणी की ज्यादातर महिलाओं से ठगी की। इनको सोशल ट्रेड वैब वर्क, ईपीसी वॉलेट, ऑरेंज ग्रुप, संपर्क फूड बाजार और क्लीक ओ क्लीक व कमेटियों के जरिये महिलाओं से निवेश करवाया।

राजस्थान से किया गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस को 41 शिकायतकर्ता महिलाएं मिलीं, जिनसे 3.60 करोड़ रुपये ठगे थे। पुलिस ने छानबीन के बाद 21 दिसंबर 2021 को आरोपी मनीष को गिरफ्तार कर लिया। बेबी जैन लगातार पुलिस को चकमा देती रही। पुलिस हरियाणा, यूपी और राजस्थान में उसकी तलाश करती रही। इस बीच जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बेबी वृंदावन, मथुरा में मौजूद है। एक टीम को तुरंत वहां भेजा गया, लेकिन वहां से भी वह फरार हो गए। काफी प्रयास के बाद पुलिस ने बेबी को दौसा, राजस्थान से रविवार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध कबूल कर लिया। आर्थिक अपराध शाखा की टीम उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।


कौन है पकड़ी गई महिला बेबी जैन
मूलरूप से गुहाना, हरियाणा की रहने वाली बेबी जैन परिवार के साथ वर्ष 1995 में दिल्ली आई थी। उसके पिता का अपना कारोबार था। यहां आने के बाद उसने आजादपुर के स्कूल से पढ़ाई की। इसके बाद 2001 में उसकी शादी हो गई। उसने बुध विहार और रोहिणी इलाके में अपना ब्यूटी पार्लर खोल लिया। लेकिन उम्मीद के मुताबिक उसका काम नहीं चला। 2016 में वह बाकी आरोपियों के संपर्क में आई। शुरुआत में उसने खुद ही इनकी स्कीम में निवेश कर ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को निवेश के लिए कहा। 2017 में सोशल ट्रेड और वैब वर्क बंद हो गई। इस कंपनी के खिलाफ नोएडा में कई मामले दर्ज हुए। नोएडा पुलिस ने वैब वर्क के कई निदेशकों को गिरफ्तार भी कर लिया। इन कंपनियों के बंद होने के बाद बेबी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर दोबारा महिलाओं से निवेश करवाकर ठगी की। तभी से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।

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