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लुटियंस की दिल्ली : अशोक रोड पर जामुन और तीन मूर्ति पर मिलेगी इमली 

Thu, 05 May 2022 05:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा विनोद डबास, नई दिल्ली
विनोद डबास, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 05 May 2022 05:43 AM IST
सार

नई दिल्ली इलाके में एक सड़क पर एक ही प्रजाति के लगे हैं पेड़, अंग्रेजों ने बनाई थी इस तरह की कार्ययोजना।

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Lutyens Delhi: you will find Jamun on Ashoka Road and tamarind on Teen Murti
मंदिर मार्ग पर लगे पीपल के पेड़... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इस बार पहली बारिश में अगर आपको लुटियंस दिल्ली में जामुन खानी है तो राजाजी मार्ग व मोतीलाल नेहरू मार्ग और अशोक रोड, फिरोजशाह रोड व तुगलक रोड सरीखी सड़कों पर जाना बेहतर होगा। यदि इमली पसंद है तो तिलक मार्ग, बाबा खड़क सिंह व तीन मूर्ति मार्ग पर जा सकते हैं। इन सड़कों पर आपको जामुन व इमली आसानी से मिल जाएगी।

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लुटियंस दिल्ली की सड़कों पर एक ही प्रजाति के पेड़ लगे हैं। एक सड़क पर एक किस्म के पौधे लगाने की योजना आजादी से पहले ब्रिटिश सरकार ने तैयार की थी। आज भी उसी कार्ययोजना पर दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) काम कर रही है। इसमें एक सड़क पर एक ही प्रजाति के पौधे लगाए जाते हैं। इससे पौधों की देखरेख में सहूलियत रहती है। एक किस्म के पौधे होने से मिट्टी, खाद, कीटनाशक समेत देखरेख की दूसरी व्यवस्थाओं में बदलाव नहीं करना पड़ता है।
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एनडीएमसी अधिकारियों कहना है कि ब्रिटिश काल की कार्ययोजना में अभी तक कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, मेट्रो की अंडरग्राउंड लाइन डालने से कुछ सड़कों के किनारे दूसरी प्रजाति के पेड़ लगाने पड़े हैं। वजह यह है कि मेट्रो की खुदाई के दौरान मिट्टी की प्रकृति में बदलाव आ गया है। ऊपर की मिट्टी नीचे और नीचे की मिट्टी ऊपर हो गई है। नतीजतन, इन सड़कों पर मिट्टी की सतह बदली है। इनमें मुख्य तौर पर मंडी हाउस चौक समेत रफी मार्ग, सिकंदर रोड, बाराखंभा रोड शामिल हैं। बाकी सड़कों पर अग्रेंजों के एक्शन प्लान पर काम हो रहा है।
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1911 में रखी गई थी नई दिल्ली की नींव
देश की पहली राजधानी कोलकाता हुआ करती थी। दिसंबर 1911 में अंग्रेजों ने नई दिल्ली में राजधानी की नींव रखी। 13 फरवरी 1931 को इसे तैयार कर लिया गया था। इस बीच नई दिल्ली में हरित क्षेत्र का भी विकास किया गया। इसमें सड़कों के किनारे पौधे लगानेे की कार्ययोजना बनाई गई। इसके मुताबिक, एक सड़क पर एक ही प्रजाति के पौधे लगाए जाने थे। इस तरह नई दिल्ली में एक रोड के किनारे विभिन्न प्रकार के पेड़ नहीं, बल्कि एक रोड पर एक ही प्रकार के पेड़ लगे हुए है।

शुरुआत में ही आठ-दस किस्म के लगे थे पौधे
शुरुआत में आठ-दस प्रकार के पौधे लगाए गए थे। इनमें नीम, जामुन, इमली, अर्जुन, पीपल, पिलखन, बहेड़ा आदि शामिल थे। छायादार होने के साथ इनमें से कई पौधे फल भी देते थे। इस वक्त इन सड़कों पर जब कभी आंधी समेत दूसरी वजहों से पेड़ टूट जाता है तो एनडीएमसी भी उसी किस्म के पौधे लगाती है, जो पहले से थे।


सड़कों पर लगे पेड़ों का ब्योरा

  • नीम : पृथ्वीराज रोड, शाहजहां रोड, लोदी रोड, सफदरजंग रोड, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम रोड, कमाल अतातुर्क मार्ग, अरविंदो मार्ग, संसद मार्ग, रेडक्रास रोड, कस्तूरबा गांधी मार्ग, तालकटोरा रोड और जंतर-मंतर रोड।
  • जामुन : अशोक रोड, राजाजी मार्ग, मोतीलाल नेहरू मार्ग, फिरोजशाह रोड, तुगलक रोड एवं कृष्णा मेनन मार्ग और इंडिया गेट व बोट क्लब।
  • इमली : तिलक मार्ग, अकबर रोड, बाबा खड़क सिंह मार्ग एवं तीन मूर्ति मार्ग।
  • अर्जुन : जनपथ, पार्क स्ट्रीट, बाबा खड़क सिंह मार्ग, तीन मूर्ति मार्ग एवं महर्षि रमन मार्ग।
  • पीपल : सरदार पटेल मार्ग, मंदिर मार्ग, मदर टरेसा क्रिसेंट एवं पंचशील मार्ग।
  • मौल श्री : सान मार्टिन मार्ग।
  • पिलखन : डा. जाकिर हुसैन मार्ग एवं नीति मार्ग।
  • बहेड़ा : राजेंद्र प्रसाद रोड।
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