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डीयू: नए सत्र से खत्म होगा एमफिल कार्यक्रम, दिल्ली विश्लविद्यालय ने जारी की अधिसूचना, शिक्षाविदों ने जताया विरोध
Fri, 28 Jan 2022 07:26 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 28 Jan 2022 07:26 PM IST
सार
डीयू जारी अधिसचूना के मुताबिक, दिल्ली विश्वविद्यालयों के विभिन्न विभागों में चल रहा एमफिल कार्यक्रम नए सत्र से समाप्त हो जाएगा। इस फैलसे को सक्षम प्राधिकारी की सहमति से लिया गया है। वहीं, नए फैसले का विरोध जताते हुए डीयू की कार्यकारी परिषद की पूर्व सदस्य आभा देव हबिब ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत एमफिल को बंद किया जा रहा है।
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Delhi University
- फोटो : Social Media
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विस्तार
दिल्ली विश्वविद्यालय(डीयू) में 2022-23 के नए सत्र से मास्टर ऑफ फिलॉस्फी (एमफिल) कार्यक्रम समाप्त हो जाएगा। इस संबंध में डीयू ने अधिसूचना जारी कर दी है। नया फैसला नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति(एनईपी) के तहत लिया गया है। वहीं, दूसरी ओर डीयू के नए फैसले पर शिक्षाविदों से लेकर अकादमिक काउंसिल के सदस्यों ने विरोध जताया है।
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डीयू जारी अधिसचूना के मुताबिक, दिल्ली विश्वविद्यालयों के विभिन्न विभागों में चल रहा एमफिल कार्यक्रम नए सत्र से समाप्त हो जाएगा। इस फैलसे को सक्षम प्राधिकारी की सहमति से लिया गया है। वहीं, नए फैसले का विरोध जताते हुए डीयू की कार्यकारी परिषद की पूर्व सदस्य आभा देव हबिब ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत एमफिल को बंद किया जा रहा है। पीएचडी की तुलना में एमफिल कार्यक्रम अल्प अवधि के लिए अनुसंधान की डिग्री होती है जो कि किसी भी छात्र को उनके रेज्यूम में अनुसंधान कार्य को जोड़ने का काम करती है।
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उन्होंने कहा कि इस बात को सामाजिक वैज्ञानिकों ने भी माना है कि एमफिल डिग्री वाले छात्रों ने पीएचडी में बेहतर किया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि एमफिल डिग्री को किसी जरूरी महत्व के लिए नहीं बल्कि नई शिक्षा नीति के तहत समाप्त किया जा रहा है। नया फैसला छात्रों को वास्तविक विकल्पों को छीन रहा है। उन्होंने कहा कि पिछड़ी पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र व महिलाएं एमफिल डिग्री को शोध डिग्री के रूप में देखते हैं, जो शिक्षण कार्य के लिए इस डिग्री का इस्तेमाल करते हैं।
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वहीं, अकादमिक काउंसिल के सदस्य मिठुराज धुसिया ने कहा कि एमफिल कोर्स ने कई पीढ़ियों से डीयू व अन्य विश्वविद्यालयों में मजबूत पाठयक्रम और उच्च शोध के परिचय के साथ अनुसंधान योग्यता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एमफिल की डिग्री अन्य उच्च डिग्रियों के बीच अपने आप में एक अलग डिग्री रही है। ऐसे में यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नई शिक्षा नीति के तहत एमफिल को समाप्त किया जा रहा है।